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कर्नाटक: सावरकर के पोस्टर पर शिवमोगा में बवाल, शख्स को मारा चाकू, कर्फ्यू लगा

मुस्लिम समुदाय के युवकों ने किया सावरकर के पोस्टर का विरोध. प्रेम सिंह नाम के व्यक्ति को मारा गया चाकू.

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15 अगस्त 2022 (अपडेटेड: 15 अगस्त 2022, 08:48 PM IST)
karnataka savarkar poster row
पीड़ित को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है. (फोटो - इंडिया टुडे)
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कर्नाटक के शिवमोगा (Shivamogga) में अमीर अहमद सर्कल में 15 अगस्त को वीडी सावरकर (Veer Savarkar) के पोस्टर लगाए गए. इसे लेकर विवाद हो गया. अब ख़बर ये आई है कि विवाद के दौरान गांधी बाज़ार इलाक़े में एक व्यक्ति पर चाकू से हमला किया गया. हिंदू कार्यकर्ताओं ने इसके खिलाफ प्रदर्शन किया, जिसके बाद शहर में धारा 144 लगा दी गई है.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक़, जिस व्यक्ति पर हमला हुआ है, उसका नाम प्रेम सिंह है. पीड़ित को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस की शुरुआती जांच के हिसाब से हमले के पीछे का मक़सद अभी तक पता नहीं चल पाया है. हालांकि, कर्नाटक के गृह मंत्री ने आशंका जताई है कि ये घटना शिवमोगा में चल रहे सावरकर फोटो मुद्दे की वजह से ही हुई. कर्नाटक के गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने इंडिया टुडे को बताया,

"मुझे बताया गया है कि शिवमोगा में चाकू मारने की एक घटना हुई है. क्या यह सावरकर की तस्वीर के मुद्दे से जुड़ी हुई है? लग तो ऐसा ही रहा है, लेकिन अभी तक पूरी जानकारी नहीं मिली है."

कर्नाटक पुलिस ने शिवमोगा ज़िले के कुछ हिस्सों में धारा-144 लागू कर दी है. दुकानों के शटर गिरा दिए गए हैं.

विवाद क्यों हो रहा है?

दरअसल, 15 अगस्त की सुबह अमीर अहमद सर्कल में मुस्लिम समुदाय के कुछ युवकों ने सावरकर के पोस्टर को हटाने की मांग की. हिंदू कार्यकर्ताओं ने इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. तनाव बढ़ गया. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से ये बात भी सामने आई कि मुस्लिम समुदाय के कुछ युवकों ने सावरकर का पोस्टर हटाकर टीपू सुल्तान का पोस्टर लगाने की कोशिश की. 

कर्नाटक में इसी तरह की एक और घटना हुई. मंगलुरु में सूरथकल जंक्शन पर सावरकर का एक बैनर लगाया गया था. सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ इंडिया (SDPI) के कार्यकर्ताओं ने बैनर के प्रति आपत्ति ज़ाहिर की. उसे हटाने की मांग की. बाद में इस बैनर को हटा दिया गया. SDPI के एक स्थानीय नेता ने मीडिया को बताया कि इस मुद्दे को फ़ौरन पुलिस के संज्ञान में लाया गया क्योंकि सूरथकल सांप्रदायिक रूप से नाज़ुक इलाक़ा बना हुआ है. 

इससे पहले कुछ समय पहले ही भाजपा विधायक वाई भरत शेट्टी ने मंगलुरु नगर निगम के सामने एक प्रस्ताव रखा था कि सावरकर के नाम पर एक चौराहे का नाम रखा जाए. निगम ने प्रस्ताव को मंज़ूरी भी दे दी. SDPI इस नामकरण के भी ख़िलाफ़ है.

वीडियो- सावरकर के पोते ने महात्मा गांधी को लेकर क्या कह दिया?

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