मोबाइल में ड्रग्स खोजू अभियान चला रही हैदराबाद पुलिस चैट में 'Ganja' को गांजा पढ़ेगी या गंजा?
लोग मजे लेकर कह रहे, पुलिस अब ये न चेक करने लगे कि राह चलते लोगों के पास कितने नोट, कितने चिल्लर हैं!
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लोगों के फोन चेक करती हैदराबाद पुलिस, (वीडियो का स्क्रीनशॉर्ट)
मुंबई क्रूज ड्रग्स केस में आर्यन खान जेल में हैं. उन्हें जमानत नहीं मिल रही है. NCB कह रही है कि आर्यन खान के मोबाइल फोन में 'ड्रग्स चैट' मिली है. इसी चैट के हवाले से NCB एक्ट्रेस अनन्या पांडे से भी पूछताछ कर चुकी है. आर्यन खान के बहाने मीडिया-सोशल मीडिया में 'ड्रग्स-ड्रग्स' छाया हुआ है. उधर मुंबई से 700 किलोमीटर दूर हैदराबाद में ड्रग्स ढूंढने की अलग ही पुलिसिया मुहिम चल रही है. यहां पुलिस सड़क पर आ-जा रही गाड़ियों को रोकती है. उनकी तलाशी लेती है. फिर बारी आती है गाड़ियों पर सवार लोगों की. पुलिस पहले उनसे पूछताछ करती है. कुछ नहीं मिलता तो मोबाइल मांगती है और उसमें ड्रग्स ढूंढने लगती है.
ये क्या चक्कर है!
जानने में अजीब है लेकिन सच है. हैदराबाद पुलिस का एक वीडियो सामने आया है. इसमें पुलिसवाले सड़क पर जा रहे लोगों को रोककर उनके मोबाइल फोन चेक कर रहे हैं. ताकि गांजा या अन्य ड्रग्स को लेकर अगर कोई चैट हुई है तो उस बारे में पता लगाया जा सके. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है जिस पर कई लोग मजे ले रहे हैं तो कई पुलिस की इस अजीब कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं.
मामला क्या है?
दरअसल हैदराबाद पुलिस ने एंटी गांजा ड्रग्स ड्राइव चलाया है. दावा है कि 2 महीने से ये अभियान चल रहा है. वायरल वीडियो में दिख रहा है कि पुलिसवाले सड़क पर जा रहे लोगों, खासकर बाइक और स्कूटी वालों को रोकते हैं, उनका सामान चेक करते हैं. साथ ही उनके मोबाइल भी खंगालते हैं और चैट में ड्रग्स शब्द खोजते हैं.
अब ये जानने में है तो अजीब, लेकिन साउथ जोन के DCP गजराव भूपाल का कहना है,
लोग क्या कह रहे हैं?
पुलिस की ओर से लोगों के मोबाइल फोन खंगालने वाला वीडियो ट्विटर पर शेयर करते हुए एक्टिविस्ट श्रीनिवास कोडाली ने लिखा,
एक यूजर ने व्यंग करते हुए लिखा,
पीयूष राय ने लिखा,
वहीं सोशल एक्सपेरिमेंट नाम के ट्विटर हैंडल से कहा गया,
पुलिस क्या कह रही है?
वायरल वीडियो पर हैदराबाद साउथ जोन के DCP गजराव भूपाल की प्रतिक्रिया भी आई. thenewsminute की खबर के मुताबिक उनका कहना है,
ये पूछने पर कि क्या पुलिस द्वारा फोन मांगने पर लोग अपना मोबाइल फोन देने से इन्कार कर सकते हैं उन्होंने कहा,
पुलिस की इस दलील में कई लोगों को दिलचस्पी नहीं है. कुछ ऐक्टविस्टों ने पुलिस के इस इस कदम की निंदा करते हुए कहा है कि ये न केवल अवैध है, बल्कि असंवैधानिक भी है. उनके मुताबिक 2017 में सुप्रीम कोर्ट साफ कर चुका है कि गोपनीयता एक मौलिक अधिकार है. पुलिस को लोगों के फोन को अचानक चेक करने का कोई अधिकार नहीं है. यदि वे ऐसा करना चाहते हैं, तो उन्हें कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया का पालन करना चाहिए. वे जो कर रहे हैं वो निजता के अधिकार का उल्लंघन है और अनुचित, अवैध और गैरकानूनी है.

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