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मोहन भागवत के मॉब लिचिंग वाले बयान पर असदुद्दीन ओवैसी ने क्या कहा?

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयान पर AIMIM नेता और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी की तीखी प्रतिक्रिया आई है. मोहन भागवत ने कहा था कि सभी भारतीयों का डीएनए एक है और मुसलमानों को ‘‘डर के इस चक्र में’’ नहीं फंसना चाहिए कि भारत में इस्लाम खतरे में है. उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग मुसलमानों से देश छोड़ने को कहते हैं, वे खुद को हिन्दू नहीं कह सकते. इस मसले पर ओवैसी ने ट्वीट करके कहा है कि देश में ये नफरत हिंदुत्व की देन है.

मोहन भागवत ने क्या कहा?

संघ प्रमुख गाजियाबाद के एक कार्यक्रम में रविवार यानी 4 जुलाई को वक्तव्य दे  रहे थे. मौका था पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के सलाहकार रहे डॉ. ख्वाजा इफ्तिखार की लिखी किताब ‘द मीटिंग ऑफ माइंड्स’ के विमोचन का. उन्होंने हिंदुओं और हिदुत्व को लेकर कई बातें कहीं. और मुसलमानों को भयभीत न होने की सलाह भी दे डाली. उनके वक्तव्य की मुख्य बातें देखिए :

# हम एक हैं और इसका आधार हमारी मातृभूमि है. बीते 40 हज़ार सालों से हम समान पूर्वजों के वंशज हैं और भारत के सब लोगों का DNA समान है, चाहें वो किसी भी धर्म के क्यों न हो. हिंदू- मुस्लिम एकता की बातें भ्रामक हैं क्योंकि यह दोनों अलग नहीं बल्कि एक है. लोगों के बीच पूजा पद्धति के आधार पर अंतर नहीं किया जा सकता है.

# भय के इस चक्र में न फंसे कि भारत में इस्लाम खतरे में है. देश में एकता के बिना विकास संभव नहीं है. एकता का आधार राष्ट्रवाद और पूर्वजों का गौरव होना चाहिए. हिंदू-मुस्लिम संघर्ष का एकमात्र समाधान ‘संवाद’ है, न कि ‘विसंवाद’. भारत में इस्‍लाम को किसी तरह का खतरा नहीं है. मुसलमानों को इस तरह के किसी डर में नहीं रहना चाहिए. यदि कोई हिंदू कहता है कि किसी मुसलमान को यहां नहीं रहना चाहिए तो वह व्यक्ति हिंदू नहीं हो सकता. ऐसा कहने से वो चर्चा में आ सकता है लेकिन इसके बाद वो हिंदू नहीं है.

# मॉब लिंचिंग में शामिल लोग हिंदुत्व के खिलाफ है. गाय एक पवित्र जानवर है लेकिन जो लोग दूसरों को मार रहे हैं वे हिंदुत्व के खिलाफ जा रहे हैं. कानून को बिना किसी पक्षपात के उनके खिलाफ अपना काम करना चाहिए.

# हम एक लोकतंत्र में हैं. यहां हिंदुओं या मुसलमानों का प्रभुत्व नहीं हो सकता. यहां केवल भारतीयों का वर्चस्व हो सकता है. वह न तो कोई छवि बनाने के लिए कार्यक्रम में शामिल हुए हैं और न ही वोट बैंक की राजनीति के लिए. संघ न तो राजनीति में है और न ही वह कोई छवि बनाए रखने की चिंता करता है. संघ राष्ट्र को सशक्त बनाने और समाज में सभी लोगों के कल्याण के लिए अपना कार्य जारी रखता है.

Mohan Bhagwat
मोहन भागवत ने कहा कि भारत में रहने वाले सभी का डीएनए एक है. (फाइल फोटो- PTI)

ओवैसी ने क्या कहा?

मोहन भागवत के रविवार को दिए बयान पर सोमवार यानी 5 जुलाई को असदुदीन ओवैसी की तीखी प्रतिक्रिया आ गई. ओवैसी 3 ट्वीट करके भागवत पर बरसे. उन्होंने लिखा कि ये नफरत हिंदुत्व की देन है, इन मुजरिमों को हिंदुत्ववादी सरकार की पुश्त पनाही हासिल है. देखिए क्या लिखा उन्होंने,

“RSS के भागवत ने कहा “लिंचिंग करने वाले हिंदुत्व विरोधी”. इन अपराधियों को गाय और भैंस में फ़र्क़ नहीं पता होगा लेकिन क़त्ल करने के लिए जुनैद, अखलाक़, पहलू, रकबर, अलीमुद्दीन के नाम ही काफी थे. ये नफ़रत हिंदुत्व की देन है, इन मुजरिमों को हिंदुत्ववादी सरकार की पुश्त पनाही हासिल है. ये नफरत हिंदुत्व की देन है, इन मुजरिमों को हिंदुत्ववादी सरकार की पुश्त पनाही हासिल है. केंद्रीय मंत्री के हाथों अलीमुद्दीन के कातिलों की गुलपोशी हो जाती है, अखलाक के हत्यारे की लाश पर तिरंगा लगाया जाता है. आसिफ़ को मारने वालों के समर्थन में महापंचायत बुलाई जाती है, जहां भाजपा का प्रवक्ता पूछता है कि “क्या हम मर्डर भी नहीं कर सकते? कायरता, हिंसा और क़त्ल करना गोडसे की हिंदुत्व वाली सोंच का अटूट हिस्सा है. मुसलमानों की लिंचिंग भी इसी सोच का नतीजा है.”

मोहन भागवत के बयान पर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भी टिप्पणी की. दिग्विजय सिंह ने ट्वीट में लिखा कि

“मोहन भागवत जी यह विचार क्या आप अपने शिष्यों, प्रचारकों, विश्व हिंदू परिषद/ बजरंग दल कार्यकर्ताओं को भी देंगे? क्या यह शिक्षा आप मोदी-शाह जी व भाजपा मुख्यमंत्री को भी देंगे? यदि आप अपने व्यक्त किए गए विचारों के प्रति ईमानदार हैं तो भाजपा में वे सब नेता जिन्होंने निर्दोष मुसलमानों को प्रताड़ित किया है उन्हें उनके पदों से तत्काल हटाने का निर्देश दें.”

फिलहाल मोहन भागवत के बयानों पर प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है. इन प्रतिक्रियाओं का अनुवाद कैसे होता है, और परिभाषाएं कैसी गढ़ी जाती हैं, इस पर निर्भर करता है कि बयानों से किस तरह के इंटरनेट कीवर्ड जन्म लेंगे.


वीडियो – RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कोरोना की दूसरी लहर आने के पीछे क्या वजह बताई?

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