सिडनी में सीरीज के चौथे और आखिरी टेस्ट में फिर से मयंक अग्रवाल ने वो कर दियाजिसकी इंडिया को सबसे ज्यादा जरूरत थी. यानी ओपनिंग बढ़िया की. मयंक ने 112 गेंदोंपर 77 रन मार दिए और इंडिया का स्कोर 126/2 हो गया. इंडिया का पहला विकेट के एलराहुल का 10 के स्कोर पर गिर गया मगर मयंक ने पुजारा के साथ मिलकर 116 रन जोड़ दिएऔर वो आउट हुए तो स्कोर 126 हो चुका था. इंडिया ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने काफैसला लिया जिसे मयंक ने सही साबित कर दिया. 77 रनों की इस पारी में मयंक ने 7 चौकेऔर दो शानदार छक्के मारे. नेथल लायन के ओवर में दो गेंदों पर दो छक्के मारने केचक्कर में वो बाउंड्री पर लपके गए.Another half-century for Mayank Agarwal! He's taken 96 balls to get there.India 1-91📺 Watch LIVE on Fox Cricket & 📰 join our match centre: https://t.co/seDJz2Ba9X#AusvIndpic.twitter.com/0xscRFx5nA— Fox Cricket (@FoxCricket) January 3, 2019इससे पहले इंडिया ने एडिलेड टेस्ट जीता. पर्थ वाला मैच हारे. मेलबर्न में तीसराटेस्ट हुआ. दोनों ही मैचों में एक दिक्कत जो टीम इंडिया पर सबसे ज्यादा भारी पड़ीवो थी सलामी जोड़ी का फ्लॉप शो. दोनों ही मैचों मे ओपनिंग करने आए केएल राहुल औरमुरली विजय अच्छी शुरुआत नहीं दे सके थे. फिर तीसरे मैच से पहले टीम की घोषणा हुईतो दोनों ओपनरों की छुट्टी हो गई. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में छाए हुए मयंक अग्रवालके साथ हनुमा विहारी के ओपनिंग करने की बात कही गई. और ये फैसला एकदम सही साबितहुआ. दोनों के बीच पहले विकेट के लिए भले 40 रनों की पार्टनरशिप हुई. मगर पहलाविकेट गिरा 19वें ओवर में. माने नई गेंद का डर खत्म होने के बाद. यहां हनुमा विहारीने ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजों के खूब छकाया. 66 बॉलों पर 8 रन बनाए.और अब बात करते हैं हीरो ऑफ द डे की. मयंक अग्रवाल की. बंदा आते ही छा गया है. बड़ेदिनों से ओपनिंग में पड़े सूखे को मिटा दिया है. टेस्ट क्रिकेट में भारत की तरफ सेखेले पहले ही मैच में मयंक ने पचासा जड़ दिया है. बता दिया है कि फर्स्ट क्लास मेंउनका 49.98 का एवरेज ऐसे ही नहीं है. यू ही नहीं उनको फर्स्ट क्लास का वीरेंद्रसहवाग कहा जाता है. मयंक इस इनिंग में अब तक 65 रन बना चुके हैं. 141 गेंदें खेलकर.टीम इंडिया का स्कोर भी 100 प्लस माने 112 रन हो गया है. एक विकेट खोकर. इसके लिएमयंक बाबा की जय हो कहना चाहिए. वरना तो अब तक 2 विकेट कंपलसरी से लगने लगे थे.मयंक सहवाग को प्रेरणा का स्रोत बताते हैं. वैसे वो कई खिलाड़ियां के मुरीद हैं.करारा जवाब दिया हैअब मयंक के बारे में आगे कुछ बताने से पहले आपको मैच शुरू होने के वक्त का एक वाकयाबताते हैं. मयंक जब सुबह बैटिंग करने आए तो टीवी पर ऑस्ट्रेलिया के कमेंटेटर उनकीमौज ले रहे थे. कह रहे थे कि मयंक ने अपनी ट्रिपल सेंचुरी रेलवे किचन स्टाफ केखिलाफ मारी थी. रणजी ट्रॉफी का भी मजाक उड़ा रहे थे. और अब मौज ली है मयंक ने.ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले ही मैच में पचासा जड़के. बता दिया कि रेलवे का किचनस्टाफ हो या ऑस्ट्रेलिया की इंटरनैशनल टीम. बंदा सबको एक ही तराजू से तौलता है. कोईभेदभाव नहीं.और क्या कमाल किए मयंक ने# मयंक अग्रवाल इस पचासे के साथ दूसरे भारतीय खिलाड़ी हैं जिसने ऑस्ट्रेलिया कीधरती पर टेस्ट डेब्यू करते हुए पचासा मारा है. पहले भारतीय बल्लेबाज थे दत्तूफाड़कर जिन्होंने एससीजी के मैदान में दिसंबर 1947 में 51 रन बनाए थे.मयंक फर्स्ट क्लास के सहवाग माने जाते हैं.# मयंक इस हाफ सेंचुरी के साथ ही ऑस्ट्रेलिया में डेब्यू करते हुए सबसे ज्यादा रनबनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए हैं. सबके मन में अब यही आ रहा होगा कि लड़का सेंचुरीऔर मार दे तो बस दिन बन जाए. पैसा वसूल हो जाए...मयंक की हिस्ट्री भी जान लीजिएमयंक बचपन से ही क्रिकेट खेल रहे हैं. बेंगलुरु के बिशप कॉटन बॉयज़ स्कूल में पढ़ाईकरते वक्त ही वे अंडर-13 टीम में आ गए थे. जब मयंक 15 साल के हुए तो उनको मॉडर्नक्रिकेट क्लब ने एक लीग गेम के लिए सेलेक्ट किया. इससे वो इतना जुशिया गए कि दौड़तेवक्त एक बिजली के खंभे से भिड़ गए. आंख में चोट आ गई. इसके बावजूद वो अगले दिन खेलेऔर 150 रन ठोक दिए. सबको पता चल गया कि लड़का स्पेशल है.मयंक शुरुआत से ही विस्फोटककिस्म के बैट्समैन रहे हैं. वही सहवाग स्टाइल. इसीलिए उन्हें थोड़ा शांत बनाने केलिए उनके पिता अनुराग अग्रवाल ने उनको विपश्यना यानि मेडिटेशन की क्लास भी जॉइनकरवाई थी. और ये अग्रवाल के बहुत काम आई.इसके बाद मयंक अंडर-19 खेले और यहां भीचले. 2008-09 की अंडर-19 कूच बिहार ट्रॉफी में भी तगड़ा खेले. फिर 2010 में ICCअंडर-19 वर्ल्ड कप टीम में उनका सेलेक्शन हुआ. उस वर्ल्ड कप में मयंक ने इंडिया कीतरफ से सबसे ज्यादा रन बनाए और सबकी नजरों में आ गए. फिर वो कर्नाटक की टीम से रणजीऔर फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेलते रहे. मयंक इंडिया-ए का भी हिस्सा बने, जिसे राहुलद्रविड़ कोचिंग देते हैं. राहुल ने मयंंक के खेल को और बेहतर बनाने में काफी मददकी. RCB के दिनों की मयंक की एक तस्वीरफिर IPL में तो लड़का छाया ही रहता है. 2011 से 2013 के बीच रॉयल चैलेंजर्सबेंगलुरु के लिए खेले. 2014 से 2016 तक दिल्ली डेयरडेविल्स में रहे और 2017 मेंराइज़िंग पुणे सुपरजाइंट्स में थे. 2015 में इस तरह की खबरें थीं कि मयंक को इंडियाकी टी-20 टीम में जगह मिल सकती है. हालांकि, ऐसा खुलकर किसी ने नहीं कहा था. फिरमयंक को तो नहीं, लेकिन मनीष पांडेय को ज़रूर टी-20 टीम में जगह मिल गई. फिर2017-18 के रणजी सीजन में कर्नाटक की तरफ से खेलते हुए मयंक ने सबसे ज्यादा 1160 रनबनाए. आठ मैचों में. पांच शतक और 2 फिफ्टी मारी थी. एक बार फिर चला कि अब तो मयंककी जगह टीम में पक्की. मगर मयंक को एक बार फिर निराशा मिली. कुछ महीने पहले मयंक नेये तक कह दिया था - जो भी होना है, वो होगा ही...और तीसरे टेस्ट में जो हुआ, उससे अच्छा क्या हो सकता है...--------------------------------------------------------------------------------लल्लनटॉप वीडियो देखें -