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जंतर-मंतर पर भड़काऊ नारे लगाने के मामले से सुर्खियों में आए लोगों का इतिहास गौर करने लायक है

8 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बिना अनुमति के एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया. करीब 5 हज़ार लोग जुटे. आरोप है कि इस दौरान कुछ लोगों ने मुस्लिमों के ख़िलाफ़ भड़काऊ नारे लगाए. इसका वीडियो वायरल रहा. अगले दिन यानी 9 अगस्त को कनॉट प्लेस थाने में FIR दर्ज की गई. छह लोगों को गिरफ्तार किया गया. आइए जानते हैं उन लोगों के बारे में जो इस मामले में गिरफ्तार हुए, और उनके बारे में भी जो इस कार्यक्रम की वजह से खबरों में हैं.

अश्विनी उपाध्याय

अश्विनी उपाध्याय पेशे से वकील हैं. सुप्रीम कोर्ट में वकालत करते हैं. दिल्ली BJP के प्रवक्ता भी रह चुके हैं. 8 अगस्त को अश्विनी उपाध्याय जंतर-मंतर पर मौजूद थे. मंच से भाषण भी दिया. हालांकि जिस वीडियो में कथित तौर पर ‘… काटे जाएंगे’ वाले नारे लगाते लोग दिख रहे हैं, उसमें उपाध्याय नजर नहीं आ रहे. इस केस में अश्विनी उपाध्याय को गिरफ्तार भी किया गया, लेकिन 11 तारीख़ को उन्हें दिल्ली की कोर्ट से ज़मानत मिल गई. जमानत पर छूटने के बाद अश्विनी ने पुलिस पर केस में फंसाने का आरोप लगाया.

अश्विनी उपाध्याय का कहना है कि वह तो भारत जोड़ो आंदोलन का हिस्सा भर हैं, न कि किसी नारे वाले के साथ. उनकी मांगें हैं – समान कर संहिता, समान नागरिक संहिता, समान दंड संहिता वगैरह. जिसका ज़िक्र वो लगातार अपने ट्वीट्स में करते रहे रहे हैं. उनका ये ट्वीट देखिए-

“समान शिक्षा, समान चिकित्सा, समान कर संहिता, समान दंड संहिता, समान श्रम संहिता, समान पुलिस संहिता, समान न्यायिक संहिता, समान नागरिक संहिता, समान धर्मस्थल संहिता और समान जनसंख्या संहिता. मेरे जीवन का सपना है जो अवश्य पूरा होगा.”

अश्विनी उपाध्याय ये भी मांग भी रखते रहे हैं कि

Ashwini Upadhyay
अश्विनी उपाध्याय को 11 अगस्त को दिल्ली की अदालत से ज़मानत मिल गई. (फाइल फोटो- Aaj Tak)

गजेंद्र चौहान

फिल्म एंड टीवी इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) के पूर्व चेयरमैन और भारतीय जनता पार्टी के सदस्य गजेंद्र चौहान भी जंतर मंतर पर हुए इस कार्यक्रम के दौरान मंच पर थे. हालांकि गजेंद्र चौहान का नाम FIR में नहीं है. उनकी अश्विनी उपाध्याय के साथ मंच पर मौजूद रहने की फोटो सोशल मीडिया पर काफी सर्कुलेट हो रही है. किसी विवादित वीडियो में अभी वह नहीं दिखे हैं. गजेंद्र चौहान को महाभारत में युधिष्ठिर की भूमिका के लिए पहचाना जाता है. गजेंद्र के अश्विनी उपाध्याय से अच्छे संबंध रहे हैं. उपाध्याय तो इन्हें सोशल मीडिया पर बाकायदा ‘धर्मराज युधिष्ठिर’ कहकर संबोधित करते हैं.

Gajendra Chauhan
गजेंद्र चौहान FTII के पूर्व चेयरमैन हैं. वह 8 अगस्त को अश्विनी उपाध्याय के साथ मंच पर मौजूद थे. (फाइल फोटो- India Today)

पिंकी चौधरी

गाजियाबाद के रहने वाले पिंकी चौधरी का असली नाम भूपेंद्र शर्मा है. लोग उन्हें ‘पिंकी भैया’ के नाम से भी बुलाते हैं. वह हिंदू रक्षा दल नाम के संगठन से जुड़े हैं. 5 जनवरी 2020 को जब JNU में हिंसा हुई थी, तब पिंकी चौधरी ने उसकी जिम्मेदारी ली थी. पिंकी ने कहा था कि JNU लगातार देशविरोधी हरकतों का अड्डा बनता जा रहा है. हम इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते. JNU में जो हिंसा हुई है, हम उसकी पूरी जिम्मेदारी लेते हैं. मैं कहना चाहता हूं कि हमला करने वाले हमारे कार्यकर्ता थे.

2014 में आम आदमी पार्टी के कौशांबी स्थित दफ्तर पर हमले का आरोप भी पिंकी चौधरी पर है. खबरें थीं कि प्रशांत भूषण के जम्मू-कश्मीर में जनमतसंग्रह कराने के बयान से नाराज होकर लोगों की भीड़ ने AAP के ऑफिस पर धावा बोला था. इन लोगों के हाथों में हिंदू रक्षा दल का बैनर था.

जंतर मंतर पर 8 अगस्त की घटना को लेकर पुलिस पिंकी चौधरी की तलाश कर रही है, ऐसा पुलिस सूत्रों का दावा है. इस घटना के बारे में पिंकी चौधरी ने इंडिया टुडे से बात की. नारे लगाने वालों का समर्थन करने का दावा किया. उन्होंने कहा कि-

“मैं जंतर-मंतर पर स्टेज के ऊपर मौजूद था. हालांकि नारा मैंने नहीं लगाया. लेकिन जो भी हिंदू भाई वहां आए थे, उन्हें हमने ही बुलाया था. सभी लड़के हमारे थे. वहां पूरे देश से लड़के आए थे. जिन बच्चों ने नारे लगाए, हम उनसे मुंह नहीं मोड़ सकते. घर मे बच्चे गलती कर देते हैं लेकिन बड़े ये नहीं कह देते न कि बच्चा हमने पैदा ही नहीं किया.”

Pinky Chaudhary
पिंकी चौधरी 2020 की JNU हिंसा में भी आरोपी हैं. (फाइल फोटो- India Today)

प्रीत सिंह

प्रीत सिंह सेव इंडिया फाउंडेशन के निदेशक हैं. इसी के बैनर तले 8 अगस्त को जंतर-मंतर पर कार्यक्रम हुआ था. अश्विनी उपाध्याय के साथ प्रीत सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है. गुरुवार को दीपक सिंह हिन्दू और विनोद शर्मा के साथ प्रीत सिंह की जमानत अर्जी पर भी सुनवाई हुई, लेकिन अदालत ने याचिका खारिज कर दी. ये अभी जेल में ही हैं.

प्रीत सिंह दिल्ली के रोहिणी इलाके में रहते हैं. बताया जा रहा है कि अश्विनी उपाध्याय के कहने पर प्रीत सिंह ने ही पूरे कार्यक्रम का आयोजन कराया था. प्रीत सिंह की भी यही मांग है कि देश में अंग्रेजों के समय से चले आ रहे विवादित कानूनों को हटाया जाए और भारतीय कानून लागू किए जाएं. कौन से कानून चाहते हैं प्रीत सिंह और सेव इंडिया फाउंडेशन से जुड़े लोग? समान शिक्षा, समान नागरिक संहिता, जनसंख्या नियंत्रण, धर्मांतरण नियंत्रण, घुसपैठ नियंत्रण.

प्रीत सिंह ये मांग भी उठाते रहे हैं कि देश के 4 लाख मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त किया जाना चाहिए. इसके लिए जब अश्विनी उपाध्याय ने इसी साल सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी तो उसका समर्थन करने वालों में प्रीत सिंह भी थे. इन लोगों का कहना है कि देश में 4 लाख मंदिरों पर सरकारी नियंत्रण है. ये नियम 19वीं सदी का बनाया हुआ है. यानी अंग्रेजों के समय का. अब इसे बदलने का वक्त आ गया है.

Preet Singh
तेजिंदर बग्गा के साथ प्रीत सिंह. (फाइल फोटो- Twitter)

विनोद शर्मा

जंतर मंतर पर भड़काऊ नारेबाजी के मामले में गिरफ्तार लोगों में विनोद शर्मा भी हैं. ये सुदर्शन वाहिनी नाम के हिंदूवादी संगठन से जुड़े हैं. मुस्लिमों के विरोध में आगे रहते हैं. कपिल मिश्रा के साथ फरवरी 2020 के प्रो-CAA प्रोटेस्ट का हिस्सा भी रहे थे. 28 जून 2021 को द वायर वेबसाइट पर एक ख़बर पब्लिश हुई थी. इसमें दिल्ली के उत्तम नगर में रेहड़ी वालों के साथ धार्मिक तौर पर भेदभाव का आरोप सामने आया था. और ऐसा करने वालों में बतौर आरोपी नाम आया था विनोद शर्मा का भी. इस रिपोर्ट के मुताबिक विनोद शर्मा ने कहा था कि दिल्ली में रेहड़ी लगाने वाले असल में रोहिंग्या हैं. मार्च 2020 में इन्होंने मुस्लिमों के बायकॉट की मांग करते हुए इंडिया गेट पर प्रदर्शन भी किया था.

Vinod Sharma
कपिल मिश्रा के साथ विनोद शर्मा (बाएं) ने CAA के समर्थन में प्रोटेस्ट भी किए थे. (फाइल फोटो)

दीपक सिंह

दीपक सिंह ‘हिंदू फोर्स’ नाम के संगठन के संस्थापक हैं. दिल्ली में ये पिछले कुछ समय में खासे सक्रिय हुए हैं. कुछ दिन पहले ही पटपड़गंज में मजार का मसला उठने पर दीपक सिंह अपने साथियों के साथ वहां हनुमान चालीसा का पाठ करने पहुंच गए थे. दीपक सिंह 8 अगस्त को जंतर-मंतर के कार्यक्रम में मौजूद थे और वहां से तमाम फेसबुक लाइव भी किए थे. जो दीपक सिंह के फेसबुक पेज पर मौजूद हैं. फेसबुक लाइव में जय श्रीराम के नारे लग रहे हैं.

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को लेकर भी दीपक का विरोध इनके फेसबुक पर साफ झलकता है. इनकी एक फेसबुक पोस्ट देखिए-

Deepak Fb (1)
दीपक सिंह का फेसबुक पोस्ट.

इस पोस्ट की फोटो में हज हाउस के साथ में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की फोटो लगी है.

एक अन्य पोस्ट में दीपक सिंह ने लिखा है –

“जिस दिन तुम्हारे घरों में भोंपू से 5 बार आवाज आने लगे तो समझ लो कि आने वाले वर्षों में तुम्हें पलायन या पराक्रम किसी एक मार्ग को चुनना है.” 

Deepak Fb
दीपक सिंह का फेसबुक पोस्ट.

जंतर मंतर पर भड़काऊ नारेबाजी के मामले में दीपक सिंह हिंदू की भी गिरफ्तारी हो चुकी है. जमानत अर्जी खारिज होने के कारण ये अभी जेल में ही हैं. पुलिस का कहना है कि इस मामले से जुड़े बाकी लोगों की पहचान और गिरफ्तारी की कोशिश हो रही है. जल्द ही कार्रवाई की जाएगी.


जंतर मंतर पर भड़काऊ नारेबाजी के मामले में दिल्ली बीजेपी के पूर्व प्रवक्ता समेत 6 गिरफ्तार

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