मुलायम ने अपने सबसे करीबी आदमी की भयंकर बेइज्जती की है
बड़े दिनों बाद मीडिया के सामने आए मुलायम ने उसे भी गोली दे दी, जिसने कभी उनका साथ नहीं छोड़ा.

मुलायम सिंह यादव आए. बहुत दिनों बाद. नखलऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे. उम्मीद थी कोई तड़कता-फड़कता गोला छोड़ेंगे, लेकिन थोड़ी ही देर में मुंह पोछकर चल दिए. योगी सरकार और अपने सुपुत्र अखिलेश यादव पर जो थोड़ा-बहुत बोले, वो इस प्रकार है-
'केंद्र सरकार ने जो वादे किए थे, तीन साल में उनमें से कुछ भी पूरा नहीं किया. नोटबंदी ने लोगों की कमर तोड़ दी. यूपी में कानून बचा ही नहीं है. BHU में लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं. यूपी सरकार ने वादे किए थे, वो उनसे उलट काम कर रही है. गांव छोड़िए, अब तो लखनऊ में बिजली नहीं आ रही है. देश में समाजवादियों को एकता की जरूरत है. हमारी पार्टी गांव-शहर-मोहल्लों... हर जगह है.'
'अखिलेश यादव पुत्र हैं, तो आशीर्वाद तो देता हूं, लेकिन मैं उनके फैसलों से सहमत नहीं हूं. अखिलेश ने मुझसे कहा था कि तीन महीने के लिए अध्यक्ष पद पर रहूंगा, फिर आपको पद दे दूंगा. लेकिन जो जुबान का पक्का नहीं, वो कामयाब नहीं होगा. जिसने बाप को धोखा दिया, वो किसी और का क्या होगा. देश के सबसे बड़े नेता ने भी कन्नौज में ये बात कही थी.'He is me son so my blessings are with him but I don't agree with his decisions: Mulayam Singh Yadav on Akhilesh Yadav pic.twitter.com/8o6WxJ5EHF
— ANI UP (@ANINewsUP) September 25, 2017
और सबसे बड़ी बात,
'अभी मैं कोई नई पार्टी नहीं बना रहा हूं.'
I am not forming a new party as of now: Mulayam Singh Yadav pic.twitter.com/dR1yARIlIn
— ANI UP (@ANINewsUP) September 25, 2017
यही वो बात है, जो मुलायम कहने आए थे. मजे की बात ये कि खुद शिवपाल ने ये बात मुलायम को लिखकर दी थी. समझाकर भेजा होगा कि बोल देना कि नई पार्टी बनाने जा रहे हैं, लेकिन मुलायम नहीं बोले. पिछली सरकार में मंत्री शारदा प्रसाद शुक्ला ने बार मुलायम से वो पन्ना पढ़ने के लिए कहा, लेकिन मुलायम ने नहीं पढ़ा. कहा, 'अभी नहीं, बाद में.' देखिए वो लेटर, जो शिवपाल ने लिखकर दिया था. जब मुलायम नहीं बोले, तो बाद में ये लेटर मीडिया में आया.

वो लेटर, जिसके बारे में दावा किया जा रहा है कि शिवपाल ने लिखकर दिया था, लेकिन मुलायम ने नहीं पढ़ा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुलायम किसी 'ओल्ड स्कूल' की तरह बैठे थे. मन किया, तो सवाल का जवाब दिया. नहीं मन किया, तो झिड़क दिया. पहलवान 77 साल के हो चुके हैं. ये नौटंकी यूपी विधानसभा चुनाव के पहले से चली आ रही है कि शिवपाल कुछ समझाकर भेजते हैं, लेकिन आखिर में मुलायम बेटे के पाले में चले जाते हैं. मजे की बात ये कि मुलायम की प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म होने के तुरंत बाद अखिलेश का ट्वीट आया, 'नेताजी ज़िंदाबाद समाजवादी पार्टी ज़िंदाबाद'.
नेताजी ज़िंदाबाद समाजवादी पार्टी ज़िंदाबाद
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) September 25, 2017
अगली पंगत 5 अक्टूबर को आगरा में बैठेगी, जब समाजवादी पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन होगा. इसमें अगले तीन साल के लिए पार्टी अध्यक्ष का चुनाव होगा. देखते हैं कि अखिलेश पापा को रिटर्न गिफ्ट देंगे या नहीं.
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