वाकई. दो लोग बीमार हैं. बीमारी भी ऐसी है कि इससे उनका नहीं, समाज का नुकसान होगा.ये बीमारी मानसिक है, जिसे वक्त रहते पकड़ लिया गया. लोग इन बीमार लोगों के झांसेमें आते, उससे पहले ही पुलिस ने पकड़ लिया और उनको जेल में डाल दिया. ये दावा खुदपुलिस ने किया है. इनके नाम हैं रामसेवक दीक्षित और मंगल दीक्षित. दोनों रहने वालेयूपी के गोंडा जिले के कटरा बाजार इलाके के हैं.पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनएसए लगाने की तैयारी कर ली है.पुलिस का दावा है कि ये दो लोग इलाके में सांप्रदायिक तनाव फैलाना चाहते थे. इस समययूपी क्या पूरे ही देश में गाय और गोरक्षा मुद्दा बना हुआ है. इन दोनों लोगों ने भीइसी मुद्दे को भुनाया. इसके लिए इन दोनों लोगों ने अपने ही गांव को चुना. इन दोनोंने 1 सितंबर की रात अपने पड़ोसी की बछिया खोल ली. उसे पास के खेत में ले गए और उसकागला रेत दिया. इसके पीछे उनका मकसद था कि आरोप दूसरे समुदाय पर लगाया जाए और इलाकेमें दंगा हो जाए या दंगे जैसे हालात हो जाएं, लेकिन पुलिस ने उनको ऐसा करने से रोकलिया.गाय कटने की सूचना पर लोगों ने थाने का घेराव किया.लेकिन दोनों लोग मकसद में फेल हो गए. वे दोनों बछिया को तो मारने में सफल रहे,लेकिन उनको ऐसा करते गांव के ही एक आदमी ने देख लिया. उसने मौके से ही पुलिस को फोनकर दिया. पुलिस पहुंची और मय हथियार दोनों लोगों को गिरफ्तार कर लिया. गांव केहिंदू हो या मुस्लिम, दोनों ही लोगों ने ऐसे बीमारों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षाकानून के तहत कार्रवाई की मांग की है. गोंडा के एसपी उमेश कुमार सिंह ने भी दोनोंके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है.समाज में ऐसे बीमारों की संख्या बढ़ती जा रही है, जो थोड़े से पैसे या फिर किसी औरलालच से समाज को बांटने का काम कर रहे हैं. ऐसे में ये हम सबकी जिम्मेदारी है किऐसे बीमारों से खुद भी बचें और दूसरों को भी बचाएं.--------------------------------------------------------------------------------क्या आपकी हमारी ज़िंदगी की कीमत बस माथे पर लिखा ये नंबर है ये भी पढ़ें:गोरक्षकों के मुंह खून लग गया है, वो गाय के मुद्दे के बिना भी मारेंगेइधर मोदी भाषण दे रहे थे, उधर गो-रक्षक एक और आदमी की जान ले रहे थेगाय के बारे में 11 बातें, जो गोरक्षक भी नहीं जानतेगाय पर एक निबंध