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अपने जीवन के सबसे बुरे अनुभव पर फिल्म ला रहे '3 इडियट्स', 'पीके' और 'संजू' के मेकर

1. फिल्म का नाम – ‘शिकारा- द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ कश्मीरी पंडित्स’ है. 20 दिसंबर, 2019 को इसका मोशन पोस्टर लॉन्च किया गया. ये पोस्टर जब मोशन में होता है, बहुत सारी बातें बताता है. बोल और दिखाकर. ये टीज़रनुमा पोस्टर एक लड़के के वॉयओवर की मदद से बताता है कि 19 जनवरी, 1990 को हज़ारों की संख्या में कश्मीरी पंडितों को कश्मीर से भगा दिया गया था. 19 जनवरी, 2020 यानी उस घटना के ठीक 30 साल बाद उनकी कहानी दिखाई जाएगी. आखिरी हिस्से में एक लड़की की आवाज़ आती है, जो ये कहती है कि उनकी कहानी दिखाई जाएगी. इससे अंदाज़ा ये लग रहा है कि ‘शिकार’ की कहानी का बैकड्रॉप एक लव स्टोरी है.

फिल्म से आया पहला वीडियो यहां देखिए:

2. डायरेक्ट कर रहे हैं विधु विनोद चोपड़ा. पिछली हिंदी फिल्म जो उन्होंने डायरेक्ट की वो ‘एकलव्यः द रॉयल गार्ड’ थी जो 10 साल पहले आई थी, जिसमें अमिताभ बच्चन और सैफ अली खान लीड थे. हालांकि 2015 में उन्होंने हॉलीवुड डेब्यू भी किया था जब ‘ब्रोकन हॉर्सेज़’ डायरेक्ट की थी.

3. ‘परिंदा’ (1989) और ‘1942: अ लव स्टोरी’ (1994) बतौर डायरेक्टर उनकी सबसे शानदार फिल्में मानी जाती हैं. इसके अलावा उन्होंने ‘पीके’ (2014), ‘3 ईडियट्स’ (2009), ‘लगे रहो मुन्नाभाई’ (2006) और ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ जैसी बेहद कामयाब फिल्में प्रोड्यूस की हैं.

फिल्म "परिंदा" के सेट पर 1989 में अनिल कपूर, जैकी श्रॉफ और डायरेक्टर विधु विनोद चोपड़ा.
फिल्म “परिंदा” के सेट पर 1989 में अनिल कपूर, जैकी श्रॉफ और डायरेक्टर विधु. (फोटोः विधु विनोद चोपड़ा फिल्म्स)

4. विधु के प्रोडक्शन की फिल्म ‘संजू’ साल 2018 की सबसे बड़ी फिल्म थी. ये अभिनेता संजय दत्त की बायोपिक है जिसमें रणबीर कपूर उनका रोल किया है और इसके डायरेक्टर राजकुमार हीरानी हैं. इसके अलावा विधु ने फिल्म ‘एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा’ भी प्रोड्यूस की जिसमें अनिल कपूर और सोनम कपूर बाप-बेटी के रोल में नजर आए. ये साथ में उनकी पहली फिल्म थी.

5. कश्मीर में स्थित विधु की नई फिल्म 1990 में कश्मीर में फैले आतंकवाद और उसकी वजह से वहां से विस्थापित हुए लाखों कश्मीरी पंडितों की कहानी कहेगी.

6. हो सकता है ये फिल्म राहुल पंडित की 2013 में प्रकाशित किताब ‘आवर मून हैज़ ब्लड क्लॉट्स’ पर आधारित हो जो कश्मीरी पंडितों के बारे में थी. हालांकि ये पुष्ट तौर पर नहीं कहा जा सकता. 2013 में राहुल की किताब को लॉन्च करते हुए विधु ने कहा था कि उन्हें अपनी बुक को स्क्रिप्ट में तब्दील करना चाहिए जिस पर फिल्म बनाने में उन्हें बहुत खुशी होगी.

"लगे रहो मुन्नाभाई" के प्रमोशंस के दौरान प्रोड्यूसर विधु विनोद चोपड़ा, लीड एक्टर संजय दत्त और डायरेक्टर राजकुमार हीरानी. (फोटोः रॉयटर्स)
“लगे रहो मुन्नाभाई” के प्रमोशंस के दौरान प्रोड्यूसर विधु विनोद चोपड़ा, लीड एक्टर संजय दत्त और डायरेक्टर राजकुमार हीरानी. (फोटोः रॉयटर्स)

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7. अपनी फिल्म की मेकिंग के सिलसिले में वे जम्मू एवं कश्मीर के राज्यपाल एनएन वोहरा, केंद्रीय मंत्री जीतेंद्र सिंह और जम्मू में डीजीपी एसपी वैद से मिल चुके हैं. वैद ने विधु से निवेदन किया था कि वे अपनी फिल्म में यहां की पुलिस के त्याग को दर्शाएं औऱ उनकी छवि को पॉज़िटिव तरीके से प्रस्तुत करें. विधु ने आश्वस्त किया कि वे यहां की पुलिस की सेवाओं को दिखाएंगे.

8. फिल्म के लीड एक्टर कौन हैं ये अभी बताया नहीं गया है. ज्यादातर नए चेहरों को ही लिया गया है. कास्ट में बड़ी संख्या में कश्मीरी मूल के लोग और कश्मीरी शरणार्थी हैं. राज्य की सरकार और पुलिस शूट में विधु की मदद कर रही है. विधु को कास्ट में कश्मीरी शरणार्थी चाहिए थे तो प्रशासन की ओर से जम्मू के शिविरों में रह रहे कश्मीरी शरणार्थियों को कहा गया कि विस्थापन पर बन रही इस फिल्म में वो काम करना चाहें तो अप्लाई कर सकते हैं.

9. ये पूरा प्रोजेक्ट जम्मू और कश्मीर में शूट हुआ है. शिवपोरा, पटनीटॉप और जम्मू के अन्य इलाकों के साथ कश्मीरी पंडितों के शिविरों में भी शूटिंग की गई है. मार्च में फिल्म का पहला शेड्यूल शुरू हुआ और अप्रैल तक चला. दूसरा शेड्यूल मई में चालू हुआ. फाइनली फिल्म की  शूटिंग पूरी हो चुकी है. इसे 20 जनवरी, 2020 को रिलीज़ किया जाना है.

10. इससे पहले विधु ने 18 साल पहले भी घाटी में अपनी फिल्म शूट की थी. वो भी कश्मीर में आतंकवाद की पृष्ठभूमि पर बनी थी. फिल्म थी ‘मिशन कश्मीर’ जो 2000 में रिलीज हुई. उसमें ऋतिक रोशन, संजय दत्त और प्रिटी जिंटा लीड रोल में थे. ये कहानी अल्ताफ नाम के एक बच्चे के बारे में थी जिसके परिवार को लोगों को पुलिस एनकाउंटर में मार देती है. नकाब लगाकर एनकाउंटर करने वाला पुलिस अधिकारी, जो बेऔलाद है उसे पालता है. लेकिन बच्चे की आंखों में अपने माता-पिता के हत्यारों से बदला लेने की आग है. क्या होता है जब उसे पता चलता है कि उसे गोद लेने वाला पिता ही उसके असली माता-पिता की मौत के लिए जिम्मेदार है.

11. बताया जाता है कि नई फिल्म की शूटिंग के दौरान विधु और उनकी टीम गांदरबल के पास वंधमा की उस जगह भी गई जहां 1998 का कुख्यात नरसंहार हुआ था जिसमें 23 कश्मीरी पंडितों को मारा गया था जिसमें चार बच्चे और नौ औरतें भी शामिल थीं.

विधु.
विधु.

12. विधु श्रीनगर से ही आते हैं. अपने जीवन के शुरुआती वर्ष उन्होंने श्रीनगर में ही बिताए थे. उन्होंने अपनी स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई यहीं से की. जब कश्मीर में 1989-90 में आतंकवाद उभरा और कश्मीरी पंडितों को टारगेट करके अपने घरों से बेदख़ल किया गया तो उसका असर विधु के परिवार पर भी पड़ा था. उनकी मां उसी साल बेटे की फिल्म ‘परिंदा’ के प्रीमियर के लिए मुंबई आई थीं लेकिन तभी कश्मीर में ख़ून-ख़राबा होने लगा और वे अपने ही घर वापस न जा सकीं. विधु याद करते हैं, “मेरी मां सिर्फ एक हैंडबैग के साथ परिंदा के प्रीमियर के लिए वहां आई थीं और वो वापस नहीं जा सकीं. सात-आठ साल बाद जब हम लोग अपना घर देखने गए तो अपने बर्बाद कर दिए घर को देखकर मन में पीड़ा होने के बाद भी उन्होंने कश्मीरी में कहा – ‘मैं माफ करती हूं.’ ये हमारा कल्चर था.”

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