'मेरी पीठ पर छुरा घोंपा'- रूस में विद्रोह के बाद पुतिन का पहला बयान
'कड़ी सज़ा दी जाएगी.'
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वैग्नर ग्रुप के विद्रोह के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मीडिया से बात की. पुतिन ने शनिवार, 24 जून की दोपहर मीडिया को संबोधित किया और कहा कि कुछ रूसी लोगों को बहला-फुसलाकर एक आपराधिक एडवेंचर में शामिल किया गया है. रूसी राष्ट्रपति ने अपने भाषण में वैग्नर ग्रुप का नाम नहीं लिया.
पुतिन ने आगे कहा,
'रूस का भविष्य दांव पर है. हम अपने भविष्य के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं. हम नियो-नाज़ी और उनके मालिकों के खिलाफ लड़ रहे हैं. पश्चीमी देशों की पूरी मिलिट्री, आर्थिक और सूचना ताकत हमारे खिलाफ जुटी हुई है. सारी ताकतों को एक साथ आना चाहिए. हम आंतरिक विश्वासघात का सामना कर रहे हैं. हमें रूस में अपनी सभी सेनाओं की एकता की आवश्यकता है. रूस पर 1917 में भी ऐसा ही हमला किया गया था, जब हमने पहला विश्व युद्ध लड़ा था. पर हमसे जीत चुरा ली गई थी. इसके पीछे बहुत सारे षड्यंत्र किए गए थे. रूसी लोगों ने ही रूसियों की हत्या की थी. राजनीतिक फायदे के लिए ये सब किया गया था और विदेशी ताकतों को इसका फायदा मिला था. हम ऐसा (फिर से) नहीं होने देंगे. जिन्होंने भी विद्रोह का रास्ता चुना है, उन्हें कड़ी सज़ा दी जाएगी. उन्हें कानून और हमारे लोगों को जवाब देना होगा. जिन लोगों ने ये कदम उठाया है, उन्होंने पीठ में छुरा घोंपा है. कुछ लोगों ने अपनी महत्वकांक्षाओं के चलते राजद्रोह किया है. ऐसे आपराधिक प्रयासों के खिलाफ राजधानी मॉस्को और कई दूसरे क्षेत्रों में काउंटर ऑपरेशन्स चलाए जा रहे हैं. हम इनपर कड़ी कार्रवाई करूंगा. जो लोग रूस को बांट रहे हैं, उनको सज़ा मिलनी तय है. रूस को इस समस्या की घड़ी में बचाने के लिए हमने हर संभव आदेश दे दिए हैं. रोस्तोव में हालत सुधारने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे.'
पुतिन ने अपने पूरी स्पीच में येवगेनी प्रिगोझिन का नाम भी नहीं लिया. हालांकि, उन्होंने कहा कि रूसी आर्मी इस संकट से निपटने के लिए हर मुमकिन कदम उठाएगी. 24 जून की सुबह वैग्नर ग्रुप के मुखिया येवगेनी प्रिगोझिन ने दावा किया कि वो यूक्रेन से रूस लौट आए हैं और उन्होंने रोस्तोव शहर पर कब्ज़ा भी कर लिया है. फिलहाल, प्रिगोझिन के खिलाफ रूस सरकार ने गिरफ्तारी का वारंट निकाला है.
वैग्नर ग्रुप और रूसी सेना में तनावरूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सबसे भरोसेमंद कहे जाने वाले वैग्नर ग्रुप और रूसी सेना के बीच तनाव हो गया है. ‘वैग्नर ग्रुप’ के प्रमुख ने कथित तौर पर मॉस्को के सैन्य नेतृत्व को उखाड़ फेंकने का फैसला किया है.
रूस में क्रेमलिन की सुरक्षा के लिए मॉस्को में टैंकों की तैनाती किए जाने की सूचना है. क्रेमलिन रूसी राष्ट्रपति के आवासीय परिसर को कहा जाता है, जो राजधानी मॉस्को में है. न्यूज एजेंसी TASS ने एक सूत्र के हवाले से बताया कि 24 जून की तड़के मध्य मॉस्को में सैन्य वाहन देखे गए.
रूस में तख्तापलट की आशंकारूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को वैग्नर प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन के 'सशस्त्र तख्तापलट की कोशिश' के बारे में लगातार जानकारी दी जा रही है. रक्षा मंत्रालय, आंतरिक मामलों के मंत्रालय और नेशनल गार्ड लगातार राष्ट्रपति पुतिन को इससे जुड़ा अपडेट दे रहे हैं.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ‘वैग्नर ग्रुप’ के मुखिया येवगेनी प्रिगोझिन ने यूक्रेन के बखमुत में वैग्नर ट्रेनिंग कैंप पर मिसाइल हमले के लिए क्रेमलिन को दोषी ठहराया है. इस हमले में कई वैग्नर लड़ाके मारे गए थे.
प्रिगोझिन ने अपने प्रवक्ताओं की ओर से जारी ऑडियो संदेशों की एक सीरीज में कहा,
"उन्होंने (रूस की सेना ने) हमारे शिविरों पर मिसाइल हमले किए, जिससे बड़ी संख्या में हमारे लड़ाके, हमारे साथी मारे गए. जो कोई भी प्रतिरोध करेगा, हम उसे खतरा मानेंगे और उसे तुरंत नष्ट कर देंगे. हमें इस समस्या को खत्म करने की जरूरत है. यह कोई सैन्य तख्तापलट नहीं है, बल्कि न्याय का मार्च है."
प्रिगोझिन ने यह भी कहा कि वैग्नर के 25,000 लोगों की मजबूत सेना "मरने के लिए तैयार" है. वहीं रोस्तोव में रूसी अधिकारियों ने लोगों से घर के अंदर ही रहने की अपील की है.
वीडियो: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन में बांध टूटा, हज़ारों लोग डूब जाएंगे?

