Submit your post

Follow Us

सर्विस रिवॉल्वर से खुद की जान लेने वाले फरीदाबाद के IPS ने सुसाइड नोट में क्या लिखा?

162
शेयर्स

फरीदाबाद, दिल्ली से सटा शहर. एनसीआर में आता है. 14 अगस्त को यहां से एक खबर आई. आत्महत्या की. इस देश में हर रोज कोई न कोई आत्महत्या करता है. मीडिया में ऐसी ख़बरें आती रहती हैं. लेकिन फरीदाबाद की आत्महत्या कोई मामूली घटना नहीं है. एनआईटी जोन के डीसीपी विक्रम कपूर ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली.

क्या है मामला?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डीसीपी विक्रम कपूर कुछ दिनों से परेशान चल रहे थे. 14 अगस्त की सुबह हर रोज की तरह मॉर्निंग वॉक पर गए थे. जब वापस लौटे तो उन्होंने अपनी जिंदगी खत्म कर ली. बताया जा रहा है कि वह अपने घर के उस कमरे में गए जहां कोई नहीं था. उन्होंने अपनी सर्विस रिवॉल्वर अपने मुंह में लगाई और गोली चला दी. फायरिंग की आवाज़ सुनते ही घर में हड़कंप मच गया. उस वक्त उनकी पत्नी और दोनों बच्चे घर में ही मौजूद थे. उन्होंने पुलिस को सूचना दी. पुलिस मौके पर पहुंची. और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया.

सुसाइड नोट में क्या लिखा?

डीसीपी कपूर के घर से पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है. जिसका जिक्र पुलिस के पास उनके बेटे अर्जुन कपूर की तरफ से दर्ज एफआईआर में है. इस एफआई के मुताबिक विक्रम कपूर ने अंग्रेजी में लिखा है. उसमें लिखा है I am doing this due to ABDUL, Abdul insp he is blackmailing- Vikram. हिंदी में कहें तो ‘मैं ये अब्दुल की वजह से कर रहा हूं, अब्दुल इंस्पेक्टर ब्लैकमेलिंग कर रहा है- विक्रम’.

DCP विक्रम कपूर के बेटे की तरफ से लिखाई गई FIR की कॉपी, इसमें सुसाइड नोट का जिक्र है
DCP विक्रम कपूर के बेटे की तरफ से लिखाई गई FIR की कॉपी, इसमें सुसाइड नोट का जिक्र है

जिस अब्दुल का जिक्र विक्रम कपूर के सुसाइड नोट में है उसके बारे में उनके बेटे ने थोड़ा और बताया है. विक्रम के बेटे अर्जुन ने एफआईआर में लिखवाया है कि ” डेढ़ महीने से दो आदमी, सतीश मलिक व अब्दुल SHO मिलकर मानसिक तौर पर बहुत ज्यादा प्रताड़ित (तंग) कर रहे थे. जिसे वो बर्दाश्त नहीं कर पाए. किसी झूठे इल्जाम से वो तंग कर रहे थे. जिस वजह से वो पिछले एक-डेढ़ महीने से बहुत तंग थे. आपसे निवेदन है कि पुलिस कार्यवाही करके दोनों को सजा दिलाएं” 

कौन थे डीसीपी विक्रम कपूर?

58 साल के विक्रम कपूर हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले से थे. 1983 में वह फरीदाबाद पुलिस में बतौर एसआई भर्ती हुए थे. उसके बाद उन्हें प्रमोशन मिलता रहा और पिछले साल यानी 2018 में आईपीएस (IPS) अधिकारी बने थे. बतौर डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस के पद पर एनआईटी ज़ोन में तैनात थे. डीसीपी कपूर अपने परिवार के साथ अपने सरकारी निवास पुलिस लाइन, सेक्टर 30 में रहते थे. वो 31 अक्टूबर, 2020 को रिटायर होने वाले थे.

                                                  (ये स्टोरी हमारे साथ इंटर्नशिप कर रहीं रुचि ने की है)


वीडियो- इंटरव्यू: ब्लू फिल्म छोड़ने के बाद मिया खलीफा के साथ क्या हुआ?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

टॉप खबर

कांग्रेस और सपा छोड़कर भाजपा में आए नेताओं ने मोदी के बारे में क्या कहा?

वो भी कल लखनऊ में...

कश्मीर में बैन के बाद भी किसकी मेहरबानी से गिलानी इस्तेमाल कर रहे थे फोन-इंटरनेट?

बैन के चार दिन बाद तक गिलानी के पास इंटरनेट और फोन था. प्रशासन को इसकी भनक भी नहीं थी.

पीएम मोदी ने छठवीं बार लाल किले पर फहराया तिरंगा, 92 मिनट के भाषण में नया क्या था?

पीएम मोदी ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाई.

बीफ़-पोर्क के नाम पर ज़ोमैटो कर्मचारियों को भड़काने वाले लोकल भाजपा नेता निकले!

और एक नहीं, कई हैं ऐसे. देखिए तो...

यूपी के एक और अस्पताल में 32 बच्चों की मौत, डॉक्टरों को कारण का पता नहीं

किसी ने कहा था, "अगस्त में तो बच्चे मरते ही हैं"

भगवान राम के इतने वंशज निकल आए हैं कि आप भी माथा पकड़ लेंगे

अभी राम पर खानदानी बहस हो रही है. खुद ही देखिए...

उन्नाव मामले में भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर अब लंबा फंस गए हैं

सीबीआई ने केस में रोचक खुलासे किए हैं

राष्ट्र के नाम संबोधन में पीएम मोदी ने बताया क्या है उनका 'मिशन कश्मीर'

पीएम मोदी ने लगभग 40 मिनट तक अपनी बात रखी.

जम्मू-कश्मीर के मामले में आत्माओं का भी प्रवेश हो गया है

और एक समय एक "आत्मा" बहुत दुखी हुई थी

मायावती का ऐसा हृदय परिवर्तन कैसे हुआ कि कश्मीर पर सरकार के साथ हो गयीं?

धारा 370 हटवाना चाहती थीं या वजह कुछ और है?