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जामिया की सफ़ूरा के अजन्मे बच्चे को 'नाजायज़' कहने वालों की अब खैर नहीं!

जामिया मिल्लिया इस्लामिया की स्टूडेंट सफ़ूरा ज़रगर. 27 बरस की हैं. प्रेग्नेंट हैं और तिहाड़ जेल में बंद हैं. इधर सोशल मीडिया के कुछ लोगों को जब उनकी प्रेग्नेंसी की बात पता चली, तो उनके खिलाफ बेहद घटिया बातें लिखनी शुरू कर दीं. सवाल किए जाने लगे कि बच्चा किसका है? शाहीन बाग में ऐसा क्या हुआ कि प्रेग्नेंट हो गईं? मामला बढ़ा और दिल्ली महिला आयोग (DCW) तक पहुंचा. आयोग ने अब इस मुद्दे पर दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम सेल को नोटिस भेज दिया है. उनसे सफ़ूरा के खिलाफ घटिया अभियान चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

DCW ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी. लिखा-

‘कुछ ट्रोल्स ने प्रेग्नेंट सफ़ूरा के खिलाफ शर्मनाक बातें कहीं. हमें शिकायत मिली. हमने दिल्ली पुलिस साइबर क्राइम यूनिट को नोटिस जारी कर दिया है. DCW चीफ (स्वाति मालीवाल) ने कहा है कि सफ़ूरा दोषी हैं या नहीं, ये कोर्ट फैसला करेगा. लेकिन किसी के पास ये अधिकार नहीं है कि सफ़ूरा का अपमान करे और उनके चरित्र पर इल्ज़ाम लगाए.’

इस ट्वीट के साथ आयोग ने नोटिस भी पोस्ट किया. जिसमें लिखा है-

‘सफ़ूरा ज़रगर और उनके अजन्मे बच्चे के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभियान चलाया जा रहा है. स्त्री द्वेष वाले कमेंट किए जा रहे हैं. ये पता चला है कि उनकी इज़्ज़त को कम करने वाली बातें कही जा रही हैं. उनके परिवार को भी धमकी दी जा रही है. सफ़ूरा कोर्ट में हैं, न्यायतंत्र फैसला करेगा. लेकिन इससे किसी को उनका अपमान करने का अधिकार नहीं मिल जाता. ये बहुत गंभीर मामला है.’

इतना कहने के बाद नोटिस में तीन मांग रखी गई-

– सफ़ूरा ज़रगर पर हुए ऑनलाइन हमले में दर्ज की गई FIR की कॉपी DWC को दी जाए
– गिरफ्तार हुए और पहचान किए गए आरोपियों की जानकारी आयोग को दी जाए.
– सोशल मीडिया पर वायरल हुए पोस्ट को हटाने के लिए जो कदम उठाए गए, उसकी जानकारी दी जाए.

क्या है मामला?

दिल्ली में हिंसा भड़काने के आरोप में सफ़ूरा तिहाड़ में बंद हैं. दिल्ली पुलिस ने एंटी टेरर एक्ट यानी अनलॉफुल एक्टिविटी प्रिवेंशन एक्ट (UAPA) के तहत केस दर्ज किया है. 10 अप्रैल को उनकी गिरफ्तारी हुई थी. वकील ने उनके प्रेग्नेंट होने की बात अगले ही दिन अधिकारियों को बता दी थी. उनकी बेल लेने की भी कोशिश की गई, लेकिन मिली नहीं. वो अभी भी जेल में हैं.

इधर लोगों ने इस पर सवाल उठाना शुरू कर दिया कि सफ़ूरा तो अविवाहित हैं, प्रेग्नेंट कैसे हुईं? उनके पेट में पल रहा बच्चा नाजायज है. ये भी कहा गया कि वे शाहीन बाग जाती थीं, अब साबित हो गया कि शाहीन बाग अय्याशी का अड्डा है. इस तरह की बातों के बाद मामला सबकी नजर में आया. अब दिल्ली महिला आयोग इस पर कदम उठा रही है.

इस खबर पर और जानकारी पाने के लिए यहां क्लिक करें.


वीडियो देखें: तिहाड़ में बंद प्रेगनेंट जामिया स्टूडेंट सफ़ूरा के ‘नाजायज़’ कहे जा रहे बच्चे का सच क्या है?

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