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राज शेखर की कविताएं: प्रेम, बारिश और इंक़लाब

राज शेखर की कविताएं: प्रेम, बारिश और इंक़लाब

राजशेखर के शब्दों को दुनिया ने सबसे पहले सुना ‘तनु वेड्स मनु’ में. ‘जुगणी’, ‘रंगरेज़’ और ‘यूं ही’ जैसे गीतों की मिठास ने सुननेवालों के दिलों में जगह बना ली. लेकिन मेरा दिल आया था ‘मन्नु भैया’ पर. गाने के बोल थे, “अंबिया, इलाइची, दालचीनी और केसर / सुखाएगी तन्नु करोलबाग की छत पर / … और पढ़ें राज शेखर की कविताएं: प्रेम, बारिश और इंक़लाब

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एक कविता रोज़: सुनिए विष्णु खरे की क्रिकेट पर कविता 'कवर ड्राइव' उन्हीं की आवाज़ में

एक कविता रोज़ दी लल्लनटॉप की सीरीज है जो आपको बेहतरीन कविताओं से रूबरू कराती है. इस कड़ी में सुनिए विष्णु खरे की कविता 'कवर ड्राइव'.
 

एक कविता रोज़: सुनिए विष्णु खरे की क्रिकेट पर कविता 'कवर ड्राइव' उन्हीं की आवाज़ में

एक कविता रोज़ दी लल्लनटॉप की सीरीज है जो आपको बेहतरीन कविताओं से रूबरू कराती है. इस कड़ी में सुनिए विष्णु खरे की कविता 'कवर ड्राइव'.
 
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जवाहरलाल नेहरू का वो शायर दोस्त, जो कहता था कि नेहरू को आधी अंग्रेज़ी आती है

जवाहरलाल नेहरू का वो शायर दोस्त, जो कहता था कि नेहरू को आधी अंग्रेज़ी आती है

“आने वाली नस्लें तुम पर रश्क करेंगी हम असरों जब भी उनको ध्यान आएगा, तुमने फ़िराक़ को देखा है” ये शे’र शायर ने खुद के लिए लिखा है. आलोचक इसमें खुदपसंदी की इंतेहा खोज सकते हैं. आत्ममुग्धता के, घमंडीपन के इल्ज़ाम लगा सकते हैं. ऐसे इल्ज़ाम सच के कितने करीब होंगे हम नहीं जानते. हम … और पढ़ें जवाहरलाल नेहरू का वो शायर दोस्त, जो कहता था कि नेहरू को आधी अंग्रेज़ी आती है

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प्रेम तुझे छोड़ेगा नहीं, वह तुझे खुश और तबाह करेगा

प्रेम तुझे छोड़ेगा नहीं, वह तुझे खुश और तबाह करेगा

आज़ादी से 10 दिन पहले आ गए दुनिया में. 5 अगस्त 1947. जगह-गढ़वाल, उत्तराखंड. नाम-वीरेन डंगवाल. पाब्लो नेरूदा, बर्टोल्ट ब्रेख्त और वास्को पोपा की लिखी कालजयी रचनाओं का अनुवाद किया. ख़ुद इनकी रचनाओं का अनुवाद भी बांग्ला, मराठी, पंजाबी, अंग्रेज़ी, मलयालम और उड़िया में छपा. ख़ूब लिखा और बड़े अख़बार के संपादक भी रहे. ज़िंदगी … और पढ़ें प्रेम तुझे छोड़ेगा नहीं, वह तुझे खुश और तबाह करेगा

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एक कविता रोज़: कोरोना महामारी की त्रासदी पर लिखी इस कविता को सुनिए

एक कविता रोज़ दी लल्लनटॉप की सीरीज है जो आपको बेहतरीन कविताओं से रूबरू कराती है. इस कड़ी में सुनिए IPS विनय तिवारी की कोरोना महामारी पर लिखी कविता 'तमस के पार', जिसे वो खुद सुना रहे हैं. विनय तिवारी ने महामारी की त्रासदी और उस पर विजय पाने की एक कल्पना काव्य के माध्यम से की है. देखिए वीडियो.

एक कविता रोज़: कोरोना महामारी की त्रासदी पर लिखी इस कविता को सुनिए

एक कविता रोज़ दी लल्लनटॉप की सीरीज है जो आपको बेहतरीन कविताओं से रूबरू कराती है. इस कड़ी में सुनिए IPS विनय तिवारी की कोरोना महामारी पर लिखी कविता 'तमस के पार', जिसे वो खुद सुना रहे हैं. विनय तिवारी ने महामारी की त्रासदी और उस पर विजय पाने की एक कल्पना काव्य के माध्यम से की है. देखिए वीडियो.

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कारवां गुज़र गया, गुबार देखते रहे!

कारवां गुज़र गया, गुबार देखते रहे!

कुछ लोगों की नज़रों में सन्त-कवि और अन्य की नज़रों में निराश और मृत्युवादी पद्मश्री गोपालदास ‘नीरज’ जी का जन्म 04 जनवरी 1925 को इटावा, उत्तर प्रदेश में हुआ था. 19 जुलाई, 2018 को दिल्ली में उनका निधन हुआ. नीरज जी के ढेरों काव्य-संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं जिनमें ‘दर्द दिया’, ‘प्राण गीत’, ‘आसावरी’, ‘बादर … और पढ़ें कारवां गुज़र गया, गुबार देखते रहे!

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एक कविता रोज़: तीन से ज्यादा विकल्प होते हुए भी मैंने कहा, 'पता नहीं'

एक कविता रोज़: तीन से ज्यादा विकल्प होते हुए भी मैंने कहा, 'पता नहीं'

एक कविता रोज़ दी लल्लनटॉप की सीरीज है जो आपको बेहतरीन कविताओं से रूबरू कराती है. इस कड़ी में सुनिए परमानन्द रमन की कविता ‘पता नहीं’ . परमानन्द रमन जी केन्द्रीय विद्यालय ए.एस.सी सेंटर, बैंगलुरू में कला के शिक्षक हैं. और कविताएं लिखते हैं. पता नहीं मैंने हमेशा बीने हुए फूल ही दिये ले जाकर अपनी प्रेमिका को जीवित … और पढ़ें एक कविता रोज़: तीन से ज्यादा विकल्प होते हुए भी मैंने कहा, ‘पता नहीं’

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पढ़ी है नमाज, पढ़ा है कुरआन, रोज़े भी रखे हैं, जानता हूं

पढ़ी है नमाज, पढ़ा है कुरआन, रोज़े भी रखे हैं, जानता हूं

काज़ी नज़रुल इस्लाम– ये सिर्फ बांग्ला साहित्य का ही नही बल्कि विश्व साहित्य का एक मशहूर नाम है. नज़रुल सिर्फ कवि ही नहीं थे बल्कि उतने ही जरूरी दार्शनिक और ऐक्टिविस्ट भी थे. जिसे सही मायने में क्रांतिकारी कहा जा सके. ऐसा क्रांतिकारी  जो हमेशा मानवाधिकारों के लिए खड़ा रहा, रूढ़ियों के खिलाफ लड़ता रहा. … और पढ़ें पढ़ी है नमाज, पढ़ा है कुरआन, रोज़े भी रखे हैं, जानता हूं

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'स्लो सुसाइड यानी एक आराम की मौत मर रहे हैं लोग'

'स्लो सुसाइड यानी एक आराम की मौत मर रहे हैं लोग'

आज शिव कुमार बटालवी (23 जुलाई 1936 – 06 मई 1973) का जन्मदिन है. इन्हें आज भी पंजाब में सुपरस्टार का दर्जा मिला हुआ है. पहला और शायद एकमात्र सुपर स्टार शायर. जैसे बॉलीवुड के राजेश खन्ना. उस शायर के लिखे हुए गीत – अज्ज दिन चढ्या, इक कुड़ी जिद्दा नां मुहब्बत, मधानियां, लट्ठे दी चादर, … और पढ़ें ‘स्लो सुसाइड यानी एक आराम की मौत मर रहे हैं लोग’

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एक कविता रोज़: आज सुनिए कुंवर नारायण की कविता

हिंदी कवि कुंवर नारायण (19 सितम्बर 1927 – 15 नवंबर 2017) की कविता “आंकड़ों की बीमारी” पढ़िए. जब हम और आप रोज़ संख्याओं को देखकर कुछ डर और कुछ राहत पा रहे हैं, तो ये कविता थोड़ी ज़रूरी होती है. देखिए वीडियो.

एक कविता रोज़: आज सुनिए कुंवर नारायण की कविता

हिंदी कवि कुंवर नारायण (19 सितम्बर 1927 – 15 नवंबर 2017) की कविता “आंकड़ों की बीमारी” पढ़िए. जब हम और आप रोज़ संख्याओं को देखकर कुछ डर और कुछ राहत पा रहे हैं, तो ये कविता थोड़ी ज़रूरी होती है. देखिए वीडियो.