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Avatar: किस्से दुनिया की सबसे कमाऊ फिल्म के, जिसका हीरो कार में रहता था

पिछले दिनों Avatar: The Way of Water का टीज़र रिलीज़ किया गया. फिल्मों के आने से पहले उनका खूब प्रमोशन किया जाता है. जितनी बड़ी फिल्म, उतना बड़ा प्रमोशनल बजट. ‘अवतार 2’ 2009 में आई फिल्म ‘अवतार’ की सीक्वल है. जैसे इंडिया में ‘बाहुबली 2’ को कुछ खास प्रमोशन की ज़रूरत नहीं पड़ी. क्योंकि पब्लिक पहली फिल्म को देखने के बाद से ही दूसरी का इंतज़ार कर रही थी. ठीक यही चीज़ मॉनस्टर हिट साबित हुई यश की KGF 2 के साथ भी देखने को मिली. ऐसा ही कुछ जेम्स कैमरन की ‘अवतार- द वे ऑफ वॉटर’ के साथ भी हो रहा है.

2009 में रिलीज़ हुई ‘अवतार’ दुनिया की सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी. इसे साइंस-फिक्शन और फैंटसी के मिले-जुले गुणों वाली फिल्म माना जाता है. जब पहली फिल्म ऐसी सफल हो जाए, तो पब्लिक में ये जानने को उत्सुकता रहती है कि उस कहानी में आगे क्या होगा. इसीलिए ‘अवतार- द वे ऑफ वॉटर’ को लेकर इतना बज़ बना हुआ है. जहां तक फिल्म के पहले टीज़र का सवाल है, तो उसे बहुत अच्छा रिएक्शन नहीं मिल रहा है. पब्लिक का कहना है कि टीज़र में नज़र आ रहा CGI/VFX या जो भी कंप्यूटर संबंधित काम है, वो थोड़ा डेटेड लग रहा है. लोगों की दिलचस्पी इस बात में भी है कि जेम्स कैमरन ने पंडोरा निवासियों की कहानी में कुछ नया और अलग जोड़ा है कि नहीं. क्योंकि टीज़र में काफी कुछ पहली फिल्म से मिलता-जुलता सा लग रहा है. कितने भी सीक्वल्स आ जाएं, फ्रैंचाइज़ की पहली फिल्म ही रियल OG होती है.

‘अवतार- द वे ऑफ वॉटर’ का टीज़र आप यहां देख सकते हैं-

इसलिए आज हम आपको ‘अवतार’ फिल्म के बनने के पीछे की पूरी कहानी बताएंगे.

# वर्चुअल एक्टर्स के साथ ‘अवतार’ फिल्म बनाने जा रहे थे जेम्स कैमरन 
# ‘अवतार’ वो फिल्म थी, जिसके लिए नई भाषा इजाद की गई
# मां के सपने में आई नीली लड़की को ‘अवतार’ की हीरोइन बना दिया
# सुपरस्टार ने फिल्म करने से मना किया, तो ऐसे हीरो को कास्ट कर लिया, जो अपनी कार में रहता था
# जब जेम्स कैमरन ने ‘अवतार’ के प्रोड्यूसर के ऑफिस के बाहर ट्रैफिक लाइट लगा दी 
# जब जेम्स कैमरन पर लग गया ‘अवतार’ की स्क्रिप्ट चुराने का आरोप

ये सिर्फ झांकी, कहानी पूरी बाकी है. आइए ‘अवतार’ की मेकिंग से जुड़े मज़ेदार किस्सों पर विस्तार से चर्चा करते हैं.

# वर्चुअल एक्टर्स को कास्ट कर फिल्म बनाने जा रहे थे जेम्स कैमरन

जेम्स कैमरन ने 1994 में 80 पेज की एक स्क्रिप्ट लिखी. अपने इंटरव्यूज़ में कैमरन बताते हैं कि उन्होंने अपने जीवन में जितनी साइंस-फिक्शन किताबें पढ़ी थीं, सबसे प्रेरित होकर ये कहानी लिखी गई थी. 1996 में ‘टाइटैनिक’ (Titanic) बन रही थी. उसी समय कैमरन ने इस बात की घोषणा कर दी कि वो ‘टाइटैनिक’ खत्म करके ‘अवतार’ नाम की नई फिल्म शुरू करेंगे. इस फिल्म में वो 6 वर्चुअल एक्टर्स को कास्ट करने वाले थे. वर्चुअल यानी कंप्यूटर की मदद से बनाए गए सिंथेटिक एक्टर्स. जो रियल यानी फिज़िकल वर्ल्ड में नहीं हैं. अनाउंसमेंट के समय ही ‘अवतार’ का बजट 100 मिलियन डॉलर यानी तकरीबन 8 अरब रुपए रखा गया था. क्योंकि फिल्म में VFX और CGI का इस्तेमाल भारी मात्रा में होना था.

1997 के मिड में ‘अवतार’ पर काम शुरू हुआ. इसे 1999 में रिलीज़ करने की तैयारी थी. ‘अवतार’ के प्री-प्रोडक्शन के दौरान डायरेक्टर जेम्स कैमरन को अहसास हुआ कि अभी वैसी तकनीक इजाद नहीं हुई है, जो उनके विज़न को परदे पर उतार सके. इसलिए उन्होंने इस फिल्म को बनाने का आइडिया ठंडे बस्ते में डाल दिया गया. इस सबके बीच कैमरन की ‘टाइटैनिक’ दुनिया की सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन चुकी थी. सब लोग वेट कर रहे थे कि जेम्स कैमरन अब क्या बनाएंगे. मगर कैमरन ‘अवतार’ के अलावा कोई फिल्म बनाने में इंट्रेस्टेड नहीं थे. मॉडर्न टेक्नोलॉजी के इंतज़ार के दिनों में उन्होंने कुछ डॉक्यूमेंट्री बनाई.

'टाइटैनिक' के सबसे आइकॉनिक सीन्स में से एक की शूटिंग के दौरान लीडिंग पेयर लियोनार्डो डी केप्रियो और केट विंसलेट के साथ जेम्स कैमरन.
‘टाइटैनिक’ के आइकॉनिक सीन्स में से एक की शूटिंग के दौरान लीडिंग पेयर लियोनार्डो डी केप्रियो और केट विंसलेट के साथ जेम्स कैमरन.

2005 में उन्होंने ‘अवतार’ पर दोबारा काम शुरू किया. हॉलीवुड स्टूडियो 20th सेंचुरी फॉक्स ने जेम्स कैमरन को 10 मिलियन डॉलर (77 करोड़ रुपए) का बजट दिया. प्रोडक्शन कंपनी चाहती थी कि कैमरन जो भी फिल्म बनाना चाहते हैं, उसका एक कॉन्सेप्ट क्लिप बनाकर उन्हें दिखाएं. ताकि वो लोग तय कर सकें कि कैमरन के आइडिया में दम है या नहीं. अक्टूबर 2005 में कैमरन ने उन्हें वो क्लिप दिखाई. 20th सेंचुरी फॉक्स ‘अवतार’ को प्रोड्यूस करने के लिए तैयार हो गई.

# वो फिल्म, जिसके लिए नई भाषा बनानी पड़ी

2006 से ‘अवतार’ पर फुल फ्लेज्ड तरीके से काम शुरू हो चुका था. कैमरन ने फिल्म की स्क्रिप्ट में कुछ बदलाव किए. अब पंडोरा नाम के चांद पर रहने वाले लोग अलग भाषा में बात करते थे, जिसे नावी (Na’vi) कहा जाता था. इसका मतलब था कि फिल्म के लिए एक नई भाषा का निर्माण करना. इस प्रक्रिया के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ सदर्न कैलिफॉर्निया के भाषाविद् डॉ. पॉल फ्रॉमर को बुलाया गया. उन्होंने इस फिल्म के लिए एक नई भाषा बनाई. दुनियाभर की अलग-अलग भाषाओं को मिलाकर कुल हज़ार शब्द बनाए गए. इसमें 30 शब्द जोड़े जेम्स कैमरन ने. उन्होंने अपने किरदारों, जगहों और उनकी दुनिया में पाई जाने वाली चीज़ों के नाम सोच रखे थे. इन्हीं 1030 शब्दों में फिल्म के डायलॉग्स लिखे गए.

अब मसला ये था कि नई भाषा तो गढ़ ली, एक्सेंट कैसा रखा जाए. क्योंकि जेम्स कैमरन नहीं चाहते थे कि उनके किरदारों को बात करते सुनकर ऐसा लगे कि वो इसी दुनिया का हिस्सा हैं. फिल्म में नेयतिरी नाम की नायिका का रोल किया था जोई सल्डाना ने. फिल्म में सबसे ज़्यादा डायलॉग उन्हीं के थे. इसलिए ये तय किया गया कि ज़ोई को नावी में बात करने दिया जाए. वो जो भी एक्सेंट पकड़ेंगी, बाकी एक्टर्स भी वही फॉलो करेंगे.

 

ज़ोई सल्डाना 'अवतार' की नायिका नेयतिरी का रोल करती हैं. इसके अलावा ज़ोई मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स और स्टार वॉर्स सीरीज़ का भी हिस्सा हैं.
ज़ोई सल्डाना ‘अवतार’ की नायिका नेयतिरी का रोल करती हैं. इसके अलावा ज़ोई मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स और स्टार वॉर्स सीरीज़ का भी हिस्सा हैं.

# सुपरस्टार ने मना किया, तो ऐसे हीरो को कास्ट कर लिया, जो कार में रहता था

जेम्स कैमरन ने ‘अवतार’ में लीड यानी जेक सली का रोल करने के लिए मैट डैमन को अप्रोच किया. डील ये थी कि डैमन को फीस के तौर पर इस फिल्म की कमाई का 10% हिस्सा दिया जाएगा. इस प्रक्रिया को प्रॉफिट शेयरिंग कहा जाता है. ‘अवतार’ की रिलीज़ कुछ सालों बाद मैट से पूछा गया कि ये फिल्म उन्होंने क्यों नहीं की. इसके जवाब में उन्होंने कहा कि वो उस समय ‘जेसन बॉर्न’ सीरीज़ की फिल्म शूट कर रहे थे. उन्हें लगा कि इस सीरीज़ को अधर में छोड़कर वो कोई नई फिल्म नहीं कर सकते हैं. इसी नैतिक दबाव में उन्होंने ‘अवतार’ में काम करने से मना कर दिया. अपने इस फैसले के बारे में मैट डैमन कहते हैं-

”मुझे एक छोटी सी फिल्म ‘अवतार’ ऑफर हुई थी. जेम्स कैमरन ने मुझे उसकी कमाई का 10 फीसदी हिस्सा देने की बात कही थी. मेरा नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज किया जाएगा. क्योंकि आप कभी किसी ऐसे एक्टर से नहीं मिलेंगे, जिसने इतने ज़्यादा पैसे ठुकराए हों.”

बॉर्न सीरीज़ में मैट डैमन जेसन बॉर्न नाम के CIA एजेंट का रोल करते हैं.
बॉर्न फिल्म सीरीज़ में मैट डैमन जेसन बॉर्न नाम के CIA एजेंट का रोल करते हैं.

जब मैट डैमन ने ‘अवतार’ करने से मना किया, तो जेम्स कैमरन ने दूसरा एक्टर ढूंढना शुरू किया. वो कोई ऐसा चेहरा चाहते थे, जिसकी शक्ल उनके कैरेक्टर जेक से मिलती-जुलती हो. ताकि उसे एलियन में तब्दील करने में ज़्यादा मशक्कत न करनी पड़े. दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से कई एक्टर्स को ट्राय करने के बाद कैमरन को सैम वर्थिंगटन नाम के ऑस्ट्रेलियन एक्टर की फोटो दिखी. सैम इस फिल्म के लिए पहले ही दो बार ऑडिशन दे चुके थे. मगर उनकी तस्वीर देखने के बाद कैमरन ने उन्हें फोन लगाया. तब सैम वर्थिंगटन के पास घर तक नहीं था. वो अपनी कार में ही रहते थे. उनका करियर कुछ सही नहीं चल रहा था. उन्होंने कोई बड़ी फिल्म नहीं की थी.

जब जेम्स कैमरन ने उन्हें मिलने के लिए बुलाया, तो सैम ने कहा कि उनके कार की ब्रेक खराब है. उसे बनवाने में उन्हें एक हफ्ते का समय लगेगा. उसके बाद ही वो कैमरन से मिलने आ पाएंगे. इसी बातचीत के दौरान कैमरन को कुछ खटका. वो एक ट्रक में बैठकर खुद ही सैम वर्थिंगटन से मिलने चले गए. अपने एक इंटरव्यू में जेम्स कैमरन बताते हैं कि उन्हें सैम से बात करके ऐसा लगा कि आप उस आदमी के साथ बैठकर बीयर पी सकते हैं. मगर उस आदमी में लीडरशिप की क्षमता भी है, जो दुनिया को बचाने में काम आएगी. उन्हें जेक सली के कैरेक्टर में यही चीज़ चाहिए थी. इसी बातचीत के बाद सैम वर्थिंगटन को ‘अवतार’ में कास्ट कर लिया गया.

'अवतार' की शूटिंग के दौरान सिगॉर्नी वीवर (सबसे बाएं) और सैम वर्थिंगटन (सबसे दाएं) के साथ डायरेक्टर जेम्स कैमरन.
‘अवतार’ की शूटिंग के दौरान सिगॉर्नी वीवर (सबसे बाएं) और सैम वर्थिंगटन (सबसे दाएं) के साथ डायरेक्टर जेम्स कैमरन.

# जब जेम्स कैमरन ने प्रोड्यूसर के ऑफिस के बाहर ट्रैफिक लाइट लगा दी

‘अवतार’ को 20th सेंचुरी फॉक्स प्रोड्यूस कर रही थी. ये स्टूडियो जेम्स कैमरन के साथ ‘टाइटैनिक’ पर भी काम कर चुका था. उनके लिए वो अच्छा अनुभव नहीं था. ‘टाइटैनिक’ ओवर बजट चली गई. कैमरन ने बड़ी लेट-लतीफी से वो फिल्म बनाई थी. इसलिए प्रोडक्शन कंपनी ‘अवतार’ को प्रोड्यूस करने के फैसले को विचाराधीन रखा था. यानी वो पूरी तरह से इस फिल्म के प्रति कमिटेड नहीं थे. कैमरन अपनी स्क्रिप्ट को फाइन ट्यून करने में समय ले रहे थे. स्डूडियो का रवैया देखते हुए कैमरन ने कहा कि अगर ये फिल्म पिट जाती है, तो वो अपनी फीस कम कर देंगे. बावजूद इसके फॉक्स बहुत श्योर नहीं था. फिल्म के को-प्रोड्यूसर जॉन लैंडॉ भी इस चीज़ से काफी परेशान थे. उन्हें लग रहा था कि इस फिल्म का पता नहीं क्या होगा. अपने प्रोड्यूसरों को परेशान देख जेम्स कैमरन ने जॉन लैंडॉ के ऑफिस के बाहर एक ट्रैफिक लाइट लगवा दी. इस ट्रैफिक लाइट में हमेशा पीली बत्ती जलती रहती थी. ये इस बात का सूचक था कि इस फिल्म का भविष्य अनिश्चित है. फिल्म तो जैसे-तैसे करके बन जाएगी. मगर टिकट खिड़की पर ये कैसा परफॉर्म करेगी, इसका कुछ भरोसा नहीं है.

खैर, 2006 में फॉक्स ने कैमरन को बोल दिया कि वो ‘अवतार’ को बनाने को लेकर बहुत उत्सुक नहीं हैं. इसके बाद कैमरन ने अपनी फिल्म का आइडिया अलग-अलग स्टूडियोज़ के सामने पिच करना शुरू कर दिया. वॉल्ट डिज़्नी स्टूडियो ने कैमरन के आइडिया में दिलचस्पी दिखाई. वो ये फिल्म बनाना चाहते थे. डिज़्नी ने इस प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए फॉक्स के साथ बातचीत करनी शुरू की. मगर फॉक्स ने डिज़्नी को साफ मना कर दिया. इसी समय इंडीजेनस मीडिया नाम की कंपनी, फॉक्स के साथ मिलकर ‘अवतार’ को प्रोड्यूस करने को तैयार हो गई. इंडीजेनस मीडिया ने फिल्म के टोटल बजट का 50 फीसदी हिस्सा वहन करने का फैसला किया. इससे फॉक्स पर आर्थिक दबाव कम हो गया. और फिल्म पर कायदे से काम शुरू हो गया.

'अवतार' की शूटिंग के दौरान कास्ट और क्रू के साथ डायरेक्टर जेम्स कैमरन.
‘अवतार’ की शूटिंग के दौरान कास्ट और क्रू के साथ डायरेक्टर जेम्स कैमरन.

‘अवतार’ का ऑफिशियल बजट 237 मिलियन डॉलर बताया जाता है, जो कि इंडियन करंसी के हिसाब से तकरीबन 16 अरब रुपए बनता है. मगर ‘अवतार’ को बनाने में इससे ज़्यादा का खर्च आया था. हालांकि मेकर्स ये बात स्वीकार करने से बचते हैं. फिल्म का प्रमोशनल बजट 150 मिलियन डॉलर रखा गया था. ये रकम प्रोडक्शन कॉस्ट से अलग थी. 150 मिलियन डॉलर आज के समय में 10 अरब रुपए के आसपास बनता है.

‘अवतार’ के बजट को देखकर फॉक्स स्टूडियो के कई लोग बड़े चिंतित थे. एक मीटिंग के दौरान फॉक्स स्टूडियो के एक एग्ज़ीक्यूटिव ने अपना सिर हिलाते हुए कहा था-

”मुझे नहीं पता कि हम लोग ज़्यादा पागल हैं, जो आपको ये फिल्म बनाने दे रहे हैं. या आप लोग इतने पागल हैं, जिन्हें लगता है कि वो ये फिल्म बना लेंगे.”

बॉटम लाइन ये है कि कोई भी ‘अवतार’ को लेकर श्योर नहीं था. बॉक्स ऑफिस रिटर्न तो छोड़िए, लोगों को ये भी भरोसा नहीं था कि ये फिल्म बन पाएगी. फाइनली जब ‘अवतार’ बनकर तैयार हो गई. फिल्म के प्रमोशन के दौरान एक इंटरव्यू में जेम्स कैमरन ने इस फिल्म के भविष्य पर बात की. उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें ऐसा लगता है कि ‘अवतार’ कमाई के मामले में उनकी पिछली फिल्म ‘टाइटैनिक’ को पीछे छोड़ पाएगी. इसके जवाब में कैमरन ने कहा-

”मुझे नहीं लगता कि मैं टाइटैनिक का रिकॉर्ड तोड़ पाऊंगा. और मुझे लगता है कि अगले कुछ समय तक कोई टाइटैनिक का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाएगा. मुझे बड़ी खुशी होगी, अगर ये फिल्म (अवतार) अपने बजट से ज़्यादा पैसे कमा लेती है.”

फिल्म 'अवतार' के एक सीन में जेक सली और नेयतिरी.
फिल्म ‘अवतार’ के एक सीन में जेक सली और नेयतिरी.

# मां के सपने में आई नीली लड़की को ‘अवतार’ की हीरोइन बना दिया

‘अवतार’ की कहानी पंडोरा नाम के एक चांद पर घटती है. वहां की आबो-हवा इंसानों के मुफीद नहीं है. मगर उस पंडोरा पर कुछ एलियन लोग रहते हैं. उनकी लंबाई 10 फुट से ज़्यादा होती है. वो नीले रंग के होते हैं. जब जेम्स कैमरन से पूछा गया कि नीला रंग ही क्यों!

कैमरन के इस रंग के चुनाव के पीछे की वजह उनकी मां के सपने को बताया जाता है. कई रिपोर्ट्स में ऐसा दावा किया जाता है कि ‘अवतार’ के बनने के बहुत सालों पहले कैमरन की मां ने एक सपना देखा. अपने सपने में उन्हें 11-12 फुट लंबी एक महिला दिखी, जिसका शरीर नीले रंग का था. सुबह उठकर मम्मी ने ये कहानी कैमरन को सुनाई. तभी से तस्वीर कैमरन के दिमाग में छप गई. अपने एक इंटरव्यू में कैमरन बताते हैं कि ये तस्वीर उन्हें इसलिए याद रह गई क्योंकि उन्हें ये बहुत कूल फोटो लगी थी.

हालांकि बाद में कैमरन ने तर्क संगत होते हुए कहा कि उन्होंने नीला रंग इसलिए चुना क्योंकि हिंदू देवी-देवता से इसका एक कनेक्शन है. उनकी फिल्म में दिख रहे एलियंस के पास भी कई जादुई शक्तियां हैं, जो इंसानों में नहीं पाई जातीं.

नेयतिरी के किरदार में ज़ोई सल्डाना. इस कैरेक्टर को कैमरन ने अपनी मां के सपने से प्रेरित होकर गढ़ा था.
नेयतिरी के किरदार में ज़ोई सल्डाना. इस कैरेक्टर को कैमरन ने अपनी मां के सपने से प्रेरित होकर गढ़ा था.

# जब जेम्स कैमरन पर लग गया ‘अवतार’ की स्क्रिप्ट चुराने का आरोप

इतनी सारी मुश्किलों को पार करके बनी ‘अवतार’ फाइनली रिलीज़ हुई. मगर इसकी मुश्किलें अब भी कम होने का नाम नहीं ले रही थीं. कई समीक्षकों ने दावा किया कि ‘अवतार’ के कई हिस्से रशिया के Arkady and Boris Strugatsky नाम के दो भाइयों की किताब Noon Universe से उठाए गए हैं. स्ट्रूगैस्की ब्रदर्स ने ये किताब 1960 के दशक में लिखी थी.

कहा गया कि ‘नून यूनिवर्स’ नाम की साइंस फिक्शन किताब में जो हरा-भरा प्लैनेट दिखाया गया है, उसका नाम ‘पंडोरा’ था. स्ट्रूगैस्की ब्रदर्स की किताब में ‘पंडोरा’ के निवासियों को ‘नेव’ (Nave) कहा जाता था. जेम्स कैमरन ने ‘पंडोरा’ नाम जस का तस कॉपी कर लिया. जबकि Nave का नाम बदलकर Na’vi कर दिया.

1991 में आर्केडी स्ट्रूगैस्की का निधन हो गया. इसके ठीक 3 साल बाद जेम्स कैमरन ‘अवतार’ की कहानी पर काम करने की बात कहते हैं. जब बात बढ़ गई, तो कैमरन ने अपना पक्ष रखा. उन्होंने 45 पन्ने का एक लीगल डेक्लेरेशन फाइल किया. इसमें उन्होंने ‘अवतार’ फिल्म से जुड़े तमाम आइडियाज़ की उत्पत्ति की कहानी बताई. जेम्स कैमरन ने इस डेक्लेरेशन में बताया कि ‘पंडोरा’ नाम उन्होंने अपनी ही एक पुरानी स्क्रिप्ट से लिया है, जिस पर कभी फिल्म नहीं बन सकी.

फिल्म 'अवतार' का ऑफिशियल पोस्टर.
फिल्म ‘अवतार’ का ऑफिशियल पोस्टर.

खैर, रिलीज़ के बाद ‘अवतार’ ने ताबड़तोड़ कमाई करनी शुरू की. तब भी लोगों को यकीन नहीं था कि ये फिल्म कमाई के सारे कीर्तिमान ध्वस्त कर देगी. ‘अवतार’ का लाइफटाइम कलेक्शन रहा 2.8 बिलियन यानी करीब 21 हज़ार 642 करोड़ रुपए. ‘टाइटैनिक’ को पीछे छोड़ते हुए ‘अवतार’ दुनिया की सबसे कमाऊ फिल्म बन गई. 10 साल तक ये रिकॉर्ड ‘अवतार’ के नाम रहा. 2019 में आई ‘एवेंजर्स- एंडगेम’ ने ‘अवतार’ का ये रिकॉर्ड तोड़ा. इसके बाद ‘अवतार’ को दोबारा रिलीज़ किया गया और फिल्म ने फिर से वही बॉक्स ऑफिस परफॉरमेंस दोहराते हुए ‘एवेंजर्स- एंडगेम’ को दो नंबर पर ढकेल दिया.

अब ‘अवतार’ का सीक्वल आ रहा है, जिसे ‘अवतार- द वे ऑफ वॉटर’ नाम से बुलाया जा रहा है. जेम्स कैमरन डायरेक्टेड ये फिल्म 16 दिसंबर, 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज़ के लिए शेड्यूल्ड है.


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