बिहार: विजय कुमार सिन्हा का स्पीकर पद से इस्तीफा, पहले इनकार कर दिया था
इससे पहले विजय कुमार सिन्हा ने ये कहकर इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था कि अविश्वास प्रस्ताव लाने में नियमों का ख्याल नहीं रखा गया.

BJP नेता विजय कुमार सिन्हा ने बिहार विधानसभा के स्पीकर पद से इस्तीफा (Vijay Kumar Sinha Resigns as Speaker) दे दिया है. JDU-RJD वाले महागठबंधन के विधायकों ने विजय कुमार सिन्हा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव (No Confidence Motion) लाकर उनसे इस्तीफा देने की मांग की थी. लेकिन सिन्हा ने ये कहकर इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था कि अविश्वास प्रस्ताव नियमों का ख्याल रखे बिना लाया गया है, इसलिए इस्तीफा देना उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाला होगा.
हालांकि बुधवार, 24 अगस्त को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही देर बाद विजय कुमार सिन्हा ने सदन को संबोधित करते हुए अपने इस्तीफे का ऐलान कर दिया. इस दौरान उन्होंने महागठबंधन के विधायकों के लिए कुछ कहा भी.
Speaker पद से इस्तीफा देकर क्या बोले Vijay Kumar Sinha?न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक खुद के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बोलते हुए विजय कुमार सिन्हा ने विधानसभा में मौजूद महागठबंधन के विधायकों से कहा,
“चेयर का पद पंच परमेश्वर का होता है. चेयर पर संदेह जताकर आप क्या संदेश देना चाहते हैं? जनता इसका फैसला करेगी. मैं आपको बताना चाहूंगा कि आपका अविश्वास प्रस्ताव स्पष्ट नहीं है. मुझे मिले नौ में से आठ लोगों के पत्र नियमों के मुताबिक नहीं थे.”
विजय कुमार सिन्हा को JDU-BJP के गठबंधन वाली सरकार बनने के बाद विधानसभा स्पीकर बनाया गया था. लेकिन इसी महीने नीतीश कुमार RJD से हाथ मिलाकर नई सरकार बना चुके हैं. आजतक से जुड़े सुजीत झा की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार बदलने के बाद JDU-RJD चाहती थीं कि विजय कुमार सिन्हा अपना स्पीकर का पद छोड़ दें. हालांकि पहले BJP नेता ने उनकी ये इच्छा पूरी नहीं करने के इरादे जता दिए थे.
दी हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, महागठबंधन के कोई 55 विधायक सिन्हा को हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए थे. हालांकि अब लगता नहीं कि इसका आज होने वाले फ्लोर टेस्ट पर कोई असर पड़ेगा. विजय सिन्हा फ्लोर टेस्ट से पहले ही रिजाइन कर चुके हैं. अब शायद अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा भी ना हो.
बहरहाल, सिन्हा के इस्तीफे के साथ ही नीतीश कुमार के लिए बहुमत सिद्ध करना और आसान हो जाएगा. अब या तो डेप्युटी स्पीकर महेश्वर हजारी फ्लोर टेस्ट कराएंगे या देवेश चंद्र ठाकुर, जिन्होंने कुछ ही देर पहले बिहार विधानसभा के स्पीकर पद के लिए नामांकन फाइल किया है. ये दोनों ही JDU के नेता हैं. संभव है कि पहले देवेश चंद्र ठाकुर को आधिकारिक तौर पर स्पीकर पद पर बिठाया जाए, उसके बाद फ्लोर टेस्ट किया जाए.
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