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तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित का निधन

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दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और दिल्ली कांग्रेस की अध्यक्ष शीला दीक्षित नहीं रहीं. 20 जुलाई 2019 को उनका निधन हो गया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एस्कॉर्ट अस्पताल में शाम 3:30 पर उन्होंने अंतिम सांस ली. वह 81 साल की थीं और लंबे समय से बीमार थीं. शीला दीक्षित साल 1998 से 2013 तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं. उनके नेतृत्व में लगातार तीन बार कांग्रेस ने दिल्ली में सरकार बनाई.

शीला दीक्षित के निधन पर कई नेताओं ने ट्वीट कर दुख जताया है. उनकी पार्टी कांग्रेस, जिसकी उन्होंने जीवनभर सेवा की ट्वीट किया. शीला दीक्षित के निधन से हम दुखी हैं. वह आजीवन कांग्रेस की कार्यकर्ता रहीं. तीन बार दिल्ली की सीएम के रूप में उन्होंने दिल्ली का चेहरा बदल दिया. उनके परिवार और दोस्तों के प्रति हमारी संवेदना है. इस दुख की घड़ी में भगवान उन्हें ताकत दे.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शीला दीक्षित के निधन पर शोक व्यक्त किया है. ट्वीट किया,

‘दिल्ली की पूर्व सीएम और सीनियर नेता शीला दीक्षित के निधन की खबर से दुखी हूं. उनका कार्यकाल दिल्ली में बदलाव का दौर था, जिसके लिए उन्हें याद किया जाएगा. उनके परिवार और साथियों के प्रति संवेदनाएं.’

पीएम मोदी ने ट्वीट किया, ‘शीला दीक्षित जी के निधन से बेहद दुखी हूं. वह मिलनसार व्यक्तित्व की धनी थीं. दिल्ली के विकास के लिए उन्होंने अभूतपूर्व कार्य किए. उनके परिवार और समर्थकों को मेरी सांत्वना. ओम शांति.

शीला दीक्षित के निधन पर राहुल गांधी ने दुख जताया. ट्विटर पर लिखा,  मैं कांग्रेस पार्टी की प्यारी बेटी शीला दीक्षित जी के निधन के बारे में सुनकर बहुत निराश हूं. उनके साथ मेरे एक करीबी संबंध थे. उनके परिवार और दिल्ली के नागरिकों के प्रति मेरी संवेदना है. निस्वार्थ भाव से उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में तीन बार सेवा दी. दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने श्रद्धांजलि दी. ट्वीट किया, ‘शीला दीक्षित जी के निधन की हाल ही में खबर मिली है. यह दिल्ली के लिए बड़ी क्षति है. उन्हें हमेशा याद किया जाएगा. उनके परिवार के सदस्यों के प्रति मैं ह्रदय से संवेदना व्यक्त करता हूं. भगवान उनकी आत्मा को शांति दे.’ शीला दीक्षित का जन्म 31 मार्च 1938 को पंजाब के कपूरथला में हुआ था. उन्होंने दिल्ली के कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी स्कूल से पढ़ाई की. इसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के मिरांडा हाउस कॉलेज से मास्टर्स ऑफ आर्ट्स की डिग्री हासिल की. शीला दीक्षित साल 1984 से 1989 तक उत्तर प्रदेश के कन्नौज से सांसद रहीं. बतौर सांसद वह लोकसभा की एस्टिमेट्स कमिटी का हिस्सा भी रहीं.


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