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'5 लाख तक टैक्स नहीं' ये सुनने के बाद कन्फ्यूजन क्यों फैला?

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तो आज अंतरिम बजट पेश हुआ. सबसे पहले वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने सरकार की उपलब्धियां गिनाई. 2022 तक न्यू इंडिया बनाने का ज़िक्र किया. समझाया कि देश वापस ट्रैक पर है. तरक्की कर रहा है. 2022 का न्यू इंडिया साफ सुथरा होगा, सबके पास घर होगा. शौचालय होगा. बिजली होगी. किसानों की आय दोगुनी होगी.

किसानों की आय दो गुनी होने का दावा
किसानों की आय दो गुनी होने का दावा

और पीयूष गोयल ने क्या बताया?
1. बताया 2013-14 में हम 11वें नंबर पर थे, आज दुनिया की छठवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं.
2. वर्डप्ले किया कि हमने कमरतोड़ महंगाई की कमर तोड़ दी. 10.1 की मुद्रास्फीति को 4.6 पर ले आए. महंगाई घटी वरना खर्च 35 से 40% ज्यादा होता.
3. ये सब बताते हुए ये भी स्वीकार किया कि खेती से आमदनी कम हो गई है. किसान गरीब हुआ है. इसकी वजह बताई गई कि इंटरनेशनल मार्केट में खेती से जुड़ी चीजों के दाम गिरे हैं. दूसरी वजह बताई गई कि जब महंगाई कम हुई तो खाने की चीजों के दाम भी कम हुए जिसका असर किसान पर पड़ा.
साथ ही जाते-जाते मुक्तिबोध की एक कविता पढ़ते गए. उन्होंने तो दो पंक्तियां ही पढ़ी. हम पूरी कविता पढ़ाएंगे और उसकी मदद से बजट समझने की कोशिश करेंगे.

 मुझे कदम-कदम पर
चौराहे मिलते हैं
बांहे फैलाए !!
एक पैर रखता हूं
कि सौ राहें फूटतीं,
मैं उन सब पर से गुजरना चाहता हूं
बहुत अच्छे लगते हैं
उनके तजुर्बे और अपने सपने
सब सच्चे लगते हैं,
अजीब सी अकुलाहट दिल में उभरती है
मैं कुछ गहरे मे उतरना चाहता हूं,
जाने क्या मिल जाए

किसानों को क्या मिला? वोट डालने से पहले 2 हज़ार!

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की घोषणा हुई. छोटे और सीमांत किसानों को फिक्स्ड इनकम दिलाने के लिए ये स्कीम आई. कहा गया कि एक तो इससे किसानों को पूरक आय मिलेगी. दूसरा- कटाई के सीजन के समय जो अचानक पैसे की जरूरत पड़ जाती है वो किल्लत नहीं होगी.

योजना के डीटेल्स ये रहे

1. छोटे किसानों को ध्यान में रखकर बनाई गई योजना.

2. दो हेक्टेयर तक जमीन वाले किसानों को हर साल 6 हजार रुपए मिलेंगे.

3. किसानों को मिलने वाले पैसे सीधे बैंक अकाउंट में पहुंचेंगे.

4. रकम एक बार में नहीं मिलेगी. तीन क़िस्त में 2-2 हजार रुपए करके मिलेगी.

5. वित्तमंत्री के मुताबिक़ इस स्कीम से 12 करोड़ किसान परिवारों को फायदा पहुंचेगा.

6. अब आपका सवाल होगा कि स्कीम लागू कब से होगी? जवाब ये कि 1 दिसंबर, 2018 से इसे लागू किया जाएगा और 31 मार्च, 2019 तक के लिए इसकी पहली किस्त बनेगी. मतलब चुनाव के पहले किसानों के खाते में 2000 होंगे.

7. इसमें सरकार का 75,000 करोड़ रुपये सालाना खर्च होगा.

ये तो रही इस स्कीम की बात, किसानों के लिए और क्या घोषणाएं हुईं?

1. राष्ट्रीय गोकुल मिशन की ग्रांट बढ़ाकर 750 करोड़ रुपये कर दी गई.

2. राष्ट्रीय कामधेनू आयोग की स्थापना की घोषणा भी हुई.

3. पशुपालन और मछली पालन के लिए कर्ज में 2% छूट देने का ऐलान भी हुआ.

मुझे भ्रम होता है कि प्रत्येक पत्थर में
चमकता हीरा है,
हर-एक छाती में आत्मा अधीरा है,
प्रत्येक सुस्मित में विमल सदानीरा है
मुझे भ्रम होता है कि प्रत्येक वाणी में
महाकाव्य-पीड़ा है

पीड़ा मजदूरों की समझी गई, घोषणा पेंशन की हुई

योजना आई श्रमजीवी मानधन योजना. असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए. योजना के डीटेल्स ये रहे.

1. दिहाड़ी मजदूरी करने वालों को हर महीने 3,000 रुपए पेंशन दी जाएगी.

2. इस योजना का फायदा उनको मिलेगा. जो महीने का 15 हज़ार रुपए कमाते हैं.

3. कितने लोग इस योजना में कवर किये जाएंगे? जवाब है –10 करोड़.

4. फायदा उन कामगारों को मिलेगा, जिनकी उम्र अभी 18 से 29 साल के बीच है. फायदा तब होगा जब वो 60 साल से ज्यादा के हो जाएंगे.

5. लेकिन सब फ्री नहीं रहेगा. 29 साल की उम्र वालों को 60 साल की उम्र तक हर महीने 100 रुपए जमा कराने होंगे. तब 60 साल के बाद पेंशन मिलेगी.

6. लेकिन अगर कोई 18 साल की उम्र से पैसे जमा कराना शुरू कर दे तो उसको सिर्फ 55 रूपए देने होंगे.

7. इस योजना के लिए सरकार ने 500 करोड़ का बजट तय किया है. तय हुआ कि स्कीम इसी साल से लागू होगी.

8. काम करते हुए अगर किसी श्रमिक की मौत हो जाती है तो पहले ढाई लाख मुआवजा मिलता था. अब वो रकम 6 लाख रुपए कर दी गई है.

पल-भर मैं सबमें से गुजरना चाहता हूं
प्रत्येक उर में से तिर आना चाहता हूं
इस तरह खुद ही को दिए-दिए फिरता हूं,
अजीब है ज़िंदगी 

गुजरती तो ट्रेन भी है, मतलब रेल गाड़ी. आज रेल बजट भी आया

पहले से ही तय था कि इस बजट में रेल बजट भी नत्थी होगा. रेल बजटों का इतिहास रहा है. भारी-भरकम तैयारी के साथ आते थे. अब ऐसा नहीं होता. इस बार आया बस एक पैराग्राफ में. कहा गया रेलवे को बजट में 64587 करोड़ दिए जाएंगे.
दो बड़ी बातें कहीं गईं.
पहली बात – ब्राडगेज लाइनों पर सारी मानव रहित लेवल क्रॉसिंग को ख़त्म कर दिया जाएगा.
दूसरी बात – ज़िक्र हुआ, वंदे भारत एक्सप्रेस का. देश में ही तैयार ये सेमी हाई स्पीड ट्रेन यात्रियों को वर्ल्ड क्लास एक्सपीरियंस देगी. 16 कोच की ये ट्रेन है जो अधिकतम 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चलती है.

और फिर बारी आई इनकम टैक्स की

बताया गया कि 2013-14 में जहां 6.38 लाख करोड़ रूपये का टैक्स कलेक्शन हुआ करता था. अब वो बढ़कर 12 लाख करोड़ हो गया है. मतलब जितना भी विकास हो रहा है. एयरपोर्ट, सडकें, पुल बन रहे हैं. उनमें सबसे ज़्यादा आपके टैक्स का पैसा लग रहा है. फाइल किए गए इनकम टैक्स रिटर्न 3.79 करोड़ से बढ़कर 6.85 करोड़ हो गए हैं.  इसके बाद वो बात कही गई जिस पर सबसे ज़्यादा तालियां बजी, सबसे ज़्यादा बात हुई और सबसे ज़्यादा कन्फ्यूजन हुआ.

कन्फ्यूजन इस बात का था कि वित्त मंत्री ने कहा. 5 लाख रुपये तक की आमदनी, टैक्स फ्री होगी. इसको लोगों ने ये समझ लिया कि इनकम टैक्स की छूट की लिमिट सारे टैक्सपेयर्स पर लागू होगी. मतलब अगर मैं 10 लाख कमाता हूं तो शुरू के 5 लाख पर कोई टैक्स नहीं देना होगा. बाद के अमाउंट पर टैक्स देना होगा. मगर झोल यहीं था. वित्तमंत्री के इस ऐलान के मुताबिक़ केवल 5 लाख तक की आमदनी वालों को ये छूट मिलेगी. मतलब अगर आप 5 लाख 2 रुपये भी कमाते हैं तो आप साढ़े बारह हजार रुपये के टैक्स पेयर हो जाएंगे.

कन्फ्यूजन तो क्लियर हुआ . कंक्रीट बातें क्या मिलीं?

1. 5 लाख रुपए तक सालाना इनकम पर टैक्स नहीं देना पड़ेगा .

2. डेढ़ लाख रुपए तक के निवेश कोई पर टैक्स नहीं देना होगा.

3. बैंक और पोस्‍ट ऑफिस से 40 हजार रुपए तक मिलने वाले ब्याज पर अब कोई TDS नहीं कटेगा. पहले इसकी सीमा सिर्फ 10 हजार रुपए थी. टीडीएस मतलब, वो टैक्स जो बैंक या पोस्ट ऑफिस आपको पैसे का भुगतान करने से पहले ही काट लेते हैं.

टैक्स पेयर्स ध्यान दें, कुछ जरूरी बातें अभी बाकी हैं

1. एक ये हिसाब भी बताया गया कि जिनकी आय लगभग साढ़े 6 लाख तक है. उन्हें भी ज़ीरो टैक्स देना पड़ेगा. वो कैसे संभव होगा? 5 लाख तक की आमदनी टैक्स फ्री है ही. डेढ़ लाख रुपये तक आप, पोस्ट ऑफिस की NSC, नेशनल पेंशन स्कीम, किसान विकास पत्र. इंश्योरेंस की पालिसी वगैरह में निवेश करके और होम लोन/एजुकेशन/मेडिकल इंश्योरेंस के जरिये बचा सकते हैं. सीनियर सिटीजन्स के इलाज में पैसे खर्च किये हों. तब भी फायदा मिलेगा.

2. नौकरी पेशा लोगों के लिए स्टैण्डर्ड डिडक्शन बढ़ाकर 40 हज़ार से 50 हज़ार कर दिया गया है. स्टैण्डर्ड डिडक्शन मतलब ये समझिये कि सरकार पहले ये मानती थी कि मेडिकल और आने-जाने में आप 40 हज़ार खर्च करते थे, अब ये मान रही है कि 50 हज़ार तो खर्च करते ही होंगे.

3. पहले किसी के दो मकान होते थे, और इसका डिक्लरेशन कर दो. तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट अपने से मान लेता था कि आपने एक घर किराए पर चढ़ाया है. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. जब तक आप किराए पर घर चढाने की घोषणा नहीं करेंगे तब तक इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपको परेशान नहीं करेगा.

4. पहले किराए से होने वाली कमाई पर टीडीएस कटौती की सीमा 1 लाख 80 हज़ार थी. अब 2 लाख 40 हज़ार हो गई है.

5. पहले एक मकान बेचकर, 3 साल के अंदर दूसरी जगह घर लेना होता था, वर्ना कैपिटल गेन टैक्स लगता था. अब ये नियम दो घरों के लिए हो गया है.

6. सरकारी योजना के तहत गरीबों के लिए सस्ता घर बनाने वालों को एक साल तक और टैक्स छूट. 

GST पर क्या हुआ?

जीएसटी पर मंत्रियों का समूह बनाने की बात हुई है. ये समूह, GST काउंसिल से मांग करेगा कि मकान खरीदने वाले लोगों पर से जीएसटी का भार कम किया जाए. अभी बिल्डिंग मटेरियल पर 18% और बने हुए मकानों पर 12% जीएसटी लग रहा है.
वो बात भी दोहराई गई कि 20 लाख सालाना टर्नओवर की जगह 40 लाख सालाना टर्नओवर वाले व्यापारियों को जीएसटी से छूट मिले. ये प्रस्ताव भी जीएसटी काउंसिल में उठाने की बात हुई.

और, मैं सोच रहा कि
जीवन में आज के
लेखक की कठिनाई यह नहीं कि
कमी है विषयों की
वरन यह कि आधिक्य उनका ही
उसको सताता है
और, वह ठीक चुनाव कर नहीं पाता है

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