राम गोपाल वर्मा ने ऐसा क्या कर दिया कि उन पर फेडरेशन ने आजीवन बैन लगा दिया?
32 यूनियन वाली फेडरेशन का कोई सदस्य उनके साथ भविष्य में काम नहीं करेगा.
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फेडरेशन ने रामू को लेटर भी भेजे पर उन्होंने लेने तक से इंकार कर दिया. फोटो - फाइल
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राम गोपाल वर्मा. एक समय ‘सत्या’, ‘कंपनी’, ‘रंगीला’ जैसी कद्दावर फिल्में दे चुके डायरेक्टर. पर पिछले कुछ सालों से कॉन्ट्रोवर्सी में ही चल रहे हैं. कभी अपनी फिल्मों को लेकर, तो कभी अपने ट्वीट्स के चक्कर में. अब ऐसा ही एक और मामला सामने आया है. जहां फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एमप्लॉइज़ यानि FWICE ने उन पर बैन लगा दिया है.

पिछले कुछ सालों से रामू और विवादों का गहरा साथ रहा है. फोटो - फाइल
फेडरेशन के अंडर 32 यूनियंस आती हैं. फ़ैसले के तहत इन यूनियंस का कोई भी सदस्य राम गोपाल वर्मा के साथ भविष्य में काम नहीं करेगा. चाहे वो देश भर में कहीं भी शूट कर रहें हो. रामू पर आरोप है कि उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कलाकारों, टेक्नीशियंस और वर्कर्स के पैसे नहीं चुकाए. ये बकाया राशि लगभग सवा करोड़ रुपए से ऊपर है. फेडरेशन के प्रेसीडेंट बीएन तिवारी, जनरल सेक्रेटरी अशोक दुबे और ट्रेज़रर गंगेश्वरलाल श्रीवास्तव के मुताबिक रामू को लीगल नोटिस भी भेजा जा चुका हैं. रामू ने ना तो बकाया राशि चुकाई और ना ही नोटिस का ठीक से जवाब दिया. फेडरेशन की मानें तो रामू को 17 सितंबर, 2020 को लेटर भेजा गया. जिसमें उन तमाम टेक्नीशियंस की पूरी लिस्ट के साथ उनकी बकाया राशि का भी विवरण था. इस बारे में पहले भी रामू को लेटर भेजा गया था. पर रामू ने लेटर लेने भर से भी इनकार कर दिया.

पिछले हफ्ते 8 जनवरी को रामू की फिल्म '12 ओ क्लॉक' भी रिलीज़ हुई. फोटो - ट्विटर
बीएन तिवारी के मुताबिक उन्हें बीच में पता चला था कि रामू कोरोना काल में शूटिंग कर रहे हैं. जिस बारे में उन्होंने 10 सितंबर, 2020 को एक लेटर लिखा. गोवा के चीफ मिनिस्टर प्रमोद सावंत के नाम. चाहते थे कि रामू गरीब टेक्नीशियंस और वर्कर्स के पैसों का भुगतान कर दें. मगर रामू ने इस डायरेक्शन में कोई कदम नहीं उठाया. जिसके बाद मजबूरी में रामू के खिलाफ ये कदम उठाना पड़ा.
इम्पा और गिल्ड भी फिल्म इंडस्ट्री की दो मेजर यूनियन हैं. उन्हें भी इस बारे में सूचित कर दिया गया है. बता दें कि रामू की तरफ से इस पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

पिछले कुछ सालों से रामू और विवादों का गहरा साथ रहा है. फोटो - फाइल
फेडरेशन के अंडर 32 यूनियंस आती हैं. फ़ैसले के तहत इन यूनियंस का कोई भी सदस्य राम गोपाल वर्मा के साथ भविष्य में काम नहीं करेगा. चाहे वो देश भर में कहीं भी शूट कर रहें हो. रामू पर आरोप है कि उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कलाकारों, टेक्नीशियंस और वर्कर्स के पैसे नहीं चुकाए. ये बकाया राशि लगभग सवा करोड़ रुपए से ऊपर है. फेडरेशन के प्रेसीडेंट बीएन तिवारी, जनरल सेक्रेटरी अशोक दुबे और ट्रेज़रर गंगेश्वरलाल श्रीवास्तव के मुताबिक रामू को लीगल नोटिस भी भेजा जा चुका हैं. रामू ने ना तो बकाया राशि चुकाई और ना ही नोटिस का ठीक से जवाब दिया. फेडरेशन की मानें तो रामू को 17 सितंबर, 2020 को लेटर भेजा गया. जिसमें उन तमाम टेक्नीशियंस की पूरी लिस्ट के साथ उनकी बकाया राशि का भी विवरण था. इस बारे में पहले भी रामू को लेटर भेजा गया था. पर रामू ने लेटर लेने भर से भी इनकार कर दिया.

पिछले हफ्ते 8 जनवरी को रामू की फिल्म '12 ओ क्लॉक' भी रिलीज़ हुई. फोटो - ट्विटर
बीएन तिवारी के मुताबिक उन्हें बीच में पता चला था कि रामू कोरोना काल में शूटिंग कर रहे हैं. जिस बारे में उन्होंने 10 सितंबर, 2020 को एक लेटर लिखा. गोवा के चीफ मिनिस्टर प्रमोद सावंत के नाम. चाहते थे कि रामू गरीब टेक्नीशियंस और वर्कर्स के पैसों का भुगतान कर दें. मगर रामू ने इस डायरेक्शन में कोई कदम नहीं उठाया. जिसके बाद मजबूरी में रामू के खिलाफ ये कदम उठाना पड़ा.
इम्पा और गिल्ड भी फिल्म इंडस्ट्री की दो मेजर यूनियन हैं. उन्हें भी इस बारे में सूचित कर दिया गया है. बता दें कि रामू की तरफ से इस पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

