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रामानंद सागर की 'रामायण' वाले राम, लक्ष्मण, सीता और रावण आज कल कहां हैं?

33 साल बाद रामानंद सागर वाला ‘रामायण’ सीरियल दूरदर्शन पर वापस आ रहा है. वजह है कोरोना लॉकडाउन के दौरान पब्लिक की भारी डिमांड. 27 मार्च को सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट कर इस शो के वापसी की बात कंफर्म की. जब ये सीरियल टीवी पर आया था, तब तो इसे खूब मकबूलियत हासिल हुई. इसमें देवताओं के रोल करने वाले एक्टर्स को देखते ही लोग हाथ-पांव जोड़ लेते थे. मतलब इस तरह की श्रद्धा थी लोगों में. इस शो के वापस टीवी पर आने वाली बात सुनकर दिमाग में पहला ख्याल ये आता है कि इस सीरियल में राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान और रावण का रोल करने वाले एक्टर्स आज कल कहां हैं. हम एक-एक कर इन एक्टर्स के बारे में जानेंगे कि उस शो के बाद इनका क्या हुआ और अब ये लोग कहां हैं.

# अरुण गोविल– ये शो में राम का रोल करते थे. प्रोड्यूसर-डायरेक्टर रामानंद सागर के साथ ‘रामायण’ से पहले ‘विक्रम बेताल’ में काम कर चुके थे. लेकिन जब ‘रामायण’ के लिए ऑडिशन देने गए, तो सीधे खारिज़ कर दिए गए. हालांकि बाद में अरुण को सागर साहब ने बुलाया और राम का रोल दे दिया. इंट्रेस्टिंग बात ये कि 1977 में एक फिल्म आई थी ‘लव कुश’. इसमें जीतेंद्र और जया प्रदा ने राम और सीता का रोल किया था. उसमें अरुण लक्ष्मण बने थे. 2014 में आखिरी बार भोजपुरी फिल्म ‘बाबुल प्यारे’ में दिखाई दिए थे. ‘रामायण’ में लक्ष्मण का रोल करने वाले सुनील लहरी के साथ मिलकर एक प्रोडक्शन हाउस शुरू किया था, जिसके तले ये लोग ‘मशाल’ नाम का टीवी शो बनाते थे. आखिरी बार द कपिल शर्मा शो के दूसरे सीज़न में बतौर गेस्ट दिखाई दिए थे.

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम, जिनका रोल किया था अरुण गोविल ने.
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम, जिनका रोल किया था अरुण गोविल ने.

# दीपिका चिखालिया– एक्टिंग की शुरुआत इन्होंने ‘चीख’ और ‘रात के अंधेरे में’ जैसी बी-ग्रेड फिल्मों से की थी. ‘रामायण’ का हिस्सा बनने से पहले ये भी ‘विक्रम बेताल’ और ‘दादा-दादी की कहानियां’ जैसे सागर आर्ट्स के प्रोडक्शन में बनने वाले शोज़ का हिस्सा थीं. ‘रामायण’ के बाद इनकी पॉपुलैरिटी चरम पर थी. 1991 में वड़ोदरा की सीट से बीजेपी की टिकट पर चुनाव लड़ा और एमपी बन गईं. लेकिन पॉलिटिक्स उनका ज़ोन  नहीं था. सो उसे भी राम-राम बोलकर जीवन में आगे बढ़ गईं. कुछ समय बाद इन्होंने हेमंत टोपीवाला नाम के एक बिज़नेसमैन से शादी कर. पति की कंपनी श्रंगार बिंदी और टिप्स एंड टोज नेलपॉलिश बनाती है. दीपिका इसी कंपनी की रिसर्च और मार्केटिंग टीम को हेड करती हैं. आखिरी बार वो आयुष्मान खुराना की फिल्म ‘बाला’ में यामी गौतम के किरदार की मां सुशीला मिश्रा के रोल में दिखाई दी थीं.

बी ग्रेड फिल्मों से करियर शुरू करके टॉप पर पहुंचने वाली दीपिका चिखालिया.
बी ग्रेड फिल्मों से करियर शुरू करके टॉप पर पहुंचने वाली दीपिका चिखालिया.

# सुनील लहरी– ‘रामायण’ में लक्ष्मण का रोल करने वाले सुनील भी सागर आर्ट्स के पिछले प्रोजेक्ट्स से जुड़े हुए थे. लेकिन उन्हें लक्ष्मण का रोल तब मिला, जब उस किरदार के लिए चुने गए एक्टर ने सीरियल छोड़ दिया. 1991 में आई फिल्म ‘बहारों की मंज़िल’ में उन्होंने एक ज़रूरी किरदार निभाया था. उन्होंने अपने ऑन-स्क्रीन  भाई अरुण गोविल के साथ एक प्रोडक्शन कंपनी शुरू की, जिसके तले वो टीवी सीरियल बनाया करते थे. ‘मशाल’ नाम के सीरियल के बारे में तो हम आपको ऊपर बता ही चुके हैं. बाकी सुनील भी अपने पार्टनर्स इन क्राइम अरुण और दीपिका के साथ ‘रामायण’ के 33 साल पूरे होने के मौके पर ‘दी कपिल शर्मा शो’ में नज़र आए थे.

अपने दौर के एंग्री यंग मैन लक्ष्मण उर्फ सुनील लहरी.
अपने दौर के एंग्री यंग मैन लक्ष्मण उर्फ सुनील लहरी.

# दारा सिंह– रेस्लर और मशहूर एक्टर को शो ‘रामायण’ में उनकी कद-काठी के हिसाब से हनुमान का रोल मिला था. 1952 में दिलीप कुमार की फिल्म ‘संगदिल’ से एक्टिंग डेब्यू करने के बाद से ‘रामायण’ के आने तक वो मशहूर फिल्म एक्टर बन चुके थे. सिर्फ हिंदी ही नहीं उन्होंने तमिल, तेलुगू और मलयाली भाषा की फिल्मों में भी काम किया. क्विक फैक्ट ये है कि जीतेंद्र की जिस फिल्म में अरुण गोविल को लक्ष्मण बनाया गया, दारा सिंह ने उसमें भी हनुमान का ही कैरेक्टर प्ले किया था. एक्टिंग के साथ-साथ उन्होंने पॉलिटिक्स में भी किस्मत आज़माई. 1998 में बीजेपी में शामिल हुए. 2003 से लेकर 2009 तक राज्य सभा सांसद रहे. एक्टर के तौर उनकी आखिरी फिल्म थी राजपाल यादव की बतौर डायरेक्टर पहली फिल्म ‘अता पता लापता’. 2012 में दारा सिंह की डेथ हो गई.

पवनपुत्र हनुमान के किरदार में पहलवान दारा सिंह.
पवनपुत्र हनुमान के किरदार में पहलवान दारा सिंह.

# अरविंद त्रिवेदी– रावण का किरदार निभाने वाले अरविंद त्रिवेदी मशहूर गुजराती थिएटर आर्टिस्ट उपेंद्र त्रिवेदी के भाई हैं. रामानंद सागर ने अपने पिछले शो ‘विक्रम और बेताल’ के ही अधिकतर एक्टर्स को ‘रामायण’ के लिए साइन किया था. अरविंद भी उन्हीं में से एक थे. कमाल की बात ये कि 1991 में वो भी बीजेपी की टिकट से गुजरात की साबरकांठा सीट से चुनाव लड़े और सांसद बन गए. इनके खाते में हिंदी और गुजराती मिलाकर कुल 250 से ज़्यादा फिल्में हैं. मशहूर फिल्ममेकर और देव आनंद के भाई विजय आनंद ने जब वैचारिक मतभेद की वजह से 2002 में सेंसर बोर्ड चेयरमैन का पद छोड़ा, तब अरविंद को ही कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था. अब इनकी उम्र 80 के पार जा चुकी है. इसलिए एक्टिंग वगैरह से दूर हो चुके हैं.

'रामायण' से रावण के किरदार में अरविंद त्रिवेदी.
‘रामायण’ से रावण के किरदार में अरविंद त्रिवेदी.

बहुत सारी सीरियस टाइप की बातें हो चुकी हैं. इसलिए ‘रामायण’ से जुड़े इस मिलेनियल वीडियो के साथ आपको थोड़े हल्के माहौल में छोड़े जा रहे हैं:


वीडियो देखें: कैसे फिरोज़ खान की कुर्बानी की वजह से बनी रामायण?

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