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विजय माल्या के भागने में सीबीआई ने अपनी एक गलती मान ली है!

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विजय माल्या के मामले में एक नया मोड़ आ गया है. अब सीबीआई ने भी मान लिया है कि उसकी एक गलती की वजह से विजय माल्या ब्रिटेन भाग गया. इससे पहले विजय माल्या ने बयान दिया था कि भारत से निकलने से पहले वो वित्त मंत्री अरुण जेटली से मिला था, जिसके बाद से ही कांग्रेस ने अरुण जेटली और पीएम मोदी पर आरोप लगाने शुरू कर दिए हैं.

क्या गलती हुई है सीबीआई से?

CBI पर काफी दबाव था. उसके ऊपर आरोप भी लग रहे थे. कहा जा रहा था कि ऊपर से प्रेशर आ रहा है और इसी वजह से कुछ बड़े-बड़े लोग बचाए जा रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट के सामने जब ये आरोप आए, तो CBI ने नाराजगी दिखाई. पूछा कि आरोप लगाने वाले नाम लेकर बताएं. कि फलां-फलां अफसर गलत कर रहा है (फोटो: पीटीआई)
CBI के अधिकारियों ने मान लिया है कि उनके पास माल्या की गिरफ्तारी के लिए पर्याप्त सबूत नहीं थे. इसी वजह से लुक आउट नोटिस में बदलाव करना पड़ा था.

विजय माल्या 2 मार्च 2016 को भारत से फरार हुआ था. फरारी के वक्त विजय माल्या पर भारत के बैंकों का करीब 9 हजार करोड़ रुपये का बकाया था. 29 जुलाई 2015 को ही विजय माल्या के खिलाफ सीबीआई ने केस दर्ज कर लिया था. ये केस सीबीआई ने खुद से दर्ज किया था और उस वक्त तक किसी भी बैंक ने सीबीआई से केस दर्ज करने के लिए नहीं कहा था. इसके बाद सीबीआई ने 16 अक्टूबर 2015 को इमिग्रेशन विभाग को विजय माल्या को लेकर एक लुक आउट नोटिस जारी किया था . उस वक्त माल्या ब्रिटेन में था और सीबीआई ने इमिग्रेशन विभाग से कहा था कि जब माल्या भारत लौटे, तो उसे हिरासत में ले लिया जाए. 23 अक्टूबर को इमिग्रेशन विभाग ने सीबीआई को सूचना दी कि 24 अक्टूबर को विजय माल्या भारत आ रहा है.

12 सितंबर 2018 को ब्रिटेन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट में माल्या की पेशी थी. उसी दिन माल्या ने कहा था कि वो भारत छोड़ने से पहले अरुण जेटली से मिला था.

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक सीबीआई के सूत्रों ने कहा है कि उस वक्त सीबीआई के पास विजय माल्या की गिरफ्तारी को लेकर पर्याप्त सबूत नहीं थे. लिहाजा सीबीआई ने सोचा कि अगर हिरासत में लेने के बाद विजय माल्या को गिरफ्तार किया जाएगा, तो जांच एजेंसी के लिए परेशानी खड़ी हो जाएगी. ऐसा इसलिए भी होगा, क्योंकि अभी तक सीबीआई के पास सबूत भी नहीं हैं और न ही किसी बैंक ने सीबीआई से माल्या की गिरफ्तारी की बात कही है. सीबीआई के सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी को लगा था कि विजय माल्या पूछताछ में सहयोग करेगा. इसलिए जांच एजेंसी सीबीआई ने 24 अक्टूबर को लुक आउट नोटिस में बदलाव कर दिया और हिरासत में लेने की बजाए इमिग्रेशन डिपार्टमेंट को कहा कि वो सिर्फ माल्या के आने की सूचना दे दे. इस मामले में बीजेपी सांसद सुब्रमण्यन स्वामी ने भी ट्वीट कर जवाब मांगा है.

इसके बाद विजय माल्या 24 नवंबर को भारत आया. फिर वो 1 दिसंबर 2015 को ब्रिटेन चला गया. 7 दिसंबर को वो फिर से भारत आया. इसके बाद सीबीआई ने 9,10 और 11 दिसंबर को माल्या से पूछताछ की. माल्या ने जांच एजेंसी का सहयोग भी किया. इसके बाद माल्या एक बार फिर 23 दिसंबर 2015 को ब्रिटेन चला गया. 2 फरवरी 2016 को वो फिर से भारत वापस आया. इसके बाद भी वो लंदन से भारत आता-जाता रहा और इस दौरान सीबीआई इस बात को लेकर आश्वस्त रही कि विजय माल्या देश छोड़कर भागेगा नहीं. लेकिन विजय माल्या 2 मार्च 2016 को जब देश छोड़कर गया, तो उसके बाद वो कभी वापस नहीं लौटा. अब सीबीआई के पास हाथ मलने के अलावा और कोई भी चारा नहीं है, क्योंकि उससे गलती हो चुकी है. और ऐसी गलती हुई है, जिसे सुधारना फिलहाल नामुमकिन लग रहा है.

अब आगे क्या हो सकता है?

अगर ब्रिटेन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट 10 दिसंबर को भारत सरकार के पक्ष में फैसला दे देती है, तो माल्या को भारत लाया जा सकेगा. यहां आने के बाद उसपर केस चलेगा.
अगर ब्रिटेन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट 10 दिसंबर को भारत सरकार के पक्ष में फैसला दे देती है, तो माल्या को भारत लाया जा सकेगा. यहां आने के बाद उसपर केस चलेगा.

माल्या अब ब्रिटेन में है. भारत सरकार और सीबीआई उसकी प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है. इसको लेकर लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट में सुनवाई भी चल रही है. इसी सुनवाई के दौरान कोर्ट के बाहर खड़े पत्रकारों से माल्या ने कहा था कि वो देश छोड़ने से पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली से मिला था. माल्या के इस बयान के बाद सियासत शुरू हो गई. कांग्रेस ने माल्या के भागने के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया तो बीजेपी माल्या के लोन के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहरा रही है. लेकिन फैसला ब्रिटेन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट में है. अब वहां की जज एम्मा अर्बुथनोट 10 दिसंबर को फैसला करेंगी कि 9000 करोड़ रुपये के लोन डिफाल्टर विजय माल्या को भारत भेजा जाएगा या नहीं. इसके अलावा जज एम्मा अर्बुथनोट को ये भी देखना है कि जब तक माल्या के केस की सुनवाई चलेगी, उसे भारतीय जेल में रखना कही उसके मानवाधिकारों का उल्लंघन तो नहीं है.


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Vijay Malya Case : CBI has accepted that due to wrong decision taken by CBI on look out circular, Vijay Malya escaped away

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