Submit your post

Follow Us

बोमन ईरानी की वायरल हो रही इस फोटो को देखकर खुद आर्मी वाले भी गच्चा खा जाएंगे

5
शेयर्स

तेलगु फिल्मों के सुपरस्टार अल्लु अर्जुन की मई 2018 में एक फिल्म आई थी. ‘ना पेरु सूर्या, ना इल्लू इंडिया’. फिल्म में अर्जुन का किरदार एक फौजी का था. जो अपने गुस्से पर कंट्रोल नहीं रख पाता. इसी कारण से उसका कोर्ट मार्शल कर दिया जाता है. और फिर उसे साइकोलॉजिस्ट के पास भेजा जाता है. फिल्म में बोमन ईरानी कर्नल संजय श्रीवास्तव के रोल में थे.

आप सोच रहे होंगे कि हम आपको साल भर पुरानी फिल्म की कहानी क्यों बता रहे हैं? क्या इसका हिंदी रीमेक बनने वाला है? जवाब है नहीं. ये कहानी हम आपको इसलिए बता रहे हैं क्योंकि इस फिल्म की एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. फोटो में बोमन ईरानी आर्मी की वर्दी में दिखते हैं. और यही इस फोटो के वायरल होने का कारण भी है. जिसमें उनकी ड्रेस में इतनी गड़बड़ियां दिख रहीं हैं, जिन्हें गिनते-गिनते इंसान थक जाए.

इस ड्रेस में बोमन के कैरेक्टर में सेना की सबसे बड़ी रैंक और सबसे छोटी रैंक दोनों को मिक्स कर दिया है.
फोटो देखकर आर्मी के अफसर भी कन्फ्यूज हो जाएं कि सामने वाली की रैंक क्या है?

क्या है फोटो में?

बोमन ईरानी के कॉलर पर एक लाल रंग की टैब लगी हुई है. जिस पर 4 सितारे जड़े हुए हैं. यह टैब आर्मी में सर्वोच्च रैंकिंग वाले ऑफिसर के पास होती है. यानी कि सेनाध्यक्ष. आर्मी की भाषा में इसे चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ कहा जाता है. तो कायदे से ये कॉलर टैब बोमन की शर्ट पर नहीं होना चाहिए था. क्योंकि वे फिल्म में कर्नल की भूमिका में थे. झोल इतना ही नहीं है. नेमप्लेट पर LT Sanjay Srivastav लिखा गया है. मतलब लेफ्टिनेंट संजय श्रीवास्तव. लेफ्टिनेंट आर्मी का सबसे जूनियर रैंक होता है. और कॉलर टैब सबसे सीनियर चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ का लगा है.

इसके अलावा हाथ पर एक बैज भी है. जो कि यूपी पुलिस का सिंबल है. अब आर्मी के ड्रेस में किसी स्टेट पुलिस के सिंबल का क्या काम है, ये समझ से परे हैं. उनके ड्रेस पर 5 जनरल सर्विस मेडल 1947 लगा है. जो ये दिखाता है कि अगस्त 1947 में वे 5 अलग-अलग रेजीमेंट्स में एक साथ काम कर रहे थे. कैसे? भगवान जाने. साथ ही 1999 में हुए ऑपरेशन विजय का स्टार भी लगा है. अब आप कल्पना ही कर सकते हैं कि सेना में उन्होंने कितने लंबे समय तक सर्विस दी.

ऐसा पहली बार नहीं हुआ है 
आर्मी बेस्ड फिल्मों में अक्सर ऐसा होता रहता है. इतना बड़ा झोल तो नहीं होता, लेकिन लगभग हर आर्मी बेस्ड मूवी में आर्मी ड्रेस को हूबहू नहीं दिखाया जाता. ‘लक्ष्य’, ‘बॉर्डर’ और ‘एलओसी’ जैसी कुछ फिल्मों में आर्मी यूनिफार्म को असल वर्दी से काफी क्लोज दिखाया गया है. लेकिन इन फिल्मों में आर्मी एसोसिएट थी. अगर फिल्म से आर्मी के लोग जुड़े होते हैं तो वे चीजों का चयन काफी बारीकी से करते हैं. और इस चीज को निश्चित करते हैं कि क्या होना चाहिए और क्या नहीं?

‘ना पेरु सूर्या, ना इल्लू इंडिया’ कॉमर्शियल फिल्म है. इसमें स्टोरी एंगल जरूर सोल्जर का है, लेकिन इसका स्टोरी से कोई बहुत ज्यादा लेना-देना नहीं है. उन्होंने बस ये दिखा दिया कि ढेर सारे मेडल हैं, चमकदार वर्दी है, इतने मेडल्स लगे हैं, बैज लगे हैं तो बड़ा अफसर है. इससे पहले ‘रुस्तम’ की वर्दी पर भी विवाद हो चुका है. इसमें 3 गलतियां हम आपको बता रहे हैं. जिसको संदीप उन्नीथन ने ट्वीट किया था-

रुस्तम में अक्षय कुमार एक नेवी ऑफिसर की भूमिका में थे.
रुस्तम में अक्षय कुमार एक नेवी ऑफिसर की भूमिका में थे.

1. इसमें अक्षय वर्दी पर नाम पट्‌टी पहने हुए दिखते हैं. ये नेम टैग 1970 में ही शुरू हुए थे जबकि कहानी 1959 की है.
2. रुस्तम का किरदार मूछें रखे हुए है जबकि बिना दाढ़ी के सिर्फ मूछें रखने की इजाजत सैन्यकर्मियों को 1971 के बाद ही दी गई.
3. रुस्तम का किरदार कारगिल स्टार 1999 और ओम पराक्रम 2001-02 के मेडल पहने हुए दिखता है लेकिन कोई 40 साल पहले इस किरदार ने ये युद्ध कैसे लड़ लिए?

सैम पर भी उठे सवाल

 

और अभी हाल में आई फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ की बायोपिक की तस्वीर पर भी सवाल उठे हैं. बायोपिक की प्रमोशनल फोटो पर ट्वीट करते हुए रिटायर्ड जनरल सैयद अता हसनैन ने वर्दी में कई बड़ी गलतियां निकाली हैं. जनरल हसनैन ने लिखा,

‘राय ली होती तो अच्छा लगता. लेफ्टिनेंट जनरल दीपिंदर सिंह, उनके एमए सब जानकारी देने के लिए सदा तैयार हैं. विक्की कौशल ने गलत रंग के रैंक बैज पहने हुए हैं. सैम एक गोरखा थे, उन्होंने कभी पीतल नहीं पहना. वो हमेशा काला बैज पहनते थे. मुझे गर्व है कि मैं गढ़वाली भुल्ला होने के बावजूद वही पहनता हूं.’

ata hasnain

नियम क्या है?
कोई सिविलियन अगर किसी जालसाजी या धोखाधड़ी के इरादे से आर्मी की ड्रेस पहनता है तो आईपीसी की धारा 171 के तहत 3 महीने की सजा या 200 रुपए का जुर्माना या दोनों हो सकता है. लेकिन फिल्मों में आर्मी यूनिफार्म यूज करना जालसाजी या धोखाधड़ी तो नहीं ही है. इसके अलावा आर्मी से रैंक, बैज, टैब और मेडल्स के यूज की परमिशन भी ली जा सकती है. आर्मी पर बेस्ड फिल्में या सैनिकों पर बेस्ड किरदार अकसर दिखाई देते हैं लेकिन बार बार उनकी ड्रेस में बहुत ही आम गड़बड़ियां दिखती हैं. उसे दूर करने के लिए फिल्ममेकर्स को अपनी तरफ से सावधानी रखनी चाहिए या फिर सैन्य विशेषज्ञों से राय लेनी चाहिए. उससे फिल्म का प्रमोशन भी अच्छा हो सकता है और गलतियां होने के चांसेज भी कम हो जाते हैं.

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें
Why do Indian filmmakers goof up on military uniforms, Boman Irani old image restarted the debate

10 नंबरी

कंगना की अगली फिल्म 'धाकड़' का पोस्टर आया और आते ही उस पर चोरी का इल्जाम लग गया

पिछली फिल्म का नाम बदला, अगली पर चोरी का इल्जाम. ''मेरा तो इत्ता लाइफ खराब हो गया''!

फिल्म '83' में कपिल देव के लुक की सबसे खास बात है रणवीर सिंह की आंखें

हालांकि इसका सारा क्रेडिट रणवीर सिंह को दिया जाना भी गलत है.

वो फिल्म जिसे देखने के बाद कई प्रेमी जोड़ों ने आत्महत्या कर ली थी

जिसके हीरो को ढंग से हिंदी बोलनी भी नहीं आती थी.

देश का सबसे बड़ा दलित नेता, जिसने इंदिरा को 1977 को चुनाव हरवा दिया था

ये रामविलास पासवान से पहले के सियासत के मौसम-विज्ञानी हैं, जिन्हें अंबेडकर के ग्लैमर ने ढांप लिया.

अक्षय ने अपनी फिल्म 'मिशन मंगल' की पहली फोटो शेयर करते हुए एक मैसेज दिया है

अक्षय ने बताया कि वो हमेशा से ऐसी फिल्म क्यों करना चाहते थे.

राज कुमार के 42 डायलॉगः जिन्हें सुनकर विरोधी बेइज्ज़ती से मर जाते थे!

हिंदी सिनेमा में सबसे ज्यादा अकड़ किसी सुपरस्टार के किरदारों में थी तो वो इनके.

कंगना और राजकुमार राव की ये फिल्म आपको उसकी कहानी जानने के लिए चैलेंज करती है

'जजमेंटल है क्या' ट्रेलर: एक मर्डर. दो आरोपी. भारी कंफ्यूज़न. भरपूर थ्रिल. मजेदार कॉमेडी.

अक्षय का स्टंट करते हुए ये वीडियो 'सूर्यवंशी' में क्या होने वाला है इसका धांसू नमूना है

कहा जा रहा है कि अक्षय अपने स्टंट खुद कर रहे हैं.

जिस बॉलीवुड को ज़ायरा ने छोड़ा, वहां के सेलिब्रेटीज़ ने इस मामले पर क्या कहा?

प्रतिक्रियाएं अलग-अलग हैं, आप तय करिए किससे सहमत हैं...

विकी कौशल के सैम मानेकशॉ बनने पर पद्मावत के एक्टर ने जो कहा, उससे उन्हें शॉक लगा होगा

जब सब तरफ बहुत तारीफें हो रही थी, ये कमेंट आ गया.