गुरमीत राम रहीम हज़ारों लोगों का मास सुसाइड करवाने वाला था?
गुरमीत का परिवार और बेटी हनीप्रीत अचानक कहां गायब हो गए?
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गुरमीत की मुंहबोली बेटी हनीप्रीत; जोन्सटाउन के मैसेकर की फोटो. (फोटोः पिंटरेस्ट)
रंजीत सिंह मर्डर केस में दोषी पाए गए गुरमीत राम रहीम को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. उसके अलावा 4 अन्य दोषियों को भी यही सजा दी गई है. इनके नाम हैं जसबीर, सबदिल, इंदर सेन, अवतार और किशन लाल. इंदर सेन की 2020 में मौत हो गई थी. बाकी 4 दोषियों की बाकी जिंदगी अब जेल में ही कटेगी.सजा के ऐलान के बाद गुरमीत राम रहीम फिर चर्चा में है. लल्लनटॉप ने इस बलात्कारी और हत्यारे के बारे में कई स्टोरी की हैं. अदालत के फैसले के बाद हम कई स्टोरी एक बार फिर अपने पाठकों के सामने रख रहे हैं. इनमें से एक ये स्टोरी 31 अगस्त 2017 को प्रकाशित की गई थी.
शोहरत की बुलंदी भी पल भर का तमाशा हैजिस डाल पे बैठे हो वो टूट भी सकती है...बशीर बद्र साहब की इस ग़ज़ल से सदियों पहले भी इंसान को पता था कि ऊंचाई से सबको नीचे आना होता है. कोई धीरे-धीरे आता है और गुरमीत राम रहीम की तरह कोई धड़ाम से गिर जाता है. सिरसा का उसका जो डेरा कभी प्रेमियों और वैभव से भरा रहता था, अब खाली-खाली सा है. इसके बाद कुछ सवाल हैं जिनके जवाब हम जानना चाहेंगे. जैसे कि अब गुरमीत का परिवार कहां है? उसकी गोद ली हुई बेटी हनीप्रीत कहां गायब हो गई है? पुलिस को डेरे से ऐसी कौन सी जानकारियां मिली हैं जिन्हें जानकर दिमाग ख़ौफ से भर जाता है? एक तो ऐसी है जो शायद अब तक की सबसे सनसनीख़ेज जानकारी है. कुछ बिंदुओं में जानते हैं ये सब.
1. गुरमीत की मां और परिवार कहां हैं
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में गुरुसर मोडिया नाम का गांव है जो गुरमीत का पैतृक गांव है. सिरसा के डेरे से 135 किलोमीटर दूर इसी गांव में कई एकड़ में गुरमीत की हवेली बनी हुई है. उसकी मां नसीब कौर और वाइफ हरजीत कौर अब यहां हैं. उनके साथ गुरमीत की बेटी चरनप्रीत, अमनप्रीत और बेटा जसप्रीत भी है. पुलिस के मुताबिक सभी यहां 28 अगस्त को आ गए थे. घर के पास सन्नाटा छाया हुआ है. परिवार के लोगों ने खुद को हवेली में ही बंद करके रखा हुआ है. किसी को भी अंदर जाने की इजाज़त नहीं है. पुलिस बाहर पहरा देती है.
श्रीगंगानगर के गुरुसर मोडिया गांव में बना घर.
2. मुंहबोली बेटी हनीप्रीत क्या कर रही है
गुरमीत के साथ उनकी फिल्में बनाने वाली और प्रमोशंस में हिस्सा लेने वाली हनीप्रीत फैसले के टाइम उसके साथ कोर्ट में भी थीं. जिस हेलिकॉप्टर में रोहतक जेल ले जाया गया, उसमें भी वो गुरमीत के साथ थीं. वहीं जिन्होंने जिद की थी कि उन्हें 'पापाजी' के साथ जेल में रहने दिया जाए. हैरत की बात है कि अब वो क्या कर रही हैं और कहां हैं इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही. अपुष्ट तौर पर कहा ये भी जा रहा है कि वो रोहतक के आसपास कहीं छिपी हैं. खुफिया एजेंसियां भी उनका पता लगाने की कोशिश कर रही हैं.3. गुरमीत के हथियार, कैश और अपराधों के सबूत कहां गए?
बताया जा रहा है कि पुलिस सिरसा डेरे में पहुंची तब तक गुरमीत के परिवार और समर्थकों ने काफी सबूत मिटा दिए थे. जब गुरमीत का परिवार राजस्थान के लिए रवाना हुआ तो उनके साथ कई गाड़ियां थीं. कहा जा रहा है कि इनमें गुरमीत के देसी-विदेशी हथियार, ढेर सारा कैश और उनके खिलाफ सबूत थे. सूत्रों की मान लें तो उन्हें हरियाणा बॉर्डर पास करवाकर राजस्थान भेजने में पुलिस ने ही इन लोगों की मदद की. कहा जा रहा है कि इसी वजह से हरियाणा सरकार ने आर्मी को डेरा हेडक्वॉर्टर पर कब्जा नहीं लेने दिया. हालांकि हरियाणा के डीजीपी बीएस संधू ने इन आरोपों से इनकार किया है.
गुरमीत के फैसले के दिन हुआ था जमकर बवाल.
4. एक साथ 70 हज़ार लोगों के सुसाइड की तैयारी थी?
नाम. नंबर. घर का पता और आधार नंबर. 70,000 लोगों की इन सभी जानकारियों से भरी एक लिस्ट भी पुलिस को मिली है. एक न्यूज़ रिपोर्ट के मुताबिक इसमें लिखा था कि उनके मरने की जिम्मेदारी वो खुद लेते हैं. इसके लिए किसी और को दोषी न ठहराया जाए. ये गुरमीत वाले मामले में अब तक की सबसे सनसनीख़ेज जानकारी है. क्योंकि ये कोई काल्पनिक या असंभव बात नहीं है. 1978 में अमेरिका के जोन्सटाउन में एक बाबा ने ब्रेनवॉश करके 918 औरतों, आदमियों और बच्चों का मास सुसाइड करवा दिया था. लोगों ने लाइन में लगकर सायनाइड पीया था. उसने अपने अनुयायियों से कहा कि उनके इस डेरे पर हमला होने वाला है और सरकार भी उन्हें नुकसान पहुंचा सकती है तो उन्हें ये खराब संसार छोड़कर उस असल दुनिया में चले जाना चाहिए जहां किसी भी प्रकार के कष्ट, बुराइयां और बंधन नहीं हैं. बहुत संभावना है कि गुरमीत राम रहीम को सज़ा सुनाए जाने की स्थिति में इन 70,000 या अनिश्चित संख्या में लोगों को मास सुसाइड करवाया जाता ताकि न्यायपालिका या प्रशासन को विचलित किया जा सके. इसकी पुष्ट जानकारी पता चल सकती है अगर गंभीर एजेंसियों से जांच करवाई जाए और गुरमीत व उसके करीबी लोगों से कड़ी पूछताछ की जाए. ऐसा लगता है कि पुलिस और आर्मी समय से डेरा हेडक्वॉर्टर पहुंची इस वजह से ऐसा नरसंहार होने से बच गया.
जोन्सटाउन में करवाए गए मास सुसाइड के बाद आश्रम में बिछी लाशें ही लाशें. (फोटोः बिज़ारपीडिया)
5. गुरमीत की मां ने तय किया - पोता होगा अगला डेरा चीफ
बाबा के जेल जाने के बाद सिरसा डेरे का हेड कौन होगा इस पर सबकी नजरें थीं. गुरमीत की मां नसीब कौर ने डेरा सच्चा सौदा की गद्दी के लिए पोते जसमीत का नाम तय किया है. हमारे संवाददाता के मुताबिक इसके लिए गुरुसर मोडिया गांव में परिवार के सभी सदस्यों ने बैठक भी की. अब इसकी सूचना जेल में बंद गुरमीत को परिवार के सभी लोग मिलकर देंगे. डेरा प्रेमियों में नसीब कौर के प्रति काफी श्रद्धा है. माना जा रहा है कि सभी उनका फैसला मान लेंगे. हालांकि इस पर अंतिम मुहर गुरमीत ही लगाएगा.
गुरमीत का पूरा परिवार.
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