Submit your post

Follow Us

विधु विनोद चोपड़ा इतने नाराज़ हुए कि अपनी फिल्म 'शिकारा' के आलोचकों को 'गधा' कह डाला!

अभी कुछ ही दिन पहले सिनेमाघरों में कश्मीरी पंडितों के विस्थापन पर बनी फिल्म ‘शिकारा’ रिलीज़ हुई है. इसे विधु विनोद चोपड़ा ने लिखा, प्रोड्यूस, एडिट और डायरेक्ट किया है. विधु बताते हैं कि वो इस फिल्म पर पिछले 11 सालों से काम कर रहे थे. वो कश्मीरी पंडितों का दुख दुनिया के सामने लाकर रखना चाहते थे, जो अपने ही देश में रिफ्यूज़ी की तरह रहते हैं. ‘शिकारा’ रिलीज़ हुई और फिल्म क्रिटिक्स के कलम के नीचे आ गई. जिसने देखा एक स्वर में कहा फिल्म में कश्मीरी पंडितों के दुख पर कम प्रेम कहानी पर फोकस ज़्यादा रखा गया. कश्मीरी पंडितों के नाम पर एक कॉमर्शियल फिल्म बनाई गई. इन सब बातों का जवाब फिल्ममेकर विधु विनोद चोपड़ा ने दिया है. उन्होंने कहा, जो लोग ये सोचते हैं कि उन्होंने कश्मीरी पंडितों के दुख को कैश करने के लिए फिल्म बनाई है, वो लोग गधे हैं.

अपनी फिल्म ‘शिकारा’ के प्रमोशन के लिए विधु अपनी फिल्म की स्टार कास्ट के साथ मुंबई के के.सी कॉलेज पहुंचे थे. यहां स्टूडेंट्स से इंटरैक्शन के दौरान उन्होंने ‘शिकारा’ को कॉमर्शियल कहे जाने पर विस्तार से बात की. बकौल विधु, उन्होंने 3 इडियट्स प्रोड्यूस की थी, जिसने पहले दिन 33 करोड़ रुपए कमाए थे. लेकिन उन्हें पता था कि शिकारा की पहले दिन की कमाई 30 लाख होगी. बावजूद इसके उन्होंने इस फिल्म को बनाने में अपनी लाइफ के 11 साल खर्च किए. विधु इसमें आगे जोड़ते हैं-

फिल्म 'शिकारा' के एक इवेंट के दौरान फिल्म की स्टारकास्ट और म्यूज़िक डायरेक्टर ए.आर.रहमान के साथ विधु विनोद चोपड़ा.
फिल्म ‘शिकारा’ के एक इवेंट के दौरान फिल्म की स्टारकास्ट और म्यूज़िक डायरेक्टर ए.आर.रहमान के साथ विधु विनोद चोपड़ा. जी नहीं ये तस्वीर उस इवेंट की बिलकुल नहीं है, जिसके बारे में अपन बात कर रहे हैं.

”मुझे लगता है आज कल हर चीज़ मज़ाक हो गई है. मैंने एक फिल्म बनाई जिसने पहले दिन 30 करोड़ रुपए कमाए. लेकिन जब मैंने अपनी मां की याद में एक फिल्म बनाई, जिसने पहले दिन 30 लाख रुपए कमाए, तो लोग कह रहे हैं कि मैंने कश्मीरी लोगों के दर्द को कॉमर्शियलाइज़ कर दिया. मेरे हिसाब से जो लोग ऐसा सोचते हैं, वो गधे हैं. इसीलिए मैं आप सबसे कहना चाहता हूं कि गधे मत बनिए. पहले फिल्म देखिए और फिर उस पर अपनी राय कायम करिए.”

विधु ‘शिकारा’ के बारे में कहते हैं कि उनकी फिल्म को चहुंओर तारीफ मिली है. यहां तक कि ‘टाइटैनिक’ और ‘अवतार’ जैसी फिल्में बनाने वाले डायरेक्टर जेम्स कैमरन ने उनकी इस फिल्म को मास्टरपीस बताते हुए 4 पन्ने का लेटर लिखा. इंडिया में भी रिलीज़ के दौरान सारे थिएटर्स हाउसफुल रहे थे. फिर अचानक ये नफरत की आंधी पता नहीं कहां से आ गई.

फिल्म 'शिकारा' के पोस्टर पर आदिल खान और सादिया.
फिल्म ‘शिकारा’ के पोस्टर पर आदिल खान और सादिया.

विधु ने बताया कि वो सोशल मीडिया पर नहीं हैं इसलिए लोग क्या कह रहे हैं, उन्हें पता नहीं चलता. वो चौंके तब, जब उन्होंने IMDB (इंटनेट मूवी डेटाबेस) पर अपनी फिल्म की रेटिंग देखी. पहले ‘शिकारा’ की रेटिंग जहां 8-9 स्टार के करीब थी, वो अचानक से गिरकर 1 स्टार हो गई. इस बात से उन्हें बहुत निराशा और नाराज़गी हुई.

सिर्फ आम लोग ही नहीं, जिनके बारे में ये फिल्म है, उन्होंने भी इसे नकार दिया है. एक वीडियो वायरल हुआ था. दिल्ली में स्क्रीनिंग के दौरान एक कश्मीर पंडित महिला इस फिल्म को देखने के बाद विधु पर गुस्सा करती दिखाई दे रही थीं. उस महिला का ये कहना था कि ये फिल्म घटिया है. साथ ही इसे बहुत कॉमर्शियालाइज़ तरीके से बनाया गया है, जिसमें ऑथेंटिसिटी यानी विश्वसनीयता की भारी कमी है. यहां देखिए वो वीडियो:


‘शिकारा’ का लल्लनटॉप रिव्यू आप यहां देख सकते हैं:

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

10 नंबरी

दुनिया के 10 सबसे कमज़ोर पासवर्ड कौन से हैं?

रिस्की पासवर्ड का पता कैसे चलता है?

'इक कुड़ी जिदा नां मुहब्बत' वाले शिव बटालवी ने बताया कि हम सब 'स्लो सुसाइड' के प्रोसेस में हैं

इन्होंने अपनी प्रेमिका के लिए जो 'इश्तेहार' लिखा, वो आज दुनिया गाती है

शराब पर बस ये पढ़ लीजिए, बिना लाइन में लगे झूम उठेंगे!

लिखने वालों ने भी क्या ख़ूब लिखा है.

वो चार वॉर मूवीज़ जो बताती हैं कि फौजी जैसे होते हैं, वैसे क्यूं होते हैं

फौजियों पर बनी ज़्यादातर फिल्मों में नायक फौजी होते ही नहीं. उनमें नायक युद्ध होता है. फौजियों को देखना है तो ये फिल्में देखिए.

गहने बेच नरगिस ने चुकाया था राज कपूर का कर्ज

जानिए कैसे शुरू और खत्म हुआ नरगिस और राज कपूर का प्यार का रिश्ता..

सत्यजीत राय के 32 किस्से: इनकी फ़िल्में नहीं देखी मतलब चांद और सूरज नहीं देखे

ये 50 साल पहले ऑस्कर जीत लाते, पर हमने इनकी फिल्में ही नहीं भेजीं. अंत में ऑस्कर वाले घर आकर देकर गए.

ऋषि कपूर की इन 3 हीरोइन्स ने उनके बारे में क्या कहा?

इनमें से एक अदाकारा को ऋषि ने आग से बचाया था.

ईश्वर भी मजदूर है? लेखक लोग तो ऐसा ही कह रहे हैं!

पहली मई को दुनियाभर में मजदूरों के हक़ की बात कही जाती है.

बलराज साहनी की 4 फेवरेट फिल्में : खुद उन्हीं के शब्दों में

शाहरुख, आमिर, अमिताभ बच्चन जैसे सुपरस्टार्स के फेवरेट एक्टर रहे बलराज साहनी.

जब भीमसेन जोशी के सामने गाने से डर गए थे मन्ना डे

मन्ना डे के जन्मदिन पर पढ़िए, उनसे जुड़ा ये किस्सा.