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तेजिंदर पाल सिंह बग्गा: एक इंटरनेट ट्रोलर जो ब्रह्मांड की सबसे बड़ी पार्टी का प्रवक्ता बना

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लोकसभा चुनावों के 6 चरण पूरे हो चुके हैं. 7वां और आखिरी चरण 19 मई को होना है. इस बीच बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस में लड़ाई हिंसा तक पहुंच चुकी है. 14 मई को देर रात पश्चिम बंगाल पुलिस ने तेजिंदर सिंह बग्गा को हिरासत में ले लिया. उनकी थाने में बैठी तस्वीरें सोशल मीडिया में खूब घूम रही हैं. बीजेपी ने दावा किया कि टीएमसी ने पार्टी के कई नेताओं को गैरकानूनी तरीके से रात को 3 बजे हिरासत में लिया और यहां ममता बनर्जी की गुंडागर्दी के भी आरोप लगाए. ट्विटर पर #FreeTajinderBagga नाम से हैशटैग ट्रेंड करने लगा. ट्वीटर पर 5 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स वाले बग्गा का सोशल मीडिया से पुराना नाता है और इसी का नतीजा है कि 33 साल का ये बीजेपी कार्यकर्ता पार्टी के हर इवेंट में दिखता है.

ममता बैनर्जी पर लंबे वक्त से हमलावर हैं तेजिंदर पाल सिंह बग्गा.
ममता बैनर्जी पर लंबे वक्त से हमलावर हैं तेजिंदर पाल सिंह बग्गा.

शुरुआत साल 2011 से हुई थी. पहली बार टीवी कैमरों पर तेजिंदर बग्गा नाम का ये शख्स तब दिखा जब 12 अक्टूबर 2011 को देश के मशहूर वकील प्रशांत भूषण पर हमला हुआ. प्रशांत भूषण अपने सुप्रीम कोर्ट चैंबर में बैठे हुए थे. अचानक तीन आदमी उनके रूम में घुसे और उन पर हमला कर दिया. थप्पड़ औऱ लात घूसों से अटैक किया और कुर्सी तक से गिरा दिया. उनके कपड़े फाड़ दिए. दो फरार हो गए, एक को सुरक्षाकर्मियों ने पकड़ लिया. पता चला कि ये लोग भगत सिंह क्रांति सेना के सदस्य हैं और इनके मुखिया का नाम है तेजिंदर पाल सिंह बग्गा. हमले के बाद बग्गा ने ट्वीट किया- “उसने देश को तोड़ने की कोशिश की, मैंने उसका सिर फोड़ने की कोशिश की. हिसाब चुकता. सभी को बधाई, ऑपरेशन प्रशांत भूषण सफल हुआ.” यहां टीवी चैनलों पर पहली बार तेंजिदर पाल सिंह बग्गा दिखे. ये शख्स प्रशांत भूषण के उस बयान से खफा था जिसमें उन्होंने कश्मीर में जनमत संग्रह की बात कही थी. इससे पहले 2010 में वो दिल्ली में कश्मीरी नेता मीरवाइज उमर फारुख की कार पर भी हमला कर चुके थे. फिर अरुंधति रॉय की किताब के लॉन्च पर भी वो दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में हंगामा करने के लिए उनका नाम आया था.

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बग्गा को पीएम मोदी लंबे समय से ट्वीटर पर फॉलो कर रहे हैं.

बग्गा ने सारे हमले मीडिया चैनलों के सामने करवाए. विरोधियों ने आरोप भी लगाए कि बग्गा पहले चैनलों को बुलाते हैं फिर इस तरह के उपद्रव करते हैं. साथ ही सोशल मीडिया पर भी उसके इश्तहार छापते हैं. प्रशांत भूषण पर उस हमले की पूरी जिम्मेदारी बग्गा की भगत सिंह क्रांति सेना ने ली थी. तब से लेकर आज तक तेंजिंदर बग्गा सोशल मीडिया और खासकर ट्विटर पर खूब एक्टिव रहते हैं. 5 लाख से ज्यादा ट्विटर फॉलोअर्स हैं. जहां जहां बीजेपी की कोई आलोचना करता है, बग्गा वहां काउंटर अटैक करने पहुंच जाते हैं. पत्रकारों से लेकर विपक्षी पार्टी के नेताओं तक को सोशल मीडिया पर ट्रोल करने में आगे रहे. 2013 में नरेंद्र मोदी की प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी सबसे पहले बग्गा ने ही की थी. सोशल मीडिया पर खूब कैंपेन चलाने वाले बग्गा ने एक मर्जेंडाइज भी शुरू की जिसमें वो I-Support Modi की टी-शर्ट बेचने लगे. 2015 में जब मोदी प्रधानमंत्री बन गए तो उन्होंने बग्गा समेत 150 सोशल मीडिया पर एक्टिव लोगों से प्रधानमंत्री निवास पर मुलाकात की. इसी का फायदा बग्गा को अपनी राजनीतिक हैसियत बढ़ाने में तब मिला जब दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करने वाली बीजेपी ने उन्हें मार्च 2017 में दिल्ली प्रदेश का प्रवक्ता बना दिया. ये वही बग्गा हैं जिनके प्रशांत भूषण पर हमले की बीजेपी के लाल कृष्ण आडवाणी और राजनाथ सिंह ने निंदा की थी.

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बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर के साथ इनकी कई बार झड़प हो चुकी है.

मगर सोशल मीडिया पर बीजेपी का वो झंडा बुलंद किया कि पार्टी में हैसियत बढ़ती ही गई. मीडिया को दिए इंटरव्यू में बग्गा ने बताया है कि वो 18 साल की उम्र से मंडल स्तर पर राजनीति से जुड़े हैं. इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) से ग्रेजुएशन किया है. पिता आरएसएस के मैंबर रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी को अपना हीरो कहने वाले बग्गा नमो पत्रिका के संपादक भी हैं. ये ऑनलाइन मैग्जीन मोदी सरकार की स्कीमों और और कामों को प्रकाशित करती है. दिसंबर 2018 में कमलनाथ का मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने का विरोध करने के लिए बग्गा ने पहले कहा था कि वो तब तक अनशन पर रहेंगे जब तक कमलनाथ का नाम वापस नहीं लिया जाता है. मगर जब कांग्रेस की तरफ से इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया तो बग्गा ने चार दिन के बाद अपना अनशन खत्म कर लिया. वो इस बात का विरोध कर रहे थे कि 1984 से सिख विरोधी दंगों में कमलनाथ का भी हाथ था.

Bagga Screenshot

सोशल मीडिया पर बीजेपी के खिलाफ लिखने या बोलने वालों को तेजिंदर खुलेआम ललकारते रहे हैं. साथ ही लोगों को एंटी नेशनल कहने में भी देरी नहीं लगाते हैं. इसी के चक्कर में बेहद बार फेक न्यूज भी शेयर कर जाते हैं. ताजा घटना 14 मई की शाम 5:40 बजे की है. बग्गा ने राजीव गांधी की एक कैमरा लिए फोटो शेयर करते हुए लिखा- “कांग्रेस को दिक्कत ये है कि एक गरीब, पिछड़ी जाति के नरेंद्र मोदी जी के पास 1988 में डिजिटल कैमरा आया कहा से. कैमरे और महंगी चीजों पर हक तो सिर्फ इस देश के राजा साहब का था न?” मगर अफसोस इस बात का कि राजीव गांधी की जो फोटो बग्गा ने यहां ट्वीट की उसकी सच्चाई दी लल्लनटॉप पहले ही पाठकों को बता चुका है. तेजिंदर बग्गा और वो तमाम लोग उस खबर को यहां पढ़ें.


दी लल्लनटॉप वीडियो भी देखें-

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Tajinder Pal Singh Bagga: His rise from a troller, attacker to to BJP’s fearless campaigner

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