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नरेंद्र मोदी पर बनी फिल्म की नई रिलीज़ डेट आ गई है

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नरेंद्र मोदी पर बनी बायोपिक ‘पीएम नरेंद्र मोदी’ बनने के बाद से ही मुश्किलों में थी. पहले उसकी रिलीज़ डेट आई 5 अप्रैल. लेकिन किन्हीं वजहों से उसे आगे बढ़ाकर 11 अप्रैल कर दिया गया. ये वही तारीख थी, जिस दिन से भारत में लोक सभा के चुनाव शुरू हो रहे थे. फिल्म की रिलीज़ के ठीक एक दिन पहले चुनाव आयोग से इस फिल्म के मेकर्स को आदेश आया कि उनकी फिल्म चुनाव के दौरान रिलीज़ नहीं की जा सकती. यानी ईसी के अगले आदेश तक फिल्म को बैन कर दिया था. अब उस फिल्म की नई रिलीज़ डेट आ गई है. ये तारीख है 24 मई. यानी चुनाव खत्म होने और वोटों की गिनती के बाद फैसला आ जाने (23 मई) के ठीक अगले दिन ये फिल्म रिलीज़ होगी.

हुआ ये था कि इस फिल्म के मेकर्स चुनाव आयोग के फिल्म बैन वाले फैसले को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट गए थे. कोर्ट के आदेश पर इलेक्शन कमीशन ने सात लोगों की एक टीम गठित की और उनसे कहा कि ये फिल्म देखकर 22 अप्रैल तक अपनी रिपोर्ट कोर्ट में जमा करें. ईसी की सात सदस्यी टीम ने इस फिल्म को देखी और कोर्ट को सौंपी अपनी रिपोर्ट में बताया कि आचार संहिता लागू होने के बाद इस फिल्म की पब्लिक स्क्रीनिंग चुनावी संतुलन बिगाड़कर मामला पार्टी विशेष की ओर झुका देगी. इसलिए इस फिल्म को चुनाव के दौरान (19 मई तक) रिलीज़ करने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए. इस रिपोर्ट के एक अंश को पढ़ें, तो वो कुछ यूं है-

जनवरी में आए इस फिल्म के पहले पोस्टर में विवेक ओबरॉय.
जनवरी में आए इस फिल्म के पहले पोस्टर में विवेक ओबरॉय.

”फिल्म की शुरुआत से लेकर आखिर तक नरेंद्र मोदी के किरदार का महिमामंडन साफ तौर पर नज़र आता है. ये किसी आम आदमी की कहानी से ज़्यादा किसी संत की जीवनी सरीखी लग रही है. फिल्म में कई सीन्स ऐसे हैं, जिनमें विरोधी पार्टियों को भ्रष्ट और गलत तरीके से दिखाया गया है. उन पार्टी को नेताओं का चित्रण इस प्रकार से किया गया है कि जनता को उन्हें पहचानने में कोई दिक्कत नहीं आएगी. ‘पीएम नरेंद्र मोदी’ फिल्म ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न करती है, जहां एक आदमी कल्ट स्टेटस पा जाता है. 135 मिनट लंबी ये फिल्म पूरी तरह से एकतरफा लगती है, जो अलग-अलग नारों, सीन्स और चिन्हों की मदद से एक आदमी को ऊंचा दर्जा देती है. व्यक्ति विशेष का महिमामंडन करती है और उसे संत-महात्मा जैसा कुछ साबित कर देती है.”

इस रिपोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म को चुनाव के दौरान रिलीज़ न करने के ईसी के फैसले को बरकरार रखा. 26 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वो चुनाव आयोग और इस फिल्म की रिलीज़ रोकने के फैसले के बीच कोई दखलअंदाज़ी नहीं करेगी. तब से लेकर अब तक इसकी रिलीज़ पर जो तलवार लटकी हुई थी, वो अब जाकर हटी है.

उम्र के अलग-अलग पड़ावों पर नरेंद्र मोदी के किरदार में विवेक ओबेरॉय.
उम्र के अलग-अलग पड़ावों पर नरेंद्र मोदी के किरदार में विवेक ओबेरॉय. इस फिल्म को विवेक के पिता सुरेश ओबेरॉय ने प्रोड्यूस किया है.

फिल्म ‘पीएम नरेंद्र मोदी’ में विवेक ओबेरॉय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रोल कर रहे हैं. उनके अलावा इस फिल्म में मनोज जोशी, जरीना वहाब, बरखा बिष्ट सेनगुप्ता, प्रशांत नारायणन और बोमन ईरानी जैसे एक्टर्स नज़र आने वाले हैं. इस फिल्म को ‘सरबजीत’ और ‘मैरीकॉम’ फेम डायरेक्टर ओमंग कुमार ने डायरेक्ट किया है. सिर्फ फिल्म ही नहीं, नरेंद्र मोदी के जीवन पर ‘मोदी: जर्नी ऑफ अ कॉमन मैन’ नाम की एक वेब सीरीज़ भी बनी थी, ईसी के आदेश पर उसे भी इंटरनेट पर हटाया जा चुका है.


वीडियो देखें: फिल्म PM नरेंद्र मोदी के क्रेडिट्स में एक झूठा नाम दिया गया है?

 

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Modi Biopic latest release date: Now Film PM Narendra Modi will be releasing after Lok Sabha Elections 2019

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