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ये 10 फिल्में 2019 के गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स में क्यों जीतीं?

Golden Globe Awards हर साल 'हॉलीवुड फॉरेन प्रेस एसोसिएशन' द्वारा दिए जाते हैं. इसमें 100 से भी कम वोटर होते हैं. ये वोटर वो एंटरटेनमेंट जर्नलिस्ट और फोटोग्राफर होते हैं जो अमेरिका में रहते हुए अलग-अलग तरह के, विदेशी मीडिया (अधिकतर) के लिए काम करते हैं.

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अमेरिका में ऑस्कर के बाद (या उसकी बराबरी में) दूसरा सबसे बड़ा अवॉर्ड है गोल्डन ग्लोब. महत्व में ये ऑस्कर से कम भी नहीं है.  इसमें फिल्मों के अलावा टीवी के कंटेंट को भी चुना जाता है. इसी अवॉर्ड से हर साल पॉपुलर फिल्मों के इंटरनेशनल अवॉर्ड सीजन की शुरुआत होती है. भारतीय समय मुताबिक 7 जनवरी, सोमवार सुबह अमेरिका में (6 जनवरी) कैलिफोर्निया के होटल बेवर्ली हिल्टन में 76वें गोल्डन ग्लोब्स का आयोजन हुआ. विनर्स के नाम अनाउंस हुए, उन्होंने आकर्षक स्पीच दीं.

ये अवॉर्ड कुल 25 श्रेणियों में दिए गए. इनमें टीवी अवॉर्ड्स की 11 और फिल्म अवॉर्ड्स की 14 कैटेगरी थीं. फिल्म कैटेगरी में ये 10 फिल्में जीतीं. जानेंगे इन्हीं के बारे में.

~ 1. द ग्रीन बुक

डायरेक्टरः पीटर फैरेली  ।  अवॉर्डः 1. बेस्ट मोशन पिक्चर, म्यूजिकल या कॉमेडी में 2. बेस्ट स्क्रीनप्ले 3. मेहरशाला अली – बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर
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ये 1960 के उस दशक की असली कहानी है जिसमें अश्वेतों को वाइट अमेरिकियों वाली लेट्रीन यूज़ करने की इजाजत नहीं है, प्रतिष्ठित होटलों में उनके बराबर बैठकर डिनर करने की इजाजत नहीं है. उस दौर में एक इटैलियन-अमेरिकी बाउंसर फ्रैंक (वीगो मोर्टेन्सन), एक अश्वेत पियानो प्लेयर डॉन शर्ली (मेहरशाला अली) का ड्राइवर और बॉडीगार्ड बनना कुबूल करता है. अपने म्यूजिक कॉन्सर्ट के लिए दोनों उन इलाकों में जाते हैं जहां अश्वेतों के प्रति गैर-बराबरी की परंपराएं बड़ी कट्टर हैं.

फिल्म जीती क्योंकिः ये कहानी बहुत प्रासंगिक है. फ्रैंक और डॉन शर्ली ने तब के जिस हिंसक और खुले नस्लभेद के दौर को अपनी दोस्ती से पराजित किया, उनकी ये कहानी सिनेमाई तौर पर तब आई है जब 2018-19 में भी अमेरिका की सड़कों पर वही घृणा नए सिरे से दिखी है.

~ 2. बोहेमियन रैप्सोडी

डायरेक्टरः ब्रायन सिंगर  ।  अवॉर्डः 1. बेस्ट मोशन पिक्चर (ड्रामा) 2. रामी मलिक – बेस्ट एक्टर (ड्रामा)
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भारतीय पारसी लड़के फारोख़ बलसारा की जीवन कथा जो बाद में फ्रेडी मरक्यूरी कहलाया. जिसने ब्रिटिश रॉक बैंड ‘क्वीन’ को बनाया. जिसे म्यूजिक लवर्स सबसे महान रॉक बैंड भी कहते हैं. अपने लुक्स, हाव-भाव, यौन-उन्मुखता और बातों के लिए चर्चा में रहने वाले फ्रेडी (रामी मलिक) की 1991 में एड्स के कारण मौत हो गई थी. ‘वी विल वी विल रॉक यू’ गाना सुना होगा, वो उन्होंने ही बनाया था.

फिल्म जीती क्योंकिः फ्रेडी की कहानी आइकॉनिक है. उनके गानों की विरासत जबरदस्त है. वो समाज के misfits के प्रतिनिधि भी थे. ट्रेडिशन के विपरीत जाते थे. फ्रेडी उस दौर में गे थे जब ब्रिटेन में समलैंगिकता को अपराधमुक्त किया ही गया था और उन्हीं के बहाने इस टैबू पर ज्यादा से ज्यादा बात होती गई. रामी मलिक ने फ्रेडी जैसे विलक्षण व्यक्तित्व को जिस तरह निभाया.

~ 3. अ स्टार इज़ बॉर्न

डायरेक्टरः ब्रैडली कूपर  ।  अवॉर्डः बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग – ‘शैलो’ (लेडी गागा व अन्य कंपोजर्स)
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जैक (ब्रैडली) नाम के एक मशहूर सिंगर की कहानी जो एक आम लड़की (लेडी गागा) को गाते देखता है. उसे प्रोत्साहित करता है. उसे स्टार बनने में मदद करता है. लेकिन फिर उसका करियर और जीवन उतार पर आने लगता है.

फिल्म जीती क्योंकिः ब्रैडली का बतौर डायरेक्टर और गागा का बतौर एक्ट्रेस गठजोड़ विशेष रुचि जगाने वाला है. इस फिल्म के लिए बहुत से प्रभावी, ओरिजिनल ट्रैक बनाए गए, जो फिल्म की कहानी (अंत) के कारण और भी ताकतवर बन गए. इन्हीं में से ‘शैलो’ एक था जो बार-बार सुनने की इच्छा होती है.

~ 4. दी फेवरेट

डायरेक्टरः योरगोस लेंतिमोस  ।  अवॉर्डः ओलिविया कोलमैन – बेस्ट एक्ट्रेस (म्यूजिकल या कॉमेडी)
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अठारवीं सदी के शुरू के इंग्लैंड की कहानी जहां एक दुर्बल रानी ऐन (ओलिविया कोलमैन) गद्दी पर बैठी है और उसकी सबसे करीबी लेडी साराह (रैचल वाइज़) देश के फैसले ले रही है. लेकिन ये समीकरण तब बिगड़ जाता है जब महल में एक नई नौकरानी एबीगेल (एमा स्टोन) की एंट्री होती है. अब इन तीनों के आपसी रिश्ते से देश पर भी फर्क पड़ता है.

फिल्म जीती क्योंकिः कोलमैन का अभिनय साल के सबसे तरोताजा करने वाले अनुभवों में से एक है.

~ 5. वाइस

डायरेक्टरः एडम मकै  ।  अवॉर्डः क्रिश्चन बेल – बेस्ट एक्टर (म्यूजिकल या कॉमेडी)
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अमेरिकी राजनेता औऱ कारोबारी डिक चेनी की कहानी. कैसे ये इंसान अमेरिकी इतिहास का सबसे ताकतवर उप-राष्ट्रपति बना और जिसने जब ऑफिस छोड़ा तो लोगों के बीच उसकी अप्रूवल रेटिंग सबसे कम थी. राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश के कार्यकाल में इराक पर हमला करने से लेकर आतंकवाद वगैरह से जुड़े, कई ऐसे फैसले लिए गए जिन्होंने दुनिया को हमेशा के लिए बदलकर रख दिया, उनके पीछे डिक चेनी का दिमाग था.

फिल्म जीती क्योंकिः अपने किरदारों के लिए खुद को सुखाकर कंकाल में तब्दील कर लेने वाले क्रिश्चन बेल ने इस बार फिर अपने शरीरिकता से बिलकुल उलट किरदार अदा किया है. उनकी डायलॉग डिलीवरी और स्टाइल पिछली सब फिल्मों से जुदा है. वे ‘वाइस’ की हाइलाइट हैं, और इसमें उनकी एक्टिंग इस अवॉर्ड सीजन में कौतुहल का विषय है.

~ 6. इफ बील स्ट्रीट कुड टॉक

डायरेक्टरः बैरी जेनकिन्स  ।  अवॉर्डः रेजिना किंग – बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस (मोशन पिक्चर)
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अश्वेत समुदाय की रिहाइश के लिए मशहूर न्यू यॉर्क के हार्लम इलाके की एक युवती प्रेग्नेंट है और उसके मंगेतर को पुलिस ने जेल में डाल दिया है. अपने बच्चे के जन्म से पहले वो अपने जीवनसाथी को निर्दोष साबित करने में जुटी है.

फिल्म जीती क्योंकिः अपने सब्जेक्ट की वजह से. ‘मूनलाइट’ (2016) के बाद डायरेक्टर जेनकिन्स ने इस फिल्म में भी ब्लैक किरदारों को लेकर एक मानवीय कहानी कही है. और उस युवती की मां के रूप में रेजिना का पात्र याद रहता है. रेजिना ने 2018 में वेब सीरीज ‘सेवन सेकेंड्स’ में भी ऐसी मां का रोल किया जो अपने ब्लैक किशोरवय बच्चे के मौत के जिम्मेदार लोगों को ढूंढ रही है.

~ 7. रोमा

डायरेक्टरः एलफॉन्ज़ो क्यूरॉन  ।  अवॉर्डः 1. बेस्ट डायरेक्टर 2. बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म
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1970 के दशक में मैक्सिको शहर में रहने वाले एक मध्यमवर्गीय परिवार और उनके यहां काम करने वाली नौकरानी की लाइफ में एक साल की अवधि में क्या होता है, ये इस फिल्म की कहानी है. इसे एलफॉन्ज़ो ने आत्मकथात्मक अंदाज में लिखा है और अपने बचपन को भी कहानी में पिरोया है.

फिल्म जीती क्योंकिः एलफॉन्ज़ो फुल फॉर्म में हैं. ये ऐसे ही है जैसे उन्होंने ऑस्कर और ग्लोब्स जैसे टॉप अवॉर्ड जीतने का गणित पता कर लिया हो. ‘रोमा’ की कलात्मकता इसी का परिणाम लगती है. पिछले पांच ऑस्कर्स में वो और उनके दो मैक्सिकन दोस्त (आलेहांद्रो, गुएर्मो) चार बार बेस्ट डायरेक्टर के अवॉर्ड जीते हैं.

~ 8. द वाइफ

डायरेक्टरः ब्योर्न रूंग  ।  अवॉर्डः ग्लेन क्लोज़ – बेस्ट एक्ट्रेस (ड्रामा)
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एक महिला जोएन कासलमैन (ग्लेन) के पति को साहित्य के क्षेत्र में दुनिया का सबसे ऊंचा पुरस्कार नोबेल प्राइज़ मिलने वाला है. इसे लेने के लिए वो पति के साथ स्टॉकहोम जाती है. लेकिन उसके पति की महानता के पीछे एक सच है जो उसके सिवा किसी को नहीं पता. स्टॉकहोम में ग्लेन सोचने को मजबूर हो जाती है कि जिंदगी में उसने जो भी फैसले लिए वो क्यों लिए.

फिल्म जीती क्योंकिः बेस्ट एक्ट्रेस ड्रामा श्रेणी की सब फिल्मों में ‘द वाइफ’ की कहानी आज के महिला समानता के नैरेटिव को सबसे ज्यादा मदद करती है. और इस मैसेजिंग में ग्लेन की अदायगी बहुत गूढ़ और असरदार साबित होती है.

~ 9. फर्स्ट मैन

डायरेक्टरः डेमियन शज़ैल  ।  अवॉर्डः बेस्ट ओरिजिनल स्कोर
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वर्ष 1969 में चांद पर चलने वाले पहले आदमी नील आर्मस्ट्रॉन्ग की कहानी. इस अंतरिक्ष मिशन से जुड़ने के बाद से लेकर उसे पूरा करने तक नील की पर्सनल लाइफ और मेंटल स्पेस में क्या-क्या होता है वो फिल्म में नजर आता है.

फिल्म जीती क्योंकिः 2017 में छह ऑस्कर और सात गोल्डन ग्लोब जीतने वाली ‘ला ला लैंड’ के मेकर्स की ताजा फिल्म है ‘फर्स्ट मैन.’ हिस्टोरिकल कहानी के साथ कंपोजर जस्टिन हरविट्ज़ व उनकी टीम ने कुछ बार-बार सुनने लायक धुनें बनाई हैं. वैसे भी वे अवॉर्ड्स फेवरेट हैं. ‘ला ला लैंड’ में अपने म्यूजिक के लिए उन्होंने दो ऑस्कर जीते थे.

~ 10. स्पाइडरमैन- इनटू द स्पाइडर वर्स

डायरेक्टरः बॉब पर्शिचेटी, रॉड्नी रॉथमैन, पीटर रैमज़ी  ।  अवॉर्डः बेस्ट एनिमेटेड फिल्म
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माइल्स मोरैलस नाम के एक किशोरवय लड़के की कहानी है जो स्पाइडरमैन का दीवाना है लेकिन एक दिन उसका सपना सच हो जाता है जब वो स्पाइडरमैन बनता है. लेकिन स्पाइडी बनने के साथ ही एक खतरे को टालने का जिम्मा उस पर आन पड़ता है.

फिल्म जीती क्योंकिः पहली बार एक ब्लैक टीनएजर को हम स्पाइडरमैन बनते देखते हैं. अगर इस सुपरहीरो पर बनी पिछली सात-आठ फिल्में भी किसी ने देखी है तो भी उसे ये पहली एनिमेटेड स्पाइडरमैन फिल्म मजेदार लगेगी.

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Why These 10 Films Won At Golden Globe Awards 2019?

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