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सिद्धू ने एक नहीं तीन-तीन खत लिखे, तब जाकर मिली पाकिस्तान जाने की इजाज़त!

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नवजोत सिंह सिद्धू. पूर्व क्रिकेटर. कांग्रेस के नेता. पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री. पाकिस्तान जाना चाहते हैं. करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए. 9 नवंबर को कॉरिडोर का उद्घाटन है. सिद्धू तीन बार लेटर लिख चुके हैं. खबर है कि तीसरी चिट्ठी के बाद विदेश मंत्रालय ने फाइनली उन्हें जाने की इजाज़त दे दी है.

सिद्धू ने सात नवंबर को अपनी तीसरी चिट्ठी में लिखा,

करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह शामिल होने के लिए मैंने इजाजत मांगी थी. लेकिन अब तक इस बारे में कोई जवाब नहीं आया है. देरी और कोई जवाब न मिलने से मेरे भविष्य के कार्यों में बाधा पहुंच सकती है. मैं यह स्पष्ट करता हूं कि यदि सरकार को कोई दिक्कत है. और वो मुझे पाकिस्तान जाने से मना करती है तो एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते मैं वहां नहीं जाउंगा. लेकिन यदि आपने मेरे तीसरे पत्र का भी जवाब नहीं दिया तो हजारों सिख भक्तों की तरह मैं वैध वीजा के साथ पाकिस्तान जाऊंगा.

इससे एक दिन पहले ही सिद्धू ने 6 नवंबर को दूसरी बार लेटर लिखा था. और पाकिस्तान जाने की इजाज़त मांगी थी. इस लेटर में सिद्धू ने लिखा था,

जो न्यौता आया है उसकी कॉपी पहले ही भेजी जा चुकी है. मैं आपसे विनम्रता पूर्वक 9 नवंबर को सुबह 9 बजकर 30 मिनट पर कॉरिडोर पार करके दूसरी ओर जाने की अनुमति दिए जाने का अनुरोध करता हूं. कॉरिडोर के उद्घाटन का समय 11 बजे सुनिश्चित किया गया है.

सिद्धू ने पहली बार दो नवंबर को लेटर लिखकर पाकिस्तान जाने की इजाज़त मांगी थी. इस लेटर में उन्होंने लिखा था,

‘9 नवंबर को श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर के उद्घाटन कार्यक्रम में पाकिस्तान सरकार ने मुझे आमंत्रित किया है. एक सिख होने के नाते अपने महान गुरु बाबा नानक के प्रति श्रद्धा अर्पित करने का सम्मान मिलना और अपनी जड़ों से जुड़ने का यह एक ऐतिहासिक मौका है. इस खास अवसर पर पाकिस्तान यात्रा की इजाजत दी जाए. इसके अलावा नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को भी लेटर लिखा था. इस लेटर में उन्होंने लिखा था, ‘आपको ध्यान दिलाना चाहता हूं कि पाकिस्तान सरकार ने मुझे श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर के कार्यक्रम में बुलाया है. इसलिए मुझे इस मौके पर पाकिस्तान जाने की इजाजत दी जाए.

 

दरअसल विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि जो लोग करतारपुर जाने वाले भारत के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा नहीं हैं, उन्हें पाकिस्तान जाने के लिए सामान्य प्रक्रिया के तहत राजनीतिक मंजूरी लेनी होगी. भारत ने पाकिस्तान के साथ जो लिस्ट साझा की है उसमें केंद्रीय मंत्रियों, पंजाब सरकार के मंत्रियों के अलावा अन्य लोगों के नाम हैं. लेकिन इस लिस्ट में सिद्धू का नाम नहीं है. इसलिए उन्होंने लेटर लिखकर पाकिस्तान जाने की इजाज़त मांगी है. हालांकि सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि सरकार ने सिद्धू को पाकिस्तान जाने की इजाजत दे दी है. पाकिस्तान पहले ही उन्हें वीजा दे चुका है.


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