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अयोध्या निर्णय: सुप्रीम कोर्ट में शिया पक्ष का पक्ष खारिज होने के पीछे की असली वजह

9 नवंबर, 2019 को अयोध्या मामले का फैसला आया सुप्रीम कोर्ट में. पांच जजों की बेंच ने सर्वसम्मति से फैसला दिया. विवादित ज़मीन पर रामलला का दावा माना गया. ये ज़मीन केंद्र सरकार के मार्फ़त राम मंदिर के लिए बनाए जाने वाले ट्रस्ट को दी जाएगी. शिया वक़्फ बोर्ड की याचिका को अदालत ने ख़ारिज़ कर दिया. क्यों, इस वीडियो में देखिए.

 

अयोध्या निर्णय: सुप्रीम कोर्ट में शिया पक्ष का पक्ष खारिज होने के पीछे की असली वजह

9 नवंबर, 2019 को अयोध्या मामले का फैसला आया सुप्रीम कोर्ट में. पांच जजों की बेंच ने सर्वसम्मति से फैसला दिया. विवादित ज़मीन पर रामलला का दावा माना गया. ये ज़मीन केंद्र सरकार के मार्फ़त राम मंदिर के लिए बनाए जाने वाले ट्रस्ट को दी जाएगी. शिया वक़्फ बोर्ड की याचिका को अदालत ने ख़ारिज़ कर दिया. क्यों, इस वीडियो में देखिए.

 
भैरंट

नरेंद्र मोदीः मंदिर आंदोलन, प्रधानमंत्री की कुर्सी और सुप्रीम कोर्ट का फैसला

नरेंद्र मोदीः मंदिर आंदोलन, प्रधानमंत्री की कुर्सी और सुप्रीम कोर्ट का फैसला

नरेंद्र मोदी. देश के प्रधानमंत्री. ऐसे वक्त में हैं, जब अयोध्या में राम मंदिर बनाने के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया है. फैसले के बाद बतौर प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया. फैसले पर खुशी जताई. कहा कि फैसला नया सवेरा लाया है. लेकिन इस नए सवेरे के पीछे दूसरे संगठनों … और पढ़ें नरेंद्र मोदीः मंदिर आंदोलन, प्रधानमंत्री की कुर्सी और सुप्रीम कोर्ट का फैसला

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बाबरी मस्जिद विध्वंस के अगले दिन PM पीवी नरसिम्हा राव ने संसद में क्या कहा?

6 दिसंबर, 1992. वो दिन जब बाबरी मस्जिद को ढहाया गया था, तब पी. वी. नरसिम्हा राव देश के प्रधानमंत्री थे. राव ने अगले दिन यानी 7 दिसंबर, 1992 को संसद में भाषण दिया. भाषण में राव ने कई बार राज्य सरकार और मुख्यमंत्री का ज़िक्र किया है. वो उत्तर प्रदेश की BJP गवर्नमेंट और वहां के मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की बात कर रहे हैं.

बाबरी मस्जिद विध्वंस के अगले दिन PM पीवी नरसिम्हा राव ने संसद में क्या कहा?

6 दिसंबर, 1992. वो दिन जब बाबरी मस्जिद को ढहाया गया था, तब पी. वी. नरसिम्हा राव देश के प्रधानमंत्री थे. राव ने अगले दिन यानी 7 दिसंबर, 1992 को संसद में भाषण दिया. भाषण में राव ने कई बार राज्य सरकार और मुख्यमंत्री का ज़िक्र किया है. वो उत्तर प्रदेश की BJP गवर्नमेंट और वहां के मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की बात कर रहे हैं.

भैरंट

मंदिर ट्रस्ट बनाएगा, फिर विहिप के तराशे गए पत्थरों का क्या होगा?

मंदिर ट्रस्ट बनाएगा, फिर विहिप के तराशे गए पत्थरों का क्या होगा?

9 नवंबर, 2019. सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि अयोध्या की विवादित ज़मीन पर मंदिर बनेगा. इसके लिए केंद्र सरकार को तीन महीने के अंदर एक ट्रस्ट का गठन करना होगा, जो मंदिर बनाने की रूपरेखा तैयार करेगा. सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से साफ है कि मंदिर बनाने का जिम्मा ट्रस्ट के ही पास … और पढ़ें मंदिर ट्रस्ट बनाएगा, फिर विहिप के तराशे गए पत्थरों का क्या होगा?

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सुप्रीम कोर्ट ने सुन्नी वक्फ बोर्ड को 5 एकड़ जमीन क्यों दी?

सुप्रीम कोर्ट ने सुन्नी वक्फ बोर्ड को 5 एकड़ जमीन क्यों दी?

साल 2010. राम जन्मभूमि विवाद पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला आया. इस फैसले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमीन के तीन टुकड़े करके केस के तीन वादियों में बांट दिया. लेकिन यह फैसला ना तो रामलला विराजमान को स्वीकार था और ना ही सुन्नी वक्फ बोर्ड और निर्मोही अखाड़े को. ऐसे में केस के देश की … और पढ़ें सुप्रीम कोर्ट ने सुन्नी वक्फ बोर्ड को 5 एकड़ जमीन क्यों दी?

भैरंट

अयोध्या केस की सुनवाई के दौरान जब फैसले की बात छोड़कर हिंदू धर्म पर लंबी चर्चा होने लगी

अयोध्या केस की सुनवाई के दौरान जब फैसले की बात छोड़कर हिंदू धर्म पर लंबी चर्चा होने लगी

फैसले में हिंदू धर्म पर भी डिटेल में चर्चा हुई. जजमेंट के सोलहवें पन्ने में एक पुराने केस का जिक्र किया गया है. जिसको कोट करते हुए ये बताया गया है कि हिंदू धर्म असल में है क्या. और दूसरे धर्मों से कितना अलग है. 29वें अनुच्छेद में दर्ज किया गया है: ‘इस कोर्ट ने … और पढ़ें अयोध्या केस की सुनवाई के दौरान जब फैसले की बात छोड़कर हिंदू धर्म पर लंबी चर्चा होने लगी

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अयोध्या पर फैसलाः पीएम मोदी ने क्यों किया बर्लिन की दीवार गिरने का जिक्र

अयोध्या पर फैसलाः पीएम मोदी ने क्यों किया बर्लिन की दीवार गिरने का जिक्र

अयोध्या राम जन्मभूमि- बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है. इस फैसले के साथ ही अयोध्या का 134 साल पुराना ज़मीन विवाद खत्म होता नज़र आ रहा है. मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच ने की थी. लगातार 40 दिनों तक. 16 अक्टूबर को सुनवाई खत्म हुई. … और पढ़ें अयोध्या पर फैसलाः पीएम मोदी ने क्यों किया बर्लिन की दीवार गिरने का जिक्र

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सुप्रीम कोर्ट ने 1200 साल पुरानी इस किताब के आधार पर बताया, राम कहां पैदा हुए थे

सुप्रीम कोर्ट ने 1200 साल पुरानी इस किताब के आधार पर बताया, राम कहां पैदा हुए थे

9 नवंबर, 2019. सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की पीठ ने अयोध्या विवाद पर अंतिम फैसला सुनाया. पहले तो कोर्ट ने अपने विवादित भूमि पर सुन्नी वक्फ बोर्ड का दावा खारिज किया और कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ ज़मीन कहीं और दी जाए. सुप्रीम कोर्ट ने निर्मोही अखाड़े का दावा भी खारिज किया और कहा … और पढ़ें सुप्रीम कोर्ट ने 1200 साल पुरानी इस किताब के आधार पर बताया, राम कहां पैदा हुए थे

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मुस्लिम पक्ष के वकीलों ने रामलला और हिन्दू आस्था के बारे में क्या कहा था?

मुस्लिम पक्ष के वकीलों ने रामलला और हिन्दू आस्था के बारे में क्या कहा था?

अयोध्या मामले में सुनवाई और फैसला तो सब हो चुका है. मोटामोटी बात ये कि केंद्र सरकार को ट्रस्ट बनाकर अयोध्या में विवादित स्थल पर मंदिर का निर्माण करवाना है. ज़मीन का मालिकाना रामलला विराजमान के पास. निर्मोही अखाड़े का दावा कैंसिल. और अयोध्या में मस्जिद के लिए सुन्नी वक्फ बोर्ड को अयोध्या में ही … और पढ़ें मुस्लिम पक्ष के वकीलों ने रामलला और हिन्दू आस्था के बारे में क्या कहा था?

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अयोध्या: शिया 24,964 दिन लेट पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, इसलिए ख़ारिज हुआ दावा

अयोध्या: शिया 24,964 दिन लेट पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, इसलिए ख़ारिज हुआ दावा

9 नवंबर, 2019 को अयोध्या मामले का फैसला आया सुप्रीम कोर्ट में. पांच जजों की बेंच ने सर्वसम्मति से फैसला दिया. विवादित ज़मीन पर रामलला का दावा माना गया. ये ज़मीन केंद्र सरकार के मार्फ़त राम मंदिर के लिए बनाए जाने वाले ट्रस्ट को दी जाएगी. कोर्ट ने तीन महीने के अंदर ट्रस्ट बनाने का … और पढ़ें अयोध्या: शिया 24,964 दिन लेट पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, इसलिए ख़ारिज हुआ दावा