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पटाखे बेचने पर दुकानदारों को धमकाने का शिवराज सरकार के बैन से क्या लिंक है?

शिवराज सिंह चौहान. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री. 4 नवंबर को ऐसे पटाखे बेचने और फोड़ने पर बैन लगाया है, जो चीन में बने हों, जिन पर हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरें लगी हों. इससे कुछ दिन पहले ही कई ऐसे विडियो सोशल मीडियो पर अपलोड किए गए, जिनमें कुछ लोग पटाखे बेचने वाले बोहरा दुकानदारों को समझा-धमकाते दिख रहे हैं. ये विडियो देवास के बताए जा रहे हैं. बताया गया कि पटाखे बेचने से रोकने की ऐसी घटनाएं कई जगहों पर हुई थीं. अब सवाल ये है कि क्या देवी-देवताओं की तस्वीरें वाले पटाखों पर शिवराज सरकार के बैन और धमकाने वाली इन घटनाओं में कोई लिंक है? आइए, इसी की पड़ताल करते हैं.

पहले सरकार का आदेश पढ़ लीजिए

मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार ने कैबिनेट बैठक में पटाखों पर बैन का फैसला किया था. इसके बारे में सोशल मीडिया पर भी जानकारी दी थी. ये भी बताया था कि चाइनीज और देवी-देवताओं की फोटो वाले पटाखे बेचने पर उस धारा में कार्रवाई होगी, जिसमें 2 साल तक की सजा का प्रावधान है. यह ट्वीट देखिए-

# अब वायरल वीडियो की बात

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. मध्य प्रदेश के देवास शहर के बताए जा रहे वीडियो में पटाखा व्यापारी की दुकान पर पहुंचकर कथित हिंदूवादी नेता विरोध करते दिखाई दे रहे हैं. कह रहे हैं कि देवी-देवताओं के फोटो वाले पटाखे बेचना बंद करो. इसे हरगिज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. धमकियां भी देते दिख हैं. कह रहे हैं कि ये पटाखे बेचे तो दुकान को माचिस दिखा देंगे. आप विडियो देखिए-

# लोगों ने प्रतिक्रिया में क्या कहा?

ये विडियो 2 नवंबर का बताया जा रहा है. इस पर सोशल मीडिया में नामचीन लोगोंं ने भी प्रतिक्रिया दी. लेखक, निर्देशक विनोद कापड़ी ने ये वीडियो शेयर करते हुए कहा कि सिर्फ़ खून बहाना ही आतंकवाद नहीं होता.

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी धमकी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

दिवाली से ऐन पहले तथाकथित हिंदूवादी नेताओं की ओर से पटाखों की दुकानों पर पहुंचकर धमकियां दिए जाने से दुकानदारों में डर फैल गया. हालांकि पुलिस में ऐसी कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई, न ही FIR दर्ज हुई है. लेकिन विवाद से बचने के लिए कुछ दुकानदारों ने तो बड़े-बड़े अक्षरों में पोस्टर  लगा दिए. देखिए-

देवास के दुकानदारों ने अब ये पोस्टर्स लगा दिए हैं.
देवास के दुकानदारों ने अब ये पोस्टर्स लगा दिए हैं.

# दुकानदारों का क्या कहना है?

वायरल हो रहे वीडियो का सच जानने के लिए हमने देवास के एक व्यापारी से संपर्क किया. नाम न छापने की शर्त पर उन्होंने कहा-

ये (विडियो वाली) घटना बिल्कुल सही है. देवास की ही है. उस वक्त मैं दुकान पर नहीं था. मेरे बड़े भाई थे. उन लोगों ने वही बर्ताव किया था, जो विडियो में दिखाई दे रहा है. 

कई और भी बातें थीं. जिन पर उन्हें ऑब्जेक्शन था. कह रहे थे कि शिवाजी, लक्ष्मीबाई  जैसे महापुरुषों की फ़ोटो वाले पटाखे भी दुकान में न रखें, और न ही बेचें.

व्यापारी ने बताया कि-

5-7 साल पहले भी ऐसा ही कुछ हुआ था. तब उन्होंने (हिंदूवादी संगठनों ने) आकर कहा था कि देवी-देवताओं वाले पटाखे न बेचें. हमारी धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं. हमने तब भी कहा था कि ऐसे पटाखे हम नहीं बेचेंगे.

फिर कुछ दुकानदारों के पास देवी-देवताओं की तस्वीर वाले पटाखे कैसे मिले? इसके जवाब में दुकानदार ने कहा कि

सा’ब हम तो विक्रेता हैं, निर्माता थोड़े हैं. कई बार कंपनी दिखाती है तोता ब्रांड और अंदर से निकलते हैं लक्ष्मी ब्रांड.

बात खत्म करने से पहले उन्होंने एक बार फिर कहा-

मैंने जो बातें आपसे कही हैं, उसमें हमारा नाम-वाम तो नहीं देंगे न? हम नहीं चाहते कि हमारे साथ मारपीट हो, हंगामा हो… यहां का प्रशासन, देखा जाए तो मूकदर्शक है इन लोगों के सामने. नतमस्तक है. देवास में बोहरा कम्यूनिटी के 5-7 व्यापारी हैं. वो बहुत दहशत में हैं. किस तरह से व्यापार कर रहे हैं, वो ख़ुद ही जानते हैं.

दूसरा पक्ष क्या कहता है, ये भी जान लीजिए

बोहरा कम्यूनिट के दुकानदार के आरोपों की सचाई जानने के लिए हमने उन युवकों की तलाश की, जिन्होंने ये अभियान चलाया था. हिंदू युवा वाहिनी, टीम आज़ाद सावरकर नाम जैसे कई तथाकथित संगठन इसके पीछे बताए गए. कुछ सोशल मीडिया पर ऐसी घटनाओं की ज़िम्मेदारी लेते भी नजर आए. ऐसे ही एक शख्स का फेसबुक से नंबर लेकर हमने बात की. नाम था राहुल रामराज. राहुल ने खुद को टीम आज़ाद सावरकर का सदस्य बताया. उन्होंने माना कि कई दुकानदारों को उन्होंने समझाया था कि देवी-देवताओं के चित्र वाले पटाखे न बेचें. राहुल ने कई विडियो भी हमें भेजे.

हमने राहुल से पूछा कि ये घटनाऐं कहां-कहां हो रही हैं और कौन-कौन संगठन इसके पीछे हैं? उन्होंने बताया-

जहां-जहां हमारी टीमें हैं, वहां-वहां हो रहा है. टीम आज़ाद सावरकर.

क्या कोई और दल या संस्था भी इससे जुड़ी है? इस पर राहुल ने कहा-

ये आवाज़ पूरे हिंदू समाज की है. हिंदू समाज चाहता है कि ये सब बंद हो. लेकिन फ़िलहाल जो कार्रवाई की है, वो टीम आज़ाद सावरकर ने की है.

आखिर में उन्होंने कहा-

देवी-देवताओं की तस्वीरों वाले पटाखों का विरोध हमारा पहला चरण था. हमारा अगला अभियान प्रॉडक्ट्स होंगे. जैसे- अगरबत्ती आदि. फिर उसके बाद प्रिंटिंग प्रेस, जो शादी की पत्रिकाएं छापती हैं.

# क्या सिर्फ़ बोहरा कम्यूनिटी को ही किया गया टारगेट?

जिस बोहरा कम्यूनिटी के व्यापारियों व्यापारी से हमने बात की, उन्होंने बताया कि ये घटना किसी खास मुहल्ले या विशेष एरिया में नहीं हुई. कई जगह ऐसा हुआ. उन्होंने आरोप लगाया कि सिर्फ़ बोहरा समाज के दुकानदारों को ही टारगेट किया जा रहा है. ऐसा इसलिए क्योंकि NRC (सिटिजनशिप रजिस्टर) मामले में हमारी राय अलग थी. अपनी बात की पुष्टि करने के लिए उन्होंने ‘दी लल्लनटॉप’ के साथ एक वीडियो शेयर किया. बताया कि ये वीडियो देवास नहीं, सिहोर का है. उनका आरोप था कि देवास ही नहीं, पूरे एमपी में कई जगहों पर बोहरा कम्यूनिटी को निशाना बनाया जा रहा है.

हमने हिंदूवादी नेता राहुल रामराज्य से भी पूछा कि क्या ये सब कार्यवाई NRC का सपोर्ट न करने वाले व्यापारियों के साथ ही की जा रही है? इस पर उन्होंने कहा-

इसका NRC से कोई लेना-देना नहीं है. हमारी टीम हिंदू व्यापारियों के पास भी गई थी. हमारे पास उसके भी वीडियो हैं. हमें पता था कि ये मुद्दा आएगा, कहीं न कहीं. इसलिए हमने वीडियो बनवा लिए थे.

मांगे जाने पर उन्होंने दी लल्लनटॉप को ये वीडियो उपलब्ध कराया-

राहुल रामराज ने कहा कि कुछ लोग तर्क दे रहे थे कि पटाखों पर भगवान की फोटो तो बरसों से आ रही हैं, अब विरोध क्यों कर रहे हो? इस पर हमारा कहना है कि पुरानी बात खत्म हुई. अब हिंदू समाज जाग चुका है, तो ये सब बंद करना ही होगा.


नोट:  दी लल्लनटॉप इन सभी विडियोज़ की सत्यता, समय और स्थान की पुष्टि नहीं करता. 


वीडियो देखें:  सोने के गहने पर बैंक से लोन कैसे ले सकते हैं?

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