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क्यों पाकिस्तान को ताज होटल में नहीं रुकने देना चाहती थी टीम इंडिया?

दो अप्रैल 2011. भारतीय क्रिकेट के लिए ये वो तारीख है जिसका इंतज़ार दोहरे वनवास से भी लंबा है. 1983 से लेकर पूरे 28 साल बाद भारतीय क्रिकेट इतिहास में ये तारीख आई, ये वो दिन था जब टीम इंडिया ने दूसरा विश्वकप खिताब अपने नाम किया था. महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में आज विश्वकप जीते हुए भारत को पूरे 10 साल हो गए हैं. इस खास मौके पर इंडियन एक्सप्रेस ने विश्वकप 2011 में टीम इंडिया के मेंटल हेल्थ फिटनेस कोच पैडी अपटन (Paddy Upton) का इंटरव्यू किया है. पैडी ने इस इंटरव्यू में वैसे तो ढेर सारी बातें की. लेकिन इस खबर में हम आपको इंडिया-पाकिस्तान सेमीफाइनल से पहले का वो किस्सा बताएंगे जो पैडी ने बताया है.

पैडी ने बताया है कि विश्वकप 2011 के सेमीफाइनल में भारत, पाकिस्तान को इसलिए हराना चाहता था, क्योंकि वो नहीं चाहता था कि पाकिस्तान की टीम जीतने के बाद मुंबई जाए और उसी ताज होटल में ठहरे. जिस पर आतंकवादियों ने हमला किया था.

पैडी अपटन ने इंडियन एक्सप्रेस से खास बातचीत में कहा,

”भारत और पाकिस्तान के बीच जो राइवलरी है वो दर्शकों के लिए ज़्यादा है. जबकि खिलाड़ियों में उस तरह का कोई भी उग्र वाला माहौल नहीं होता. इसके पीछे की वजह ये है कि वो एक-दूसरे को बहुत अच्छी तरह से जानते हैं.

पाकिस्तान के खिलाफ हमारे लिए वो एक साधारण सा गेम था, जिसके लिए इंडियन टीम को बहुत ज़्यादा अलग से किसी प्रेरणा की ज़रूरत नहीं थी.”

हालांकि फिर भी पैडी ने ये बात मानी कि खिलाड़ियों पर राजनीतिक दबाव ज़रूर था. उन्होंने कहा,

”इस मैच पर अलग से राजनीतिक दबाव बहुत ज़्यादा होता है. इस पर कोई बात नहीं करता लेकिन हर कोई इस बारे में जानता है. ऐसे में हमें ये पता था कि अगर भारत हारा तो पाकिस्तान की टीम फाइनल के लिए मुंबई जाएगी और ताज होटल में रुकेगी. जिसे आतंकियों ने अपना निशाना बनाया था.”

पैडी ने आगे कहा,

”हम सभी को बिना कुछ कहे साफ-साफ इसका मतलब पता था. ये किसी भी तरह से भारत के लिए सही नहीं होता कि हम पाकिस्तान को जीतने दें और फिर वो जाकर ताज होटल में ठहरें. इसलिए हम पर ये अलग से दबाव आ गया कि हम इस मैच को नहीं गंवा सकते.”

2011 का विश्वकप भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश में खेला गया था. जिसका सेमीफाइनल मोहाली में हुआ. इस मुकाबले में इंडिया ने पहले बैटिंग करते हुए 260 रन बनाए. सचिन तेंडुलकर एक बार फिर से पाकिस्तान के खिलाफ 85 रनों के साथ सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बने.

इसके बाद भारत के पांचों गेंदबाज़ों ने 2-2 विकेट निकालकर पाकिस्तान को सिर्फ 230 रनों पर रोक दिया. भारत ने इस मुकाबले को जीता और खुद मुंबई के ताज़ होटल पहुंची.


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