गुलज़ार जब कश्मीर पर लिखते हैं, तो कश्मीर फिरदौस हो जाता है. फ़िरदौस यानी जन्नत.लेकिन इसी कश्मीर ने एक लम्बा दौर देखा है, जब कश्मीर जहन्नुम था. आतंक की दिक्कत.भारत की दिक्कत.दुनिया ने माना नहीं कभी. उनके लिए ये भारत की बेजा शिकायत थी. एकबहाना पाकिस्तान को घेरने के लिए. लेकिन फिर आया साल 1995. पश्चिम के चार देशों नेकश्मीर के आतंक का दर्द अपने सीने पर महसूस किया. कश्मीर घूमने आए थे कुछ सैलानी.किडनैप कर लिए गए. लाख मिन्नतें हुई लेकिन छोड़ा नहीं गया. फिर एक दिन एक लाश मिली.जिस पर लिखा था, अल फरान. कौन था अल- फरान. किडनेप किए गए बाक़ी लोगों का क्या हुआ?जानने के लिए देखिए वीडियो.