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रिकी पॉन्टिंग का पड़ोसी जिसने ईशांत शर्मा से अपने कप्तान का बदला लिया

साल 2008 में रिकी पॉन्टिंग को एक बोलर ने खूब परेशान किया था. सिर्फ 19 साल का पेस बोलर. नाम ईशांत शर्मा. उस साल जनवरी में हुए पर्थ टेस्ट में ईशांत के नौ ओवर का स्पेल शायद पॉन्टिंग के करियर का सबसे टफ स्पेल था. महीने बीते. ऑस्ट्रेलिया की टीम भारत आई. ईशांत ने लगातार तीन बार पॉन्टिंग को आउट किया. भारत ने टेस्ट सीरीज जीत ली.

पॉन्टिंग ऑस्ट्रेलिया के तस्मानिया राज्य के रहने वाले हैं. तस्मानिया के एक टाउन लॉनसेस्टन के नाम एक मज़ेदार रिकॉर्ड है. यह दुनिया का इकलौता टाउन है जहां के रहने वाले प्लेयर्स तीन अलग-अलग (1987 डेविड बून, 2003 रिकी पॉन्टिंग, 2015 जेम्स फॉकनर) क्रिकेट वर्ल्ड कप फाइनल्स में मैन ऑफ द मैच चुने गए. ये किस्सा इस लिस्ट के आखिरी क्रिकेटर का है. उस क्रिकेटर का, जिसने सालों बाद ईशांत शर्मा से बदला लिया. रिकी पॉन्टिंग का बदला.

# धोनी का धमाका

साल 2013. ऑस्ट्रेलियन टीम इंडिया टूर पर थी. सात मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर. तीसरा मैच मोहाली में हुआ. ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीता, पहले फील्डिंग का फैसला किया. शुरू में यह फैसला सही भी साबित हुआ. इंडिया ने सिर्फ 76 रन पर शिखर धवन, रोहित शर्मा, सुरेश रैना और युवराज सिंह को खो दिया. यहां से कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली ने टीम को संभाला. कोहली 68 रन बनाकर आउट हुए. धोनी 121 बॉल्स पर 139 रन बनाकर नॉटआउट रहे और टीम इंडिया ने 50 ओवर्स में नौ विकेट खोकर 303 रन बनाए.

45 ओवर्स तक भारत ने सिर्फ 246 रन बनाए थे. लेकिन आखिरी पांच ओवर्स में धोनी ने 57 रन कूट दिए. खासतौर से पारी का आखिरी ओवर खासा महंगा रहा. इस ओवर में धोनी ने 21 रन बनाए. फॉकनर के लिए यह ओवर बुरे सपने जैसा रहा. उन्हें काफी ट्रोल किया गया. फिर आई ऑस्ट्रेलिया की बैटिंग.

इनकी शुरुआत भी कुछ खास नहीं रही. 20वें ओवर तक, 88 के टोटल पर, फिलिप ह्यूज, आरोन फिंच और शेन वॉटसन वापस लौट गए. कप्तान जॉर्ज बेली और एडम वोग्स ने पारी संभाली. दोनों ने मिलकर 83 रन जोड़े. लेकिन विनय कुमार द्वारा फेंका गया 37वां ओवर भारत को मैच में वापस ले आया. इस ओवर में बेली LBW हुए और उनकी जगह आए ग्लेन मैक्सवेल रनआउट. 42वां ओवर फिर विनय ने फेंका और पहली ही बॉल पर ब्रैड हैडिन को जडेजा के हाथों कैच करा दिया. ऑस्ट्रेलियन टीम संकट में थी. अब वोग्स का साथ देने आए फॉकनर.

# फॉकनर ने कहा- सेम पिंच

फॉकनर ने अपनी पहली सात बॉल्स पर बस चार रन बनाए. 43वें ओवर के बाद ऑस्ट्रेलिया को 83 रन चाहिए थे. अगले ओवर में फॉकनर ने विनय कुमार की बॉल पर छक्का जड़ हाथ खोले, लेकिन इस ओवर में सिर्फ नौ रन ही आए. दूसरे एंड पर वोग्स का खेल देख लोगों को बार-बार मिस्बाह याद आ रहे थे. सबको लग रहा था कि वोग्स मैच हरा देंगे. होता भी यही, अगर फॉकनर लॉनसेस्टन के ना होते. 47 ओवर्स के बाद मैच पूरी तरह से भारत की ओर था. ऑस्ट्रेलिया को 18 बॉल्स में 44 रन चाहिए थे. इस जोड़ी के बाद उनके पास सिर्फ बोलर्स बचे थे.

बॉल ईशांत शर्मा के हाथ आई. शर्मा ने अपने सात ओवर्स में सिर्फ 33 रन दिए थे. लेकिन फॉकनर को इससे क्या, उन्हें तो बदला लेना था. पॉन्टिंग का भी और अपना भी. ईशांत की पहली बॉल. फुल लेंथ, विकेट से काफी दूर. फॉकनर ने बल्ला घुमाया और बॉल तक पहुंच ही गए. बॉल गई एक्स्ट्रा कवर बाउंड्री के बाहर, चार रन. धोनी ने लॉन्ग ऑफ को सर्कल के अंदर बुला लिया. दूसरी बॉल शॉर्ट थी, फॉकनर ने उसे बाउंड्री के बाहर फैंस के बीच में पहुंच दिया.

धोनी ने लॉन्ग ऑफ को तुरंत बाउंड्री पर वापस भेजा. धोनी भले फील्ड बदले जा रहे थे लेकिन ईशांत और फॉकनर दोनों पर इसका असर नहीं पड़ रहा था. उनका खेल जारी था. ईशांत ने ओवर की तीसरी बॉल एकदम लेंथ पर रखी. मानो कह रहे हों, इसे भी बाहर भेजो. फॉकनर ने बात मानी और बॉल जितनी तेजी से आई थी उतनी ही तेजी से ईशांत के सिर के ऊपर से उड़ती हुई साइट स्क्रीन के पार जा गिरी.

चौथी बॉल फिर शॉर्ट थी. डीप स्क्वॉयर लेग में दो रन आए. ईशांत ने पांचवीं बॉल भी शॉर्ट फेंकी. इस बार फॉकनर ने हुक के जरिए उसे स्क्वॉयर लेग बाउंड्री के बाहर भेज दिया. पांच बॉल्स में मैच पलट चुका था. ईशांत 24 रन दे चुके थे. लेकिन फॉकनर को अब भी चैन नहीं था. उनकी बेचैनी को कायम रखने में ईशांत का भी बड़ा रोल था. उन्होंने ओवर की आखिरी बॉल भी शॉर्ट फेंकी. बॉल एक बार फिर हवाई रास्ते से दर्शकों के बीच में थी.

वक्त, हालात और ज़ज्बात सब बदल गए थे. अश्विन ने अगले ओवर में सिर्फ पांच रन दिए. लेकिन अब कोई चमत्कार ही भारत को जिता सकता था. आखिरी ओवर फेंकने आए विनय कुमार ने कोशिश की. पहली दो बॉल्स पर सिर्फ तीन रन दिए लेकिन तीसरी बॉल लेग स्टंप पर डाल दी. वो भी फुलटॉस. फॉकनर ने उसे छह रन के लिए भेज ऑस्ट्रेलिया को जीत दिला दी.

फॉकनर के इस धमाके ने ईशांत का लिमिटेड ओवर करियर खत्म ही कर दिया. इस मैच के बाद ईशांत ने सिर्फ 12 वनडे और खेले. आखिरी बार वह 2016 में इंडिया की नीली जर्सी में दिखे थे.

James Faulkner Celebrating Mohali Win 800
Vinay Kumar की बॉल पर छक्का मारकर मैच जीतने का जश्न मनाते James Faulkner (ट्विटर)

फॉकनर ने इस सीरीज के सातवें मैच में सेंचुरी भी मारी. फॉकनर की यह सेंचुरी ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे तेज वनडे सेंचुरी थी. लेकिन इसके बाद भी वह ऑस्ट्रेलिया को जिता नहीं पाए. रोहित शर्मा के 209 रन की पारी की बदौलत भारत ने आसानी से मैच जीत लिया. बाद में फॉकनर 2015 वर्ल्ड कप फाइनल के मैन ऑफ द मैच भी रहे.

इसी वर्ल्ड कप के बाद उन्हें शराब पीकर गाड़ी चलाते हुए भी गिरफ्तार किया गया था. इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेल रहे फॉकनर ने शराब पीकर अपनी गाड़ी ठोंक दी थी. उस वक्त उनके साथ एक दोस्त भी था जिसे शुरुआती रिपोर्ट्स में टिम पेन बताया गया था. इसके बाद उन पर दो साल का ड्राइविंग बैन और 10 हजार पाउंड का जुर्माना लगा था. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें चार वनडे मैचों के लिए बैन भी किया था.

# ट्रिविया

# फॉकनर 2017 से ऑस्ट्रेलिया के लिए नहीं खेले हैं लेकिन T20 लीग्स में वह लगातार खेल रहे हैं.

# फॉकनर T20 इंटरनेशनल में हैटट्रिट लेने वाले पहले ऑस्ट्रेलियन बोलर हैं.

# IPL में फॉकनर अब तक चार टीमों के लिए खेल चुके हैं. जिसमें से दो टीमें, पुणे वॉरियर्स और गुजरात लॉयन्स अब नहीं रहीं.

# फॉकनर से पिटने के बाद ईशांत शर्मा 15 दिन तक रोए थे, ऐसा उन्होंने खुद स्वीकार किया था.


वसीम अकरम ने विवियन रिचर्ड्स को किस मैच के दौरान बहुत परेशान किया था?

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