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मुख्तार अंसारी तो बांदा जेल पहुंच रहे हैं, लेकिन यूपी के बाकी चर्चित कैदी कहां हैं?

6 अप्रैल को पंजाब की रोपड़ जेल में बंद बाहुबली नेता और माफिया मुख्तार अंसारी को उत्तर प्रदेश लाया जा रहा है. इसके लिए उत्तर प्रदेश पुलिस की 150 सदस्यीय टीम 5 अप्रैल को पंजाब पहुंची थी. उत्तर प्रदेश और पंजाब सरकार के बीच रस्साकस्सी को लेकर मुख्तार अंसारी लगातार ख़बरों में है, लेकिन उत्तर प्रदेश के बाकी चर्चित कैदी कहां-कहां कैद हैं, पता है आपको? आइए जानते हैं.

Ateeq Ahmed
अतीक 3 जून 2019 से अहमदाबाद की साबरमती जेल में हैं.

अतीक अहमद

मौजूदा वक्त में गुजरात की अहमदाबाद जेल में बंद हैं. अतीक अब तक उत्तर प्रदेश की कई जेलों में रह चुके हैं. जैसे कि देवरिया, बरेली, इलाहाबाद आदि. 23 अप्रैल 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से अतीक अहमद को यूपी के बाहर शिफ्ट करने को कहा था. उसके बाद यूपी सरकार ने 3 जून 2019 को उसे अहमदाबाद की साबरमती जेल में शिफ्ट कराया.

राजू पाल कभी अतीक अहमद का दाहिना हाथ कहा जाता था, लेकिन जब राजू ने चुनाव में अतीक के भाई को हराया तो इसके बाद से अतीक के पतन की कहानी शुरू हो गई. इस कहानी को लेकर विस्तार से आप यहां क्लिक करके पढ़ सकते हैं.

लोकसभा और कई बार विधानसभा चुनाव जीत चुके अतीक पर हत्या, हत्या की कोशिश, रंगदारी, गुंडागर्दी जैसी संगीन धाराओं के तहत करीब 60 मामले दर्ज़ हैं. मार्च 2021 में 5 मुकदमों को लेकर अतीक पर आरोप तय कर दिए गए हैं. हाल के दिनों में अतीक की कई अवैध निर्माण वाली प्रॉपर्टी प्रशासन द्वारा ध्वस्त की गई है.

Azam Khan
आजम खान ने 26 फरवरी 2020 को रामपुर कोर्ट में सरेंडर किया था.

आजम खान

समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान 8 बार विधायकी का चुनाव जीत चुके हैं. राज्यसभा सांसद भी रहे हैं. एक साल से अधिक से जेल में हैं. 2017 में योगी सरकार के आने के बाद आजम खान पर शिकंजा कसना शुरू हुआ. आजम के खिलाफ करीब 90 मुकदमे दर्ज हैं. आजम खान ने 26 फरवरी 2020 को रामपुर कोर्ट में सरेंडर किया था. इसके बाद 27 फरवरी को उन्हें रामपुर से सीतापुर जेल ट्रांसफर किया गया था. इसके बाद से आजम खान अभी तक सीतापुर जेल में बंद हैं.

Brajesh Singh
ब्रजेश सिंह 2008 में ओडिशा से पकड़ा गया.

ब्रजेश सिंह

पिता की हत्या का बदला लेने के साथ ब्रजेश सिंह अपराध की दुनिया में चला गया. 1986 में इस हत्या के बाद पहली बार ब्रजेश जेल गया. यहां और अपने जैसों से मुलाक़ात हुई, लेकिन रेल, बिजली और कोयले की ठेकेदारी को लेकर मुख्तार अंसारी और ब्रजेश सिंह आमने-सामने आ गए. अंसारी के राजनीतिक प्रभाव के कारण ब्रजेश की दिक्कतें बढ़ने लगी. ऐसे में ब्रजेश बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय के साथ हो गया. लेकिन मुख्तार ने कृष्णानंद राय की हत्या करवा दी. इसके बाद ब्रजेश उत्तर प्रदेश छोड़ ओडिशा भाग गया. 2008 में ओडिशा से पकड़ा गया. आगे चलकर ब्रजेश कई मुकदमों से बरी होते चले गया. लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक़ ब्रजेश पर अब भी करीब 11 मुक़दमे चल रहे हैं. मौजूदा वक्त में ब्रजेश जेल में बंद है, लेकिन विधायक है. मार्च 2016 में खुद ब्रजेश वाराणसी से निर्दलीय एमएलसी बने थे. ब्रजेश सिंह अब माननीय हैं.

फ़रवरी 2021 में ब्रजेश सिंह ने विधानमंडल के सत्र में शामिल होने की अनुमति मांगी थी, लेकिन इज़ाज़त नहीं मिल सकी थी.

Anil Dujana
गैंगस्टर अनिल दुजाना जेल में रहते हुए जिला पंचायत का चुनाव जीत चुका है.

अनिल दुजाना

अनिल दुजाना गौतमबुद्ध नगर जिले का रहने वाला है. गैंगस्टर अनिल दुजाना एक महीने पहले ही जेल से छूटा है. जेल में बंद रहते हुए भी अनिल दुजाना जिला पंचायत का चुनाव जीत चुका है. अबकी उसकी पत्नी पूजा चुनाव लड़ सकती है.

दुजाना पर हत्या, लूट, जानलेवा हमले सहित  20 से अधिक मामले दर्ज हैं. साल 2011 में अनिल दुजाना गैंग ने साहिबाबाद में एक शादी में शूट आउट किया था, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी.

Sunder Bhati
सुंदर भाटी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है.

सुंदर भाटी

नोएडा की एक अदालत ने 6 अप्रैल 2021 को हरेन्द्र प्रधान हत्याकांड मामले में सुंदर भाटी को उम्रकैद की सजा सुनाई है. सुंदर के साथ उसके 11 गुर्गों को उम्रकैद की सजा दी गई है.

हरेंद्र प्रधान की 2015 में ग्रेटर नोएडा के नियाना गांव में हत्या कर दी गई थी. हरेंद्र प्रधान अपने साथियों के साथ एक शादी समारोह में शामिल होने गया था. वहां से वापस लौटते वक्त सुंदर भाटी गैंग के गुर्गों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी थी. हरेंद्र दादूपुर गांव का ग्राम प्रधान था. हमले के दौरान हरेंद्र प्रधान के सरकारी गनर भूदेव शर्मा की भी गोली लगने से मौत हुई थी. इस मामले में पुलिस ने सुंदर भाटी और उसके 13 साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था.

Mukhtar Ansari
मुख़्तार अंसारी (तस्वीर: पीटीआई)

मुख्तार अंसारी के बारे में भी थोड़े में जानते जाइए

मुख्तार अंसारी को बुन्देलखंड क्षेत्र के बांदा जेल की बैरक नंबर 15 में रखा जाएगा. इस जेल में अभी भी कई ईनामी डकैत और अपराधी कैद हैं. जब 2017 में अंसारी को बांदा जेल लाया गया था, तब भी उसे 15 नंबर बैरक में रखा गया था. इसे सबसे सुरक्षित बैरक में से गिना जाता है. बांदा जेल में कुंडा के विधायक राजा भैया, इलाहाबाद के बाहुबली अतीक अहमद, शीलू हत्याकांड का आरोपी विधायक पुरुषोत्तम द्विवेदी, नोएडा का कुख्यात गैंगस्टर अनिल दुजाना भी रह चुका है. जेल की क्षमता 600 है, जबकि इस समय जेल में 1200 से ज़्यादा कैदी बंद हैं.

फिलहाल मुख़्तार अंसारी और ब्रजेश सिंह जैसे लोग जेल में हैं और उत्तर प्रदेश में थोड़ी शांति है. हालांकि लोक कथाओं के मुताबिक़, दोनों जेल में अपनी मर्ज़ी से टिके हुए हैं, 2008-09 के करीब इनकी दुश्मनी अपनी चरम सीमा पर थी, इसलिए इन दोनों के लिए जेल सबसे सुरक्षित जगह बन गई


वीडियो- मुख्तार अंसारी पर कार्रवाई करने वाले पुलिस अधिकारी को अब योगी सरकार ने बड़ी राहत दी है

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