लोन पर ऐश करने की बात जिसने सबसे पहले कही, वो चार्वाक दर्शन आखिर है क्या
Personal Loan या Consumer Loan लेकर ऐश ओ आराम की ज़िंदगी बिताना आज आम है. मगर क्या आप जानते हैं कि कर्ज लेकर मौज करने का कॉन्सेप्ट करीब 2600 साल पहले आया था. तब 'ऋण' (कर्ज) लेकर 'घी' पीने (सुख सुविधा जुटाने) का सिद्धांत देने वाले थे ऋषि चार्वाक और उनके सिद्धांत तो दुनिया 'चार्वाक दर्शन' के नाम से जानती है.
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ये फिलॉसफी करीब 2600 साल पुरानी है. (फोटो-ए आई)
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