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असम के विधायक हैं, विपक्ष के नेता हैं, लेकिन NRC की लिस्ट में नहीं हैं अनंत कुमार मालो

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31 अगस्त 2019. असम के इतिहास में अहम दिन. आवेदन करने वाले 3 करोड़ 30 लाख लोगों में से  19 लाख लोगों का नाम नागरिकता रजिस्टर में नहीं आया. 19 लाख लोगों में कई बड़े नाम हैं. जनता के चुने हुए प्रतिनिधि भी शामिल हैं. ऐसा ही एक नाम है अनंत कुमार मालो. मालो ऑल इंडिया युनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) की ओर से अभयपुरी साउथ सीट के विधायक हैं. NRC लिस्ट में नाम न आने से नाराज़ मालो ने कहा-

‘मैंने और मेरे भाई ने एक जैसा डाटा ही दिया था. लेकिन NRC के डॉक्यूमेंट्स में मेरे भाई का नाम है, मेरा नहीं. मैं जल्द ही फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल में अप्लाई करूंगा.’

मालो NRC के सिस्टम पर सवाल उठा रहे हैं. अपना उदाहरण देते हुए वो कहते हैं-

इस सिस्टम में ही कुछ दिक्कतें हैं. नहीं तो मेरा नाम NRC की लिस्ट में से कैसे निकाल सकते हैं.

बाईं ओर दिख रहे हैं पूर्व विधायक अता-उर-रहमान और दाईं ओर दिख रहे हैं मौजूदा विधायक अनंत कुमार मालो.
बाईं ओर दिख रहे हैं पूर्व विधायक अता-उर-रहमान और दाईं ओर दिख रहे हैं मौजूदा विधायक अनंत कुमार मालो.

मालो के अलावा AIUDF के ही पूर्व विधायक अता-उर-रहमान मज़हरभूयां का नाम भी इस लिस्ट में नहीं है. वो 2006-2011 के बीच काटीगोरा सीट से विधायक थे. इनका मामला तो और भी गजब है. अता-उर-रहमान के बाकी परिवारजनों का नाम तो लिस्ट में है, लेकिन उनका, उनकी दो बेटियों और एक बेटे का नाम लिस्ट में नहीं है. अता-उर-रहमान कहते हैं-

‘NRC के ड्राफ्ट में मेरा, मेरी दो बेटियों और एक बेटे का नाम छोड़कर पूरे परिवार का नाम है. जब हमें सम्मन (पहले ड्राफ्ट के बाद सुनवाई) मिले थे तो हम NRC सेवा केंद्र गए थे और सभी ज़रूरी दस्तावेज़ जमा किए थे. हमें उम्मीद थी कि हमारा नाम भी NRC लिस्ट में आएगा. लेकिन अब किस पर इल्ज़ाम लगाएं? अब किसी पर भी इल्ज़ाम लगाने का कोई तुक नहीं है. अब हम इस गलती को सुधारने के लिए जल्द ही फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल जाएंगे.’

31 अगस्त को छपी लिस्ट से पहले ऐसी ख़बरें आईं कि लोगों को फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल में सुनवाई के लिए 24 घंटे में 300 किलोमीटर दूर सफ़र करना पड़ रहा है.
31 अगस्त को छपी लिस्ट से पहले ऐसी ख़बरें आईं कि लोगों को फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल में सुनवाई के लिए 24 घंटे में 300 किलोमीटर दूर सफ़र करना पड़ रहा है.

31 अगस्त को पब्लिश हुई NRC लिस्ट में 3 करोड़ 30 लाख लोगों में से 19 लाख, 6 हज़ार और 657 लोगों ने नाम नहीं थे. अब इनपर विदेशी करार दिए जाने की तलवार लटक रही है.

NRC लिस्ट में नाम चेक करने के लिए कतार में लगे लोग.
NRC लिस्ट में नाम चेक करने के लिए कतार में लगे लोग.

वहीं सरकार की ओर से राहत की ख़बर आई है. सरकार का कहना है-

जिनका नाम NRC की लिस्ट में नहीं है, उन्हें न तो विदेशी करार दिया जाएगा. न ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा. जिनका नाम भी NRC लिस्ट में नहीं है वो फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल में अपील कर सकते हैं. अगर वो फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल से भी संतुष्ट नहीं हैं, तो वो हाई कोर्ट जा सकते हैं. उनके पास अभी भी 120 दिन का वक्त है.

लोगों ने विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया है. लोगों का कहना है कि NRC प्रक्रिया में कई खामियां हैं.
लोगों ने विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया है. लोगों का कहना है कि NRC प्रक्रिया में कई खामियां हैं.

कुल मिलाकर NRC प्रक्रिया में अभी कई मोड़ आने बाक़ी हैं. लेकिन बड़ा सवाल यही कि जो लोग विदेशी करार दिए जाएंगे, वो जाएंगे कहां?


वीडियो- असम में NRC की फाइनल लिस्ट से बाहर हो गए 19 लाख से ज्यादा लोग

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