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विनोद कांबली ने खुद बताया, सचिन ने उनके लिए क्या कुछ किया

विनोद कांबली और सचिन तेंडुलकर. बचपन से लेकर इंडियन क्रिकेट टीम तक साथ खेले दो क्रिकेटर. हालांकि बाद में कई लोगों ने कांबली के पतन का कारण सचिन को बताया. अब कांबली ने अपने जीवन में सचिन के योगदान पर बात की है.

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13 दिसंबर 2024 (अपडेटेड: 13 दिसंबर 2024, 07:41 PM IST)
Sachin Tendulkar, Vinod Kambli
कांबली ने बताया, सचिन ने कैसे की उनकी मदद
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विनोद कांबली. हाल के दिनों में दोबारा चर्चा में आए. एक इवेंट के दौरान, बचपन के दोस्त सचिन तेंडुलकर के साथ कांबली की तस्वीरें/वीडियो वायरल हुए. काफी कुछ कहा गया. कई लोगों ने तो इन विजुअल्स के आधार पर सचिन तेंडुलकर को दोषी भी करार दे दिया. कहा गया कि सचिन चाहते तो कांबली का ये हाल नहीं होता. अब कांबली ने इन बातों पर चुप्पी तोड़ी है.

एक इंटरव्यू में बात करते हुए कांबली ने सचिन के साथ अपने रिश्तों पर भी कॉमेंट किया. दरअसल साल 2009 में दोनों के रिश्ते बहुत खराब हो गए थे. कांबली का आरोप था कि सचिन ने उनकी ओर से मुंह मोड़ लिया है. लेकिन अब कांबली ने इस पर सफाई दी है. उन्होंने ये भी बताया कि सचिन ने साल 2013 में उनकी सर्जरीज़ का बिल भी भरा था. विकी लालवानी शो पर कांबली बोले,

'उस वक्त, मेरे दिमाग में आया कि सचिन ने मेरी मदद नहीं की. मैं बहुत फ़्रस्ट्रेट था. लेकिन सचिन ने मेरे लिए सबकुछ किया. उन्होंने साल 2013 में हुई मेरी दो सर्जरीज़ का बिल भी भरा. हमने बात की और बचपन की दोस्ती आगे आई. सचिन ने मुझे बताया कि कैसे खेलें. मैंने नौ बार वापसी की. हम क्रिकेटर्स हैं, हमें भी तकलीफ होती है. जब हम आउट होते हैं, तब भी तकलीफ होती है.'

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कांबली ने इस इंटरव्यू के दौरान, वानखेडे में लगाए अपने दोहरे शतक पर भी चर्चा की. कांबली ने कहा कि उन्हें अभी भी उस दोहरे शतक को याद कर बहुत अच्छा लगता है. वह बोले,

'मुझे सबसे ज्यादा अच्छा वानखेडे वाला दोहरा शतक लगता है. आचरेकर सर मेरे साथ थे और हमारे पास कमाल की टीम थी. मैं मुथैया मुरलीधरन और बाक़ी विपक्षियों के साथ बहुत मस्ती करता था. मेरी यात्रा परफ़ेक्ट नहीं थी, लेकिन मैंने इसे अपना सबकुछ दिया. मैं सचिन जैसे दोस्तों और अपने परिवार के सपोर्ट के लिए बहुत आभारी हूं.'

बता दें कि कांबली 90s में भारत के सबसे टैलेंटेड क्रिकेटर्स में से एक माने जाते थे. उन्होंने टेस्ट करियर की शुरुआत बेहतरीन अंदाज में की थी. हालांकि, उनका करियर बहुत लंबा नहीं चला. जबकि लगभग उन्हीं के साथ या उनसे थोड़ा पहले शुरू करने वाले सचिन तेंडुलकर क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े बल्लेबाज बन गए. कांबली ने कई बार टीम इंडिया में वापसी की, लेकिन एक बार भी ये वापसी बहुत लंबी नहीं रही.

कांबली ने अपने करियर में 104 वनडे और 17 टेस्ट मैच खेले. इन मैचेज़ में उन्होंने 2477 और 1084 रन बनाए. कांबली ने वनडे में दो, जबकि टेस्ट में चार शतक मारे. उन्होंने वनडे में 14 पचासे लगाए, जबकि टेस्ट में उनके नाम तीन पचासे रहे. कांबली ने टेस्ट में दो दोहरे शतक भी लगाए थे. अपने पहले सात टेस्ट मैच में ही इन्होंनो दो दोहरे शतक और दो शतक मार दिए थे.

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