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'हिंदू रक्षा' के नाम पर बनी फोर्स की बातें सुनकर दंग रह जाओगे

क्या अकेली हिंदू युवा वाहिनी काफी नहीं थी?

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यूपी में बीजेपी की सरकार आई तो वहां नए नए संगठन भी सामने आने लगे. योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद युवा वाहिनी के नाम से अलग-अलग शहरों में कई गुट एक्टिव हो गए हैं.

इलेक्शन के दौरान बीजेपी ने यूपी में कानून व्यवस्था को एक बड़ा मुद्दा बनाया था. अब योगी सरकार बनने के एक महीने के अंदर ही इन छोटे-छोटे गुटों का सामने आना कानून व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती हो सकती है. कई ग्रुप सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं.

मिलिए ऐसे ही खुद को हिंदू रक्षक दल कहने वाले हिंदू संगठन और राष्ट्रीय भगवा फोर्स से.

इंडिया टुडे की टीम ने इन लोगों से बात की. उत्तरीपुरा में विशाल ठाकुर खुद को हिंदू संगठन दल का कार्यकर्ता कहते हैं. बीएससी कर रहे हैं. विशाल ठाकुर का कहना है कि जब जरूरत पड़ती है तो वह युवा वाहिनी जैसे तमाम दलों के साथ हिंदू समाज की मदद के लिए खड़े हो जाते हैं. हिंदू समाज की रक्षा करने का दावा करने वाले विशाल ठाकुर बड़े फख्र से बताते हैं उनके पास हथियार के नाम पर तलवार भाला हैं.

विशाल के मुताबिक हर्षित मिश्रा और गोपाल अग्निहोत्री हिंदू संगठन की अगुवाई कर रहे हैं. कथित ‘लव जेहाद’ को लेकर विशाल ठाकुर का कहना है, ‘हम लोगों को पता लग जाता है कि कहीं कोई मुस्लिम लड़का किसी हिंदू लड़की के पीछे पड़ जाता है तो हम लोग उस पर फोकस ज्यादा करते हैं. अगर कहीं मिल गए तो फिर बस लड़ाई होती है और उसे मारते बहुत हैं. यह हमारा काम नहीं है कि हम लड़के को पकड़कर पुलिस थाने ले जाएं. हमने देखा पकड़ा और बस उसे ठोकने से मतलब है.’

hindu raksha force

विशाल इतना कहने पर ही नहीं थमते. क्या सही है और क्या गलत इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता. कहते हैं, हिन्दू हो तो हिन्दू से ही प्यार करो और अगर मुस्लिम हो तो सिर्फ मुस्लिम से प्यार करो. जो हिंदू और मुस्लिम रहते हैं उनको अलग कर देते हैं. 2020 का लक्ष्य है. हम चार लोगों के ग्रुप ने यह लक्ष्य तय किया है. हम लोगों की जबान कम हाथ ज्यादा चलते हैं. अगर कोई बात से मान जाए तो ठीक है नहीं तो फिर मार. पुलिस पर कोई विश्वास नहीं है इसलिए मामला अपने हाथों से निपटा लेते हैं. संगठन का लक्ष्य है हिंदू एकता और लव जिहाद को खत्म करना.

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राष्ट्रीय भगवा फोर्स

राष्ट्रीय भगवा फोर्स का पोस्टर कानपुर से महज़ कुछ दूरी पर लगे हैं. इससे पहले इस फ़ोर्स का नाम सुना भी नहीं होगा. उत्तरीपुरा इलाके में पोस्टरों पर इस भगवा फोर्स के नेता और कार्यकर्ताओं के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी तस्वीर है. खुद को भगवा फोर्स का नेता कहने वालों की बातें हैरान करने वाली हैं. राष्ट्रीय भगवा फोर्स के पोस्टर में आपको तिरंगे के साथ एक भगवा झंडा भी दिखाई देगा. प्रांजुल मिश्रा खुद को भगवा फोर्स का जिला मंत्री बताता है. उसका कहना है, ‘अगर कोई राष्ट्र की और गौमाता के विरोध में बोल रहा है, तो हिंसा करने में हमें कोई संकोच नहीं है.’

force

प्रांजुल मिश्रा ने बोलना शुरू किया तो ऐसा बोलते गए कि सुनके दंग रह जाओ. कहा, ‘कुछ लोग गौहत्या के विरोध का विरोध कर रहे हैं. उन्हें इसमें प्रोटीन नजर आ रहा है तो इस तरह की आवाज जहां उठ सकती हैं और इस प्रकार के लोग मौजूद हैं, उनको दबाने में क्रांति भी करनी पड़े और अहिंसात्मक कदम भी उठाना पड़े तो हम कोई संकोच नहीं करेंगे. अगर उसके लिए हमें हिंसा भी करनी पड़े तो हमें कोई संकोच नहीं है.’

लव जेहाद पर प्रांजुल ने कहा, ‘लव जिहाद एक पाकिस्तान परस्त ताकतों की एक पूरी टीम है. इस टीम ने अपना पूरा नेटवर्क बिछा रखा है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में यह बहुत प्रभावी है. पश्चिम बंगाल को इसने जकड़ कर रखा हुआ है. केरल में लव जिहाद इतना हावी है कि हिंदू परिवार की लड़कियों के लिए कॉलेज, स्कूल, कोचिंग जाना और घर के बाहर जाना मुश्किल हो चुका है. हम लोग इस क्षेत्र में सक्रिय हैं. इस प्रकार की ताकतों को हम लोग तुरंत दबा देते हैं.’

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जब उन्हें कभी कथित तौर पर किसी लव जिहाद की घटना के बारे में पता चलता है तब भगवा फोर्स क्या करती है. इस पर प्रांजुल ने कहा, ‘जैसे ही हमें लव जिहाद के बारे में पता चलता है हम तमाम युवा हिंदू समाज के लोग राष्ट्रवाद की सोच और माननीय मुख्यमंत्री द्वारा गठित की गई हिंदू युवा वाहिनी के लोग और एक महान विचारधारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के लोग मिलकर के उस जगह पर जाकर के उस केस को निपटाने का प्रयास करते हैं. अगर मामला शांतिपूर्ण ढंग से निपटता है तो निपटता है अन्यथा कानूनी मदद भी लेते हैं.’

अगर दो एडल्ट लोग चाहे हिंदू हो या मुसलमान हो, तो अगर वो एक दूसरे से प्यार करते हैं तो आखिर उस पर आपत्ति क्यों है? इसपर प्रांजल ने कहा, ‘कई बार हम लोगों को भी मजबूर हो जाना पड़ता है, लेकिन मुझे पता है, वह लोग सिर्फ अपनी कामवासना की पूर्ति के लिए और विश्व से मस्जिदों को मिलने वाले फंड के लिए उन लोगों ने यह काम किया है.’

अगर उनकी बात कोई नहीं मानता है ऐसे में उनका क्या रुख होता है? इसके जवाब में कहा, ‘हम प्यार से मनाने की कोशिश करते हैं, अगर कोई नहीं माने तो इसके लिए हिंसात्मक कदम उठाने में मुझे कोई संकोच नहीं होगा. इस बात को स्पष्ट रूप से कहने में मुझे कोई हिचक नहीं है. वह हिंसा उस हद तक हो सकती है जहां तक विधर्मी ताकतें सनातन धर्म के अनुयायियों के आगे ना झुकें.’

लव जिहाद को रोकने के लिए पोस्टर में दिखने वाले गोपाल के अपने ही तर्क हैं. गोपाल का कहना है कि लव जिहाद के मामलों में वह लड़की और उसके परिवार वालों को सब कुछ बताते हैं, लड़की-लड़के दोनों को समझाने की कोशिश करते हैं और पूरी कोशिश करते हैं ऐसे मामलों को रोकने के लिए. कई मामलों में वह कानून की भी मदद लेता है.

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राष्ट्रीय भगवा फोर्स के जिला सचिव हर्षित मिश्रा का कहना है, ‘लव जिहाद अच्छी चीज नहीं है लेकिन हम लोगों ने इसे रोक रखा है. इसे रोकने के लिए हम अपने हिंदू बहन बेटियों को समझाने की कोशिश करते हैं. दूसरे वर्ग को भी हम बताने की कोशिश करते हैं. हम पहले प्यार से मना करते हैं, मान जाइए आपके भी घर में बहन बेटियां हैं लेकिन अगर नहीं मानते हैं तो फिर बहुत सारे तरीके हमारे पास हैं. साम, दाम, दंड भेद सब हो जाता है.’

उत्तर प्रदेश में ऐसे न जाने कितने छोटे-छोटे दल अलग-अलग जगहों पर पनप रहे हैं. जिन के विचार बेहद उग्र हैं और तेवर बेहद ही आक्रामक. ऐसे में बेहतर कानून व्यवस्था देने का वादा कर सत्ता में आई बीजेपी के लिए इन कथित हिंदू रक्षक दलों पर लगाम कसना चुनौती होगा.


 

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