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अश्लील वीडियो बनाने मामले में राज कुंद्रा के साथ कोर्ट में क्या-क्या हुआ?

राज कुंद्रा को 19 जुलाई की शाम अरेस्ट करने के बाद 20 जुलाई को मुंबई के एस्प्लेनेड कोर्ट में पेश किया गया. राज कुंद्रा को पोर्नोग्राफिक वीडियोज़ प्रोड्यूस करने मामले में गिरफ्तार किया गया है. जब वो कोर्ट पहुंचे, तो क्या हुआ हम आपको क्रमवार तरीके से नीचे बता रहे हैं.

# राज कुंद्रा दूसरे आरोपी रायन थॉर्प के साथ कोर्ट पहुंचे. कोर्टरूम में घुसने से पहले उनसे अपने जूते बाहर निकालने को कहा गया. टी-शर्ट और जींस पहने कुंद्रा थोड़ी देर तक कोर्ट रूम के बेंच पर बैठे रहे. क्योंकि उनके वकील अबाद पोंडा बगल वाले कोर्ट रूम में किसी दूसरे केस में लगे हुए थे.

# कोर्ट अपनी प्रोसीडिंग शुरू करने से पहले कुंद्रा के वकील अबाद का इंतज़ार कर रही थी. इस दौरान गर्मी और पसीने से परेशान राज कुंद्रा से उनकी पहचान पूछी गई. उन्होंने अपना मास्क हटाकर कुछ सवालों के जवाब दिए. फिर मास्क वापस पहन लिया. इतनी देर में वहां लोगों की भीड़ लग गई. पुलिस ने बड़ी मुश्किल से क्राउड को कंट्रोल किया.

# इनवेस्टिगेटिंग ऑफिसर किरण बिड़वे ने कोर्ट के सामने अपना केस रखा. उन्होंने बताया कि राज कुंद्रा अपने ऐप हॉटशॉट की मदद से पॉर्न वीडियोज़ में डील करते थे. किरण ने कहा कि जब गहना वशिष्ठ अरेस्ट हुईं, तो उन्होंने उमेश कामत का नाम लिया. उमेश, राज कुंद्रा के पर्सनल असिस्टेंट हुआ करते थे. उन्होंने ही पुलिस से पोर्नोग्राफी में राज कुंद्रा के इनवॉल्वमेंट की बात कही थी.

# जबकि राज कुंद्रा का दावा है कि उन्होंने हॉटशॉट ऐप दूसरे आरोपी प्रदीप बख्शी को बेच दी थी. मगर राज उस ऐप के तमाम फाइनेंशियल डीलिंग के अपडेट लेते रहते थे. उन्होंने इसके लिए बाकायदा एक व्हाट्स ऐप ग्रुप बनाया था, जिसके ऐडमिन वो खुद थे. उस ग्रुप में हॉटशॉट ऐप के पैसों के लेन-देन और पॉर्न वीडियो क्लिप्स के डिस्ट्रिब्यूशन पर बात होती थी. पुलिस के मुताबिक कुंद्रा ने अपनी ऐप 25 हज़ार डॉलर यानी तकरीबन 18.66 लाख रुपए में अपने रिलेटिव प्रदीप बख्शी को बेच दी थी.

# कुछ प्रोजेक्ट्स में छोटे-मोटे रोल करने वाली एक्टर गहना वशिष्ठ और उमेश कामत पॉर्नोग्राफिक वीडियोज़ के प्रोड्यूसर-डायरेक्टर और राइटर का काम करते थे. वो अपनी लिखी स्टोरी को दूसरे लोगों को मेल के ज़रिए भेजते थे, जिसमें राज कुंद्रा को भी मार्क किया जाता था. राज कुंद्रा ने हॉटशॉट के पैसे के लेन-देन से जुड़े कई चैट्स दिखाए.

# पुलिस ने कोर्ट से राज कुंद्रा को लंबी कस्टडी में भेजने की मांग की. मगर राज कुंद्रा के वकील अबाद पोंडा ने इस मांग पर आपत्ति जताते हुए कहा कि पुलिस का कस्टडी मांगना नियमों के खिलाफ है. इसलिए उन्हें राज कुंद्रा की कस्टडी नहीं मिलनी चाहिए. पोंडा ने कहा- ”पुलिस को बताना चाहिए कि वो आरोपी को हिरासत में लिए बगैर आगे की तफ्तीश क्यों नहीं कर सकते.”

# अबाद पोंडा ने राज कुंद्रा पर लगी धाराओं का हवाला देते हुए कहा कि इस केस में सिर्फ दो ऐसी धाराएं हैं, जो नॉन-बेलेबल हैं. IPC यानी इंडियन पीनल कोड की धारा 420 और IT एक्ट की धारा 67A. IPC की धारा 420 के तहत आरोप सिद्ध होने पर 7 साल और आईटी एक्ट की धारा 67A के तहत आरोप सिद्ध होने पर 5 साल की सज़ा का प्रावधान है. जब सज़ा 7 साल से कम है, तब पुलिस को क्रिमिनल प्रोसीज़र कोड के सेक्शन 41 के तहत समन भेजकर उनका बयान दर्ज करना चाहिए. ना कि उन्हें गिरफ्तार करना चाहिए.

# पोंडा अपनी जिरह में आगे कहते हैं कि IT एक्ट की धारा 67A तभी लगती है, जब मामला स्पष्ट रूप से पोर्नोग्राफी का हो. हालांकि राज के वीडियोज़ में जो है, वो वल्गर और शरीर के अंगों का प्रदर्शन भर है. ये पोर्नोग्राफिक नहीं है क्योंकि उन वीडियोज़ में इंटरकोर्स यानी सहवास नहीं होता. इसलिए वो चाहते हैं कि राज कुंद्रा और रायन थॉर्प को पुलिस की बजाय न्यायिक हिरासत में भेजा जाए.

दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद एडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट एस.बी. भाजीपले ने राज कुंद्रा और रायन थॉर्प को 23 जुलाई तक के लिए पुलिस कस्टडी में भेज दिया.


वीडियो देखें: पॉर्न मूवी रैकेट चलाने मामले में शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा गिरफ्तार

 

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