प्रधानमंत्री के कमांडो1.इस कदर बेमतलब रहना सिखाया जाता है उन्हें कि प्रधानमंत्री को हमेशा घेरे में लियेरहते उन्हें इस बात से कोई मतलब नहीं होता प्रधानमंत्री जनता से क्या कह रहे हैंजिस वक्त प्रधानमंत्री बोले जा रहे होते हैं कमांडो अपनी बिल्लौट निगाहों से लगातारदेख रहे होते हैं हमें इधर उधर पेट से बाहर आने को व्यग्र वायु और मुंह से बाहरछलांग मारने को बेताब हंसी रोक पाना कितना कठिन होता है यह कोई पदोड़ और हंसोड़ सेपूछे प्रधानमंत्री के सुनाये जिस चुटकुले पर जनता मुंह फाड़ कर हंस रही होती है उसेसुन कर कमांडो के चेहरे पर हंसी तो क्या मुस्कान की हल्की सी लकीर भी नहीं उभरतीप्रधानमंत्री के पढ़े किसी शेर पर जब सब दे रहे होते हैं दाद उनके होंठ कसे हुएहोते हैं प्रधानमंत्री की किसी घोषणा पर तालियों की गड़गड़ाहट में शामिल होने उनकेहाथों की उंगलियां हिलती तक नहीं वे हमें इतने निरपेक्ष दिखाई देते हैं कि हमेंलगता है वे कभी प्रधानमंत्री के आगे अपने भतीजे की नौकरी की दरखास्त तक रखने कीनहीं सोचते होंगे हम अपने प्रधानमंत्री को हमेशा उन्हीं से घिरे किसी परियोजना काशिलान्यास करते किसी सेमीनार में दीप प्रज्ज्वलित करते या फिर किसी पुल का उद्घाटनकरते देखते हुए सोचते हैं कमांडो के रहते हमारे प्रधानमंत्री की जान सुरक्षित हैएकदम, कि प्रधानमंत्री को हरदम घेरे रहते वे कितने चुस्त दुरस्त, सजग, चौकस औरआश्चर्यजनक फुर्तीले हैं कमांडो से घिरे हमारे प्रधानमंत्री हमें देख कर मुस्करातेहुए दूर से हाथ हिलाते हैं, हम भी उन्हें अपनी तरफ हाथ हिलाते देख उनकी तरफ जोर जोरसे हिलाते हैं अपने हाथ, मगर जैसे ही अपने प्रधानमंत्री से हम हाथ मिलाने की कोशिशकरते हैं कमांडो हम पर पिस्टल तान लेते हैं हरदम प्रधानमंत्री को घेरे रहने वाले ओरजरा सी बात पर हम पर गोली दाग देने के लिये तैयार कमांडो से हमें डर लगता है, क्याहरदम कमांडो से घिरे रहने वाले और हमारी तरह ही निहत्थे प्रधानमंत्री को कभी उनसेडर नहीं लगता ?2.हम दूरदराज बैठे कमांडो से घिरे अपने प्रधानमंत्री को भारी भरकम प्रतिनिधि मंडल केसाथ विदेश यात्रा पर जाते देखते हैं प्रतिनिधि मंडल में वही लोग शामिल होते हैं जोप्रधानमंत्री से हाथ मिलाने में हो चुके होते हैं कामयाब हम अपने खाली हाथ अपनीजेबों में घुसेड़े कमांडो की तनी हुई पिस्टल को करते हुए याद प्रधानमंत्री को हवाईजहाज में चढ़ने से पहले मंत्रिमंडल के साथियों से फूल ग्रहण करते देखते हैंप्रधानमंत्री एक-एक कर सबसे मुस्कराते किसी किसी से थोड़ी थोड़ी बात करते फूल लेतेजाते हुए हवाई जहाज पर चढ़ने के लिये लगी सीढ़ी तक बढ़ते जाते हैं प्रधानमंत्री कोमिलते जा रहे फूलों को प्रधानमंत्री के साथ साथ आगे बढ़ रहे कमांडो करते जाते हैंखुद के हवाले विदेश यात्रा पर जाते प्रधानमंत्री को फूल देने वालों में मंत्रिमंडलमें शामिल वह बुजुर्ग मंत्री भी होता है जो प्रधानमंत्री को प्रधानमंत्री मानता हीनहीं जो सरकार में नम्बर दो या अगला प्रधानमंत्री माना जाता है जो ठीक प्रधानमंत्रीके बगल वाले घर में रहता है और रोज सुबह सोकर उठते ही प्रधानमंत्री के घर में पत्थरफेंकता है और प्रधानमंत्री के वे कमांडो भी उससे कुछ नहीं कह पाते जो प्रधानमंत्रीसे हाथ मिलाने की कोशिश करने पर हमारी तरफ पिस्टल तान लेते हैं प्रधानमंत्री नचाहते हुए भी उससे हंस कर फूल ग्रहण करते हैं , वह न चाहते हुए भी प्रधानमंत्री कोफूल भेंट करता है प्रधानमंत्री अपने प्रति उसकी आंखों में तिरस्कार और उसके होठोंपर कुटिल मुस्कान साफ देखते हुए भी उससे नहीं कह पाते कि जाइए नहीं लेने मुझे आपसेफूल और सुनिए आगे से आप कभी इस मौके पर आना भी नहीं मुझे छोड़ने कमांडो इनका चेहरानहीं दिखना चाहिए मुझे आज के बाद , तुम्हें पता नहीं ये महाशय मुझे हटा कर खुदप्रधानमंत्री बनना चाहते हैं प्रधानमंत्री के कमांडो प्रधानमंत्री और उसे फूल लेतेदेते देख कर बने रहते हैं सपाट, उसे लेकर प्रधानमंत्री की इच्छा को नहीं बनने देतेवे अपनी इच्छा मगर इस बात को याद कर पेशाबघर में पेशाब करते हुए वे मुस्कराते जरूरहैं.3.दूरदराज बैठे हम सोचते हैं हमारे प्रधानमंत्री उन कमांडो से जिनसे वे हमेशा घिरेरहते हैं ठीक उसी तरह कभी हंसी मजाक करते हैं जैसे वे पत्राकारों से करते हैं कभीहमने उन्हें किसी कमांडो से बात करते देखा तो नहीं चलो प्रधानमंत्री की छोड़ो क्याकभी प्रधानमंत्री को खाली पाकर उन्हें चारों तरफ से घेर कर चलते कमांडो ही उनसेकिसी बात पर बात करने की करते हैं कोशिश क्या प्रधानमंत्री किसी कमांडो के बीमारपड़ जाने पर साथी कमांडो से उसका हाल पूछते हैं , उसके लौटने पर उससे कहते हैंक्यों क्या हो गया था तुम्हें अब तो ठीक हो न , हम जैसे दफ्तर के बाबुओं के यहांजैसे हमारे साहब चले आते हैं क्या प्रधानमंत्री भी किसी कमांडो की बेटी की शादी मेंलिफाफा लेकर पहुंच जाते हैं क्या कोई कमांडो भी इस तरह की इच्छा रखता है कभीप्रधानमंत्री अपने काफिले को रोक कर पूछें अरे रमेश तुम्हारा घर तो इसी सड़क पर हैन चलो आज तुम्हारे घर चल कर चाय पीते हैं प्रधानमंत्री क्या उन सभी कमांडो जोउन्हें हमेशा घेरे रहते हैं के नाम जानते हैं उन्हें पानी चाहिए होता है तो किसीकमांडो की तरफ देख कर वे सिर्फ पानी कहते हैं या रणवीर पानी तो लाओ कहते हैं और तोऔर वे कमांडो प्रधानमंत्री के इर्द गिर्द कहां कहां घेरा बनाये रहते हैं क्या उसजगह के बाहर दरवाजे पर भी जिसमें हमारे बुजुर्ग प्रधानमंत्री के पायजामे की गांठअक्सर देर तक खुलती नहीं है तब क्या प्रधानमंत्री उसे खोलने उन्हीं में से किसी एकको आवाज देकर बुलाते हैं कमाल है कि अपने प्रधानमंत्री को तो हमने अक्सर ऊंघते ,सोते, उबासी लेते देखा है मगर प्रधानमंत्री को घेरे रहते कमांडो को हमने आज तकछींकते , खुजाते, नाक में उंगली मारते नहीं देखा हम सोचते है हमारे प्रधानमंत्रीकभी अपने कमांडो से हमारे बारे में भी बात करते होंगे क्या वे कभी उनसे कहते होंगेजहां तक जनता पर तुम्हारे बंदूक तान लेने की बात है वो तो ठीक है मगर मेरा तुमसेअनुरोध है कभी उन पर गोली मत चला देना. ***