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बॉल टेंपरिंग की घटना से जूझने वाली ऑस्ट्रेलियन टीम की कहानी जितनी खुरदुरी है, उतनी ही बेरहम भी!

जॉन्स वुड ट्यूब स्टेशन. लंदन के उत्तर-पश्चिम में है. लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड के बगल में. अगस्त 2019 की बात है. दूसरे ऐशेज़ टेस्ट का तीसरा दिन शुरु होने ही वाला था. सुबह के 9 बजे. दर्शकों की भीड़ स्टेशन से निकल रही थी. तभी एक जानी-पहचानी आवाज़ में अनाउंसमेंट होता है. ये अनाउंसमेंट किसी ट्रेन के आने, जाने या लेट होने का नहीं था. इसमें पूछा जा रहा था,

क्या किसी को पता है, स्टीव स्मिथ को कैसे आउट कर सकते हैं?

जी हां. ये सवाल सिर्फ़ जॉन्स वुड पर हावी नहीं था. बल्कि पूरा इंग्लैंड इस सवाल को लेकर परेशान था. स्मिथ के हर शॉट के बाद कमेंट्री बॉक्स में ये लाइन लगभग परंपरा बन गई थी, Does anybody know, How to get Steve Smith Out?

जॉन्स वुड पर होने वाला वो अनाउंसमेंट क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया की बादशाहत की वापसी का संकेत था.
जॉन्स वुड पर होने वाला वो अनाउंसमेंट क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया की बादशाहत की वापसी का संकेत था.

ये उस स्टीव स्मिथ के लिए था, जो ऐज़बेस्टन के पहले टेस्ट में बैटिंग करने उतरा, तो पूरा स्टेडियम एक साथ चिढ़ा रहा था. दर्शक सैंडपेपर लेकर आए थे. बड़ी मेहनत से पोस्टर बनाए गए थे, जिनपर ‘Cheaters’ लिखा होता था. स्मिथ ने पहले टेस्ट की दोनों पारियों में शतक लगाया. 

Barmy का हिंदी में मतलब होता है पागल या आवारा. इंग्लैंड की क्रिकेट टीम को सपोर्ट करने के लिए Barmy Army बनी थी. 1994-95 में. इंग्लैंड की टीम का दौरा होता है, Barmy Army अपनी टीम को चीयर करने के लिए वहां पहुंचती है. ये बहुत ही बेरहम मानी जाती है. स्लेजिंग से हड्डियां कंपा देने वाली भीड़. और स्टीव स्मिथ तो दोषी थे. एक बरस पहले भद्रजनों के खेल के सबसे खूंखार अपराधों में से एक ‘बॉल टेंपरिंग’ के तीन दोषियों में से एक.

Barmy Army क्रिकेट फ़ैन्स का समूह है जो इंग्लैंड की टीम का कट्टर सपोर्ट करते हैं.
Barmy Army क्रिकेट फ़ैन्स का समूह है जो इंग्लैंड की टीम का कट्टर सपोर्ट करते हैं.

बाकी दो कौन थे? डेविड वॉर्नर और कैमरन बैंक्रॉफ्ट. ये तीन खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया की बैटिंग का बेस हुआ करते थे. ऑस्ट्रेलिया अपने पुराने रुतबे में पहुंच रही थी. जहां उसे हराना नामुमकिन होता है. निर्दयी और मुंहफट. मैदान के अंदर और बाहर, दोनों जगह. ऐसे दौर में एक ऐसा अपराध होता है, जिसने न सिर्फ़ तीनों खिलाड़ियों का करियर तबाह किया, बल्कि ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट मुंह के बल गिर गया.

एक टूर, कई विवाद

साल 2018. फ़रवरी का महीना. ऑस्ट्रेलिया की क्रिकेट टीम साउथ अफ़्रीका पहुंचती है. इस दौरे पर चार टेस्ट मैचों की सीरीज़ खेली जानी थी. इस टीम के कप्तान थे स्टीव स्मिथ और उप-कप्तान थे डेविड वॉर्नर. 1 मार्च को पहला टेस्ट शुरू हुआ. पहला टेस्ट ऑस्ट्रेलिया ने 118 रनों से जीत लिया. जब दोनों टीमें अपने-अपने चेंजिंग रूम की तरफ़ लौट रही थी, उस दौरान क्विंटन डि कॉक और डेविड वॉर्नर के बीच कहा-सुनी हुई. दरअसल, डि कॉक ने वॉर्नर की पत्नी को लेकर भद्दा मज़ाक किया था. यहां से दोनों टीमों में खटपट शुरू हो गई.

उस घटना का वीडियो आप यहां देख सकते हैं:

दूसरा टेस्ट साउथ अफ़्रीका ने 6 विकेट से जीता. चौथे दिन ही रिजल्ट आ गया था. टीमों को तीसरे टेस्ट से पहले एक दिन का एक्स्ट्रा टाइम मिल गया. आधे सफ़र के बाद अब सीरीज़ 1-1 से बराबरी पर थी.

ओवर टू केपटाउन

तीसरा टेस्ट केपटाउन में 22 मार्च को मैच शुरू हुआ. साउथ अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग की. पहली इनिंग्स में 311 रन बनाए. दूसरे दिन ऑस्ट्रेलिया की टीम 255 के स्कोर पर ऑल आउट हो चुकी थी. साउथ अफ़्रीका को 56 रनों की लीड मिल गई.

दूसरी पारी में साउथ अफ़्रीका ने अच्छी बैटिंग की. ऑस्ट्रेलिया विकेट्स के लिए तरस रहा था. 24 मार्च 2018. मैच का तीसरा दिन. लंचब्रेक के टाइम ड्रेसिंग रूम में ऑस्ट्रेलिया के टॉप मैनेजमेंट ने एक प्लान बनाया. इस प्लान के साथ टीम बोलिंग करने उतरी. कैमरन बैंक्रॉफ्ट के दाहिने हाथ में पीले रंग का एक कागज़ चिपका था. जब भी गेंद उनके पास पहुंचती, वो गेंद की एक साइड को जोर-जोर से रगड़ देते. असलियत में ये सैंडपेपर था. जिसका इस्तेमाल नई गेंद को पुरानी बनाने के लिए किया जा रहा था, ताकि गेंद रिवर्स स्विंग हो सके. रिवर्स स्विंग से गेंद बैट्समैन की उम्मीद के उलट स्विंग करती है.

दुनिया भर में बॉल टेंपरिंग के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम को कोसा गया.(सोर्स- अमेज़न स्क्रीनग्रैब)
दुनिया भर में बॉल टेंपरिंग के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम को कोसा गया. (सोर्स- अमेज़न स्क्रीनग्रैब)

बैंक्रॉफ्ट की ये हरक़त लाइव टीवी पर चली. ऑस्ट्रेलिया के कोच डेरेन लेहमन हुआ करते थे. उन्होंने वॉकी-टॉकी पर पीटर हैंड्सकंब को कहा कि कैमरन को ये बात बता दे. हैंड्सकंब उस मैच में खेल नहीं रहे थे. जैसे ही ओवर खत्म हुआ, वो मैदान के अंदर गए. बैंक्रॉफ्ट ने तुरंत वो पीला कागज़ अपनी पैंट के अंदरुनी हिस्से में छिपा लिया. ये सबकुछ कैमरे के अंदर कैद हो रहा था. पूरे मैदान में 30 हाई डेफिनेशन कैमरे लगे थे.

थर्ड अंपायर ने फील्ड अंपायर्स को ये घटना बताई. उस मैच में रिचर्ड इलिंगवर्थ और निजेल लॉन्ग फील्ड अंपायर थे. दोनों बैंक्रॉफ्ट के पास पहुंचे. बैंक्रॉफ्ट ने अपनी जेब पलट कर दिखा दी. उसमें सनग्लास साफ़ करने का कपड़ा था. मैच आगे बढ़ गया. लेकिन मैदान के बाहर मामला तूल पकड़ने लगा. दिन के खेल के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई. वहां स्टीव स्मिथ ने स्वीकारा कि उन्होंने साउथ अफ्रीका को जल्दी आउट करने के लिए चीटिंग की है. इसके बाद तो बवाल मच गया. आईसीसी ने स्टीव स्मिथ पर एक टेस्ट, जबकि कैमरन बैंक्रॉफ्ट पर मैच फ़ीस का 75 फीसदी ज़ुर्माना लगाया.

प्रधानमंत्री का फोन

मगर इस चैप्टर में अभी कई पन्ने लिखे जाने बाकी थे. उसी रात ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री मैलकम टर्नबेल ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के डायरेक्टर डेविड पीवर को गुस्से में फोन किया. इस कॉल के बाद बहुत कुछ होना बाकी था. अगले दिन क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के डायरेक्टर जेम्स सदरलैंड ने क्रिकेट फ़ैंस से माफ़ी मांगी. मैच के बीच में स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर से लीडरशिप रोल छीन लिया गया. मैच के चौथे दिन टिम पेन ने कप्तानी की. यहां से लगने लगा कि कुछ बड़ा होने वाला है. 

मैच के बीच में कप्तान बदल दिया गया. विकेटकीपर टिम पेन ने तीसरे टेस्ट के अंतिम दिन कप्तानी की.
मैच के बीच में कप्तान बदल दिया गया. विकेटकीपर टिम पेन ने तीसरे टेस्ट के अंतिम दिन कप्तानी की.

तीसरे और चौथे मैच में ऑस्ट्रेलिया को करारी हार हासिल हुई. स्टीव स्मिथ, डेविड वॉर्नर और बैंक्रॉफ्ट को दौरे के बीच से वापस ऑस्ट्रेलिया भेज दिया गया. इंटरनल जांच के बाद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर पर एक साल जबकि कैमरन बैंक्रॉफ्ट पर 9 महीने का बैन लगा दिया. हफ्ते भर बाद तीनों ने अपनी सजा को स्वीकार कर लिया. चौथे टेस्ट के बाद डेरेन लेहमन ने भी ऑस्ट्रेलिया के हेड कोच के पद से इस्तीफ़ा दे दिया.

शून्य से शुरुआत

यहां से ‘परिवर्तन’ की बारी आई. लिमिटेड ओवर्स के लिए ऐरोन फ़िंच जबकि टेस्ट के लिए टिम पेन टीम नए कप्तान थे. 4 मई 2018 को ख़बर आई कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने नया कोच चुना है. जस्टिन लेंगर ऑस्ट्रेलिया के महान टेस्ट बल्लेबाजों में गिने जाते हैं. वे 2009 से 2012 तक ऑस्ट्रेलिया के बैटिंग कोच रह चुके थे. लेकिन इस बार सिचुएशन अलग थी. टीम में निराशा थी. बॉल टेंपरिंग का दाग था और सीनियर प्लेयर्स बैन झेल रहे थे.

जस्टिन लेंगर पहले भी ऑस्ट्रेलिया के कोच रह चुके थे.(सोर्स - अमेज़न स्क्रीनग्रैब)
जस्टिन लेंगर पहले भी ऑस्ट्रेलिया के कोच रह चुके थे.(सोर्स – अमेज़न स्क्रीनग्रैब)

जस्टिन लेंगर को यहां से टीम बनानी थी. पहला असाइनमेंट जून में था. ऑस्ट्रेलिया पांच वनडे और एक टी20 खेलने इंग्लैंड के दौरे पर गई. एक छोटी सी घटना किस तरह से पूरी टीम का मनोबल तोड़ सकती है, ये देखना हो तो 2018 की ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड सीरीज़ का रिकॉर्ड उठाकर देख लीजिए. इंग्लैंड ने दोनों सीरीज़ में ऑस्ट्रेलिया का सूपड़ा साफ़ कर दिया था. एक मैच तक जीतने नहीं दिया. तीसरे वनडे में तो इंग्लैंड ने 482 का टारगेट सेट किया. वनडे क्रिकेट का सबसे बड़ा स्कोर.

हम भी आम इंसान ही हैं

कंगारू टीम की एक छवि है, जो मैदान पर या प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखती है. च्यूइंगम चबाते, स्लेज़ करते, क्रिकेट को युद्ध की तरह लड़ते, एक रत्ती भर ज़मीन के लिए जान लड़ा देने वाले सिपाहियों की तरह. पर ये तस्वीर का एक हिस्सा भर है. वे भी आउट होने पर फ्रस्टेट होते हैं. उनकी भी सांस हलक़ में अटकती है. उनके अंदर भी डर होता है. वो भी हंसते हैं. रोते हैं. ग़लती करने पर अपना सिर पटकते हैं. वो सारी हरकतें जो एक आम इंसान करता है.

उस्मान ख्वाज़ा की इज्ज़त कोच करते थे. उस्मान ने भी फीडबैक देने में कोई कसर नहीं छोड़ी. डॉक्यूमेंट्री सीरीज़ का एक दृश्य.
उस्मान ख्वाज़ा की इज्ज़त कोच करते थे. उस्मान ने भी फीडबैक देने में कोई कसर नहीं छोड़ी. डॉक्यूमेंट्री सीरीज़ का एक दृश्य.

ऑस्ट्रेलिया की टीम ने उस दौर में बहुत कुछ झेला. वे जहां भी खेलने जाते, ‘चीटर’ होने का अपराधबोध साथ लेकर जाते थे. ये उनकी परफॉरमेंस में झलकता था. लेंगर ने कई बार संभालने की कोशिश की, लेकिन बार-बार वो टीम टूट रही थी. उस दौर को जस्टिन लेंगर ने किस तरह से संभाला? चीटर्स के टैग को तालियों में कैसे बदला? किस तरह ऑस्ट्रेलिया ने अपनी बादशाहत को  साबित किया? 18 सालों के बाद पहली बार ऑस्ट्रेलिया ने ऐशेज़ कैसे अपने पास बरकरार रखी? ये बिखरकर जुड़ने की जीवटता का क्लासिक उदाहरण है.

इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के लिए ऐशेज़ के क्या मायने हैं? इस सवाल का तिया-पांचा समझना चाहते हैं तो ये पढ़िए-  ऐशेज़: क्रिकेट के इतिहास की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी दुश्मनी की कहानी.

ब्रैंड स्टीव स्मिथ

स्टीव स्मिथ ने 2019 की ऐशेज़ सीरीज़ की सात पारियों में 774 रन बनाए.दूसरे ऐशेज़ में जोफ्रा आर्चर की गेंद पर चोटिल हुए स्मिथ तीसरे टेस्ट से बाहर हो गए. अगर स्मिथ पांचों मैच खेल लेते तो ऐशेज़ की एक सीरीज़ में सबसे ज्यादा रन बनाने का ब्रेडमैन का रिकॉर्ड ख़तरे में होता. ब्रेडमैन ने 1930 की ऐशेज़ में 974 रन बनाए थे.

स्टीव स्मिथ के आंकड़े, 16 महीने बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी करते हुए उस खिलाड़ी के आंकड़े थे, जिसने हर तरह का अपमान और तिरस्कार झेला, जो एक इंसान को तोड़कर रख देने के लिए काफ़ी है. 

स्मिथ की वापसी कुछ यूं होती है.
स्मिथ की वापसी कुछ यूं होती है.

29 मार्च 2018 को बॉल टेंपरिंग के बाद स्टीव स्मिथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए थे. उन्होंने अपनी ग़लतियों के लिए माफ़ी मांगी. रोते हुए उन्होंने कहा था,

मुझे उम्मीद है कि मैं एक दिन अपने देश और प्रशंसकों का सम्मान हासिल कर पाऊंगा.

बैटिंग स्मिथ का पहला प्यार है. वो कहीं भी शुरू हो जाते हैं. बार में, बेडरूम में या होटल की बालकनी में. वो इंसान शैडो बैटिंग करने लगता है. बॉल टेंपरिंग विवाद के बाद उसे 12 महीने तक अपने प्यार से दूर रहना पड़ा. इस दूरी ने उस इंसान को अधिक मज़बूत बनाकर सामने लाया है. स्मिथ ने सम्मान हासिल किया है. ऐशेज़ में जब स्मिथ ने अपनी लय में बैटिंग शुरू की, बार्मी आर्मी में सन्नाटा पसर गया. एक सुई गिर जाए, उसकी भी आवाज़ समझ में आ जाने वाली शांति.

अख़बारों ने लिखा,

‘ऑस्ट्रेलियाई मसीहा ने बार्मी सिपाहियों की आवाज़ छीन ली है.’

ऐशेज़ रिटेन करने के बाद स्मिथ और वॉर्नर.
ये पल इसलिए भी ख़ास था क्योंकि ऐशेज़ के पहले खत्म हुए वर्ल्ड कप में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को बाहर का रास्ता दिखाया था.

बॉल टेंपरिंग की घटना ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के सबसे मनहूस अध्यायों में गिनी जा सकती है. ये सबसे खास भी है, क्योंकि इसने ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट की वापसी करने की क्षमता को साबित किया है. राख में मिलकर साकार हो जाने की काबिलियत. अपमान के भंवर से सम्मान खींच लेने की ताकत.

डॉक्यूमेंट्री सीरीज़

एक नई डॉक्यूमेंट्री सीरीज़ आई है, ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम की वापसी के ऊपर. पहली बार एक कैमरा क्रू को किसी क्रिकेट टीम के ड्रेसिंग रूम का एक्सेस मिला. लगभग 2300 घंटे की रिकॉर्डिंग को 412 मिनटों में बुनकर पूरी कहानी सुनाई गई है. टोटल 8 एपिसोड्स हैं.

The Test: A New Era for Australia’s Team

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The Test: A new era for Australia's team
The Test: A new era for Australia’s team

ऑस्ट्रेलियाई टीम को जस्टिन लेंगर के कोच बनने के बाद से फॉलो किया गया है. कहानी ऐशेज़ 2019 पर आकर खत्म होती है. जब ऑस्ट्रेलिया 18 बरस बाद ऐशेज़ को अपने पास बरकरार रखने में कामयाब होती है. इसमें काफ़ी कुछ मज़ेदार भी है. जैसे, नेथन लॉयन का गाना, स्टीव स्मिथ की शैडो बैटिंग, मिचेल मार्श की एक्टिंग.

अगर आप ये जानना चाहते हैं कि एक टीम कैसे बनती है, मैदान के अंदर भी और मैदान के बाहर भी.तो ये सीरीज़ आपको देखनी चाहिए. आपकी खेलने की तकनीक भर जीत की हक़दार नहीं बनाती. आपको अपने अंदर के डर से, अपनी कमज़ोरियों से, और अपने आप से लड़ना होता है.

सबसे बड़ी सीख ये मिलती है कि एक टीम का हिस्सा होने का मतलब क्या होता है?


वीडियो: वर्ल्ड कप 2019: जसप्रीत बुमराह की बॉलिंग के डर से बैट पर सेंसर लगाकर खेल रहे थे डेविड वॉर्नर?

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