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सुप्रीम कोर्ट ने CBI में मचे झगड़े पर क्या-क्या कहा?

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CBI में नंबर एक आलोक वर्मा और नंबर दो राकेश अस्थाना के बीच झगड़ा हुआ. ये झगड़ा दुनिया के सामने आया और फिर सेंट्रल विजिलेंस कमिशन (सीवीसी) ने नंबर एक और नंबर दो, दोनों को ही छुट्टी पर भेज दिया. CBI का काम देखने के लिए अंतरिम डायरेक्टर की नियुक्ति की गई और एम नागेश्वर राव को इसका चार्ज दे दिया गया. फिर क्या था. आलोक वर्मा भड़क गए और पहुंच गए सीधे सुप्रीम कोर्ट. एक याचिका दाखिल की और कहा कि उन्हें जबरदस्ती छुट्टी पर भेजा गया है. वहीं राकेश अस्थाना भी कोर्ट पहुंच गए और कहा कि CBI के नंबर एक ने दो करोड़ रुपये की घूस ली है. दोनों को छुट्टी पर भेजने वाली सीवीसी भी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई. और जवाबदेही केंद्र सरकार की है, तो उसे भी तो जवाब देना ही था.

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई (बीच में) की अगुवाई वाली बेंच में जस्टिस कौल (बाएं) और जस्टिस जोसेफ (दाएं) शामिल थे, जिन्होंने CBI मामले में फैसला दिया है.
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई (बीच में) की अगुवाई वाली बेंच में जस्टिस कौल (बाएं) और जस्टिस जोसेफ (दाएं) शामिल थे, जिन्होंने CBI मामले में फैसला दिया है.

नतीजा ये हुआ कि 26 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच में मामले की सुनवाई हुई. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एस के कौल और जस्टिस के एम जोसेफ की बेंच ने आलोक वर्मा के मामले की सुनवाई की और अपना फैसला दिया. इस दौरान आलोक वर्मा की ओर से वरिष्ठ वकील फली एस नरीमन और संजय हेगड़े ने अपनी दलीलें पेश कीं, वहीं सीवीसी की ओर से अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अपनी दलीलें पेश कीं. इस फैसले की सात बड़ी बातें हैं-

1. सेंट्रल विजिलेंस कमिशन (सीवीसी) आलोक वर्मा की मामले की जांच दो हफ्तों में पूरी करेगा. पहले ये वक्त 10 दिन का था, जिसे कोर्ट ने बढ़ाकर दो हफ्ते कर दिया.

2. जांच सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस पटनायक की निगरानी में होगी. अगली सुनवाई 12 नवंबर को होगी.

3. जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती है, आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना दोनों ही अपने दफ्तर नहीं जा पाएंगे.

4. CBI के अंतरिम डायरेक्टर नागेश्वर राव इस दौरान कोई नीतिगत फैसले नहीं लेंगे. 23 अक्टूबर से अबतक नागेश्वर राव ने जितने फैसले लिए हैं, उन सबकी जानकारी सुप्रीम कोर्ट को एक सीलबंद लिफाफे में देनी होगी.

5. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी नोटिस जारी किया है और पूछा है कि किस आधार पर आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजा गया है.

6. जब 12 नवंबर को सुनवाई होगी तो उस दिन ये तय किया जाएगा कि आलोक वर्मा पर प्रथमदृष्टया कोई मामला बनता है या नहीं.

7. सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना ने भी अपनी अर्जी सुप्रीम कोर्ट में दी. उनकी तरफ से पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि राकेश अस्थाना की भी बात सुनी जाए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उनकी याचिका पर किसी और दिन सुनवाई होगी.

अब सुप्रीम कोर्ट ने अपना सुप्रीम फैसला दे दिया है. दिवाली है, तो सबको त्योहार मनाने लायक फैसला दे दिया है. लेकिन दिवाली बाद जब एक बार फिर से 12 नवंबर को सुनवाई होगी तो उस दिन का फैसला शायद सीबीआई के इतिहास का सबसे बड़ा फैसला साबित हो, क्योंकि उस दिन कोर्ट को ये तय करना है कि क्या CBI के मुखिया आलोक वर्मा के खिलाफ प्रथम दृष्टया कोई मामला बनता है या नहीं.


 

क्या मोदी सरकार करा रही है CBI डायरेक्टर आलोक वर्मा की जासूसी?| दी लल्लनटॉप शो| Episode 74

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CBI vs CBI : Supreme court has ordered that case of Alok Verma will be investigated by CVC in the supervision of Court during next two weeks

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