The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Sports
  • Cricketer Mohammed Siraj paid tribute to his late father at a graveyard

सिराज ने बताया, ऑस्ट्रेलियन फैंस के कमेंट्स का जवाब कैसे दिया!

हैदराबाद पहुंचकर घर जाने के बजाए सीधे पिता की कब्र पर पहुंचे सिराज.

Advertisement
pic
21 जनवरी 2021 (अपडेटेड: 21 जनवरी 2021, 02:00 PM IST)
Img The Lallantop
हैदराबाद में अपने पिता की कब्र पर सिराज. फोटो: ANI Twitter
Quick AI Highlights
Click here to view more
ऑस्ट्रेलिया में इतिहास रचने के बाद टीम इंडिया भारत लौट आई है. ऑस्ट्रेलिया के इस दौरे के बाद भारतीय क्रिकेट का कद दुनियाभर में और ऊंचा हो गया है. टीम इंडिया की इस जीत में युवा खिलाड़ियों का योगदान सबसे बड़ा रहा है. फिर चाहे वो बात ऋषभ पंत की हो, शुभमन गिल की हो, वाशिंगटन सुंदर की या फिर टीम इंडिया के नए पेसर मोहम्मद सिराज की. डेब्यू सीरीज़ में पूरा किया पांच विकेट हॉल: सीरीज़ के आखिरी और डिसाइडर मुकाबले में मोहम्मद सिराज ने पांच विकेट चटकाए. ये सिराज की डेब्यू सीरीज़ है. इन पांच विकेटों के साथ वो 25 साल बाद भारत के ऐसे गेंदबाज़ बने हैं. जिन्होंने डेब्यू करते हुए एक पारी में पांच विकेट चटकाए. इस दौरे पर सिराज ने बहुत कुछ सहा. सबसे पहले ऑस्ट्रेलिया पहुंचते ही पिता के निधन की खबर, फिर मैदान पर नस्लीय टिप्पणी के बाद मैदान पर इस तरह डटे रहना. इस ऐतिहासिक जीत के बाद भारतीय टीम के स्टार अपने-अपने घर पहुंचे हैं. इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज़ से पहले खिलाड़ियों को अपने परिवार के साथ कुछ वक्त बिताने का मौका मिला है. ऐसे में सिराज, हैदराबाद पहुंचते ही अपने घर जाने से पहले अपने पिता की कब्र पर पहुंचे. सबसे पहले पिता की कब्र पर पहुंचे सिराज: पिता की कब्र पर पहुंचकर उन्होंने अपने पिता के लिए दुआ पढ़ी और कहा,
''मैं सीधे घर नहीं गया, मैं सबसे पहले अपने अब्बा की कब्र पर पहुंचा. उसके बाद मैं अपने घर गया तो मेरी मां ने रोना शुरू कर दिया. मैंने उन्हें समझाया और रोने से मना किया. लगभग छह से सात महीनों के बाद मैंने अपनी अम्मी को देखा है, ये मेरे लिए अलग तरह की फीलिंग है.''
सिराज ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया में ये खबर मिलने के बाद वो किस तरह से टूट गए थे. उन्होंने कहा,
"ये मेरे लिए मुश्किल और मानसिक रूप से निराशाजनक था. जब मैंने घर वापस आने का सोचा तो मेरे परिवार ने मुझे मेरे पिताजी के सपने को पूरा करने के लिए कहा. मेरी मंगेतर ने मुझे प्रेरित किया और मेरी टीम ने भी मेरा समर्थन किया. मैंने अपने सभी विकेट अपने पिता को समर्पित कर दिए. मयंक अग्रवाल के साथ मेरा जश्न उन्हें ही समर्पित था."
दर्शकों की टिप्पणी ने बनाया मजबूत: सिराज ने भारत लौटने के बाद खुद के साथ की गई ऑस्ट्रेलियन फैंस की हरकत पर भी बयान दिया. उन्होंने बताया कि मैदान पर दर्शकों ने उनके साथ जो कुछ भी किया. उससे वो और ज़्यादा मज़बूत हुए. सिराज ने कहा,
''ऑस्ट्रेलियन दर्शकों ने मुझे गालियां दीं. लेकिन उसके बाद मैं और ज़्यादा मज़बूत हो गया. मैं नहीं चाहता था कि इस चीज़ का असर मेरे खेल पर दिखे. मेरी पहली ज़िम्मेदारी थी कि मैं कप्तान को इस बारे में बताऊं और मैंने वही किया.''
सिराज ने इस सीरीज़ में 13 विकेट चटकाए और जब सीरीज़ के आखिरी मैच से बुरमाह भी बाहर हो गए तो उन्होंने सबसे सीनियर होने के नाते पेस अटैक को भी संभाला.

Advertisement

Advertisement

()