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जिसे मौत का सबसे आसान तरीका मानते थे, उसमें 660 बार तड़पा ये इंसान

अमेरिका जिसे 'मारने का सबसे मानवीय तरीका' बताता है, उसमें घंटो तड़पे थे अपराधी

अमेरिका के अरकन्सास में 17 से 27 अप्रैल के बीच 8 लोगों को मौत की सजा दी जानी थी. इस राज्य में 2005 से किसी कौ सजा-ए-मौत नहीं हुई थी. कोर्ट ने एक खास वजह से इस पर रोक लगा दी है.

क्योंकि एक समस्या हो गई है. इस राज्य में जिस ड्रग का इस्तेमाल कर मौत की सजा दी जाती है, उसकी सप्लाई अप्रैल में ही खत्म हो गई है. इस ड्रग को मिडजोलम कहते हैं. इसे इंजेक्शन के जरिये इस्तेमाल किया जाता है. ये लीथल इंजेक्शन ही अमेरिका में मौत की सजा के लिए इस्तेमाल होता है. जबकि इंडिया में फांसी के जरिये सजा-ए-मौत दी जाती है. अमेरिका वाले अपने तरीके को सबसे इंसानी तरीका मानते हैं.

अरकंसास में बाकी दवाइयों की कमी हो गई थी, तो मिडजोलम का इस्तेमाल किया जाने लगा जोकि मुख्यतया नींद की गोली है. इसके खिलाफ केस फाइल किया गया कि ये नींद की ही दवाई है, इसलिए इसके इस्तेमाल के बाद लोगों को दर्द बहुत होता है. अक्टूबर 2013 में इस ड्रग का सबसे पहले इस्तेमाल किया गया था. 2015 में अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये ड्रग किसी के अधिकार पर क्रूरता नहीं है. लेकिन उसके बाद से एरिजोना, केंटुकी और फ्लोरिडा में इस ड्रग का इस्तेमाल बंद हो गया है.

अमेरिका में मौत की सजा लीथल इंजेक्शन से ही दी जाएगी, लेकिन ड्रग बदल जाएगा. मिडजोलम को लेकर 2014 में बहुत विवाद हुआ था. क्योंकि कुछ भयानक घटनाएं हो गई थीं:

1. ओहायो में डेनिस मैकगायर को मिडजोलम ड्रग का इंजेक्शन दिया गया. उनको मरने में 26 मिनट लगे. मौत से पहले उनकी सांस फूलती जा रही थी और बहुत छटपटा रहे थे.

2. ओकलाहोमा में क्लेटन लॉकेट को 43 मिनट लगे मरने में. वो बहुत ही खतरनाक तरीके से चिल्ला रहे थे और दर्द बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे. अफसरों ने मौत को रोकना चाहा, पर रोक नहीं पाए.

3. एरिजोना में जोसेफ वुड को दो घंटे लगे मरने में. ये अमेरिका के इतिहास की सबसे लंबी मौत की सजा थी. एरिजोना रिपब्लिक के एक रिपोर्टर के मुताबिक वुड ने 660 बार दम भरा. लोग कह रहे थे कि वो एक मछली की छटपटा रहे थे.

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कई देशों में बिजली के झटके देना, सिर काटना, फायरिंग स्क्वॉड के सामने खड़ा कर गोली मरवा देना जैसे तरीके इस्तेमाल किये जाते हैं. डेथ पेनाल्टी वर्ल्डवाइड वेबसाइट के मुताबिक कैपिटल पनिशमेंट के लिए आज की दुनिया में ज्यादातर ये 9 तरीके इस्तेमाल किये जाते हैं: फांसी, शूटिंग, सिर काटना, जहरीला इंजेक्शन, पत्थर मारना, बिजली के झटके देना, गैस चैम्बर, वजन से दबा देना और ऊंचाई से फेंक देना.

CAUTION: (वीडियो बेहद खतरनाक हैं. अपने रिस्क पर देखें.)

इनके मुताबिक:

# 60 देश फांसी देते हैं. अफगानिस्तान, बांग्लादेश, बोत्सवाना, कैमरून, कॉन्गो, ईजिप्ट, घाना, मलेशिया, इंडिया, पाकिस्तान, कतर, श्रीलंका, सीरिया समेत कई देशों में फांसी का ही तरीका अपनाया जाता है.

# 28 ऐसे देश हैं जहां पर गोली मार दी जाती है. इथियोपिया, क्यूबा, नाइजीरिया, लीबिया, लेबनान, वियतनाम, यूगांडा, साउथ कोरिया, चाड, रूस, नॉर्थ कोरिया में ये तरीका अपनाया जाता है.

# वहीं ईरान, इंडोनेशिया, सऊदी अरब, सूडान, यमन में पत्थर मारने का तरीका अपनाया जाता है. नाइजीरिया में चरित्रहीनता, रेप, इनसेस्ट और होमोसेक्सुअलिटी के लिए ये तरीका अपनाते हैं. पाकिस्तान में सिर्फ रेप और एडल्टरी के लिए.

# अमेरिका में इंजेक्शन दिया जाता है. ईरान में ऊंचाई से फेंक दिया जाता है. सूडान में जिस तरीके से हत्या हुई रहती है, उसी तरीके से अपराधी को सजा दी जाती है.

एमनेस्टी इंटरनेशनल की 2012 की रिपोर्ट के मुताबिक:

# अमेरिका मौत की सजा के मामले में दुनिया में पांचवें नंबर पर है. चीन, ईरान, इराक और सऊदी अरब के बाद.
# चीन कभी नहीं बताता कि उनके यहां कितने लोगों को मौत की सजा होती है. पर ऑफिशियल रिपोर्ट से इतर मीडिया और बाकी ग्रुप्स की मदद से ये क्लियर किया गया है कि यहां पर सबसे ज्यादा मौत की सजा दी जाती है.
# 2012 के बाद जापान में मौत की सजा में बढ़ोत्तरी हो गई. जबकि इससे पहले वहां पर इसकी संख्या कम थी.
# 2011 में 195 देशों में मात्र 21 देशों में मौत की सजा दी गई.
# दिसंबर 2012 में 111 देशों ने यूनाइटेड नेशन के एक रिजोल्यूशन के फेवर में वोट किया कि मौत की सजा पर रोक लगाई जाए.

एमनेस्टी इंटरनेशनल की 2013 की रिपोर्ट के मुताबिक, 98 देशों ने मौत की सजा को ही खत्म कर दिया है. इनमें से ज्यादातर वेस्ट यूरोप के देश हैं. 2016 में नौरू ने मौत की सजा खत्म की थी. 58 देशों में मौत की सजा की व्यवस्था है. पर सबमें सजा होती नहीं है.

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पर इससे पहले कई ऐसे तरीके यूज किए जाते थे जो लोगों की रूह कंपा देते थे:

1. स्लो स्लाइसिंग

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यहां पर 900 से लेकर 1905 तक स्लो स्लाइसिंग का तरीका इस्तेमाल किया जाता था. इसमें अपराधी को एक चाकू से काटा जाता था. उनके शरीर के हिस्से अलग-अलग किए जाते थे. इसमें काफी वक्त लगता था. किसी-किसी अपराधी पर दया की जाती तो उसे अफीम दे दी जाती थी.

2. राख में घुसा के

यहां एक कमरे में राख भर दी जाती थी. उसी में अपराधी को घुसा दिया जाता था. और फिर एक बड़े पहिए का इस्तेमाल कर राख को खूब घुमाया जाता था. सफोकेशन से इंसान मर जाता था.

3. सिर काट के, पर चमड़ी छोड़ देनी थी

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ये इराक का सीन है

जापान में अपराधी का सिर काट दिया जाता था. कहीं-कहीं पहले पेट फाड़ दिया जाता था, फिर सिर काटा जाता था. कोशिश ये रहती थी कि सिर काटते समय गर्दन के आगे का हिस्से में चमड़ी छोड़ दी जाए ताकि सिर को वापस रखा जा सके. ऐसा ना हो कि लोग देखने आएं और सिर को फुटबॉल की तरह लुढ़कता पाएं.

4. पत्थर से मारकर

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यहां पर अपराधियों को संगसार किया जाता था. ये तरीका वहां अभी भी इस्तेमाल होता है. कई देशों में सरकारी या गैर सरकारी तरीके से अभी भी होता है. इसमें लोगों को पत्थर से मार-मार के मार दिया जाता है. ईरान पीनल कोड के मुताबिक-

आर्टिकल 102- जिस व्यक्ति पर चरित्रहीनता का आरोप लगा हो उसे एक गड्ढा खोदकर कमर तक धंसा दिया जाए. अगर औरत है तो छाती तक धंसा दिया जाए. फिर पत्थरों से मारा जाए.

आर्टिकल 104- पत्थर का साइज इतना बड़ा नहीं होना चाहिए कि एक या दो बार में ही इंसान मर जाए. इतना छोटा भी नहीं होना चाहिए कि उसे पत्थर ही ना कहा जा सके.

5. तलवार से काट-काटकर

रॉबर्ट बिनिंग ने 19वीं शताब्दी में इस मेथड के बारे में लिखा था-

अपराधी को उलटा लटका दिया जाता है. कभी-कभी सीढ़ियों का इस्तेमाल कर, कभी दो खंभों के बीच लटकाकर. फिर जल्लाद तलवार से उस इंसान को काटते रहता है. अंत में सिर को काटता है. फिर कटे हुए टुकड़ों को एक ऊंट पर रखकर पूरे शहर में घुमाया जाता है.

6. कूंच देना

ये साउथ एशिया, यूरोप के कई देश और अमेरिका में भी इस्तेमाल होता था. इंडिया में हाथियों से कूंचवा देने की परंपरा थी. वहीं कई देशों में भारी पत्थर से कूंचा जाता था. अमेरिका में जाइल्स कोरे की एक कहानी चलती है. 1692 में उसे इसी तरीके से मौत की सजा हुई थी. जब उसको कूंचा जा रहा था तो वो कह रहा था कि और वजन गिराओ. पर मर नहीं रहा था.

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7. आरी से काटना

रोम के सम्राट कलीगुला के वक्त ये इस्तेमाल होता था. लोगों को बांधकर दोनों पैरों के बीच से काट दिया जाता था. ये पब्लिक में होता था.

8. ये नहीं समझ आया

अपराधी को नंगा कर दिया जाता था. फिर दो नावों या पेड़ों से बांध दिया जाता था. उसको खूब दूध और शहद खिलाया जाता था. जिससे कि उसका पेट खराब हो जाए. फिर उसके पूरे शरीर पर शहद गिरा दिया जाता. जिससे कि मधुमक्खियां उस पर मंडराने लगतीं. फिर उसके सिर को कीड़ों से भरे एक बर्तन से बंद कर दिया जाता. कीड़े उसको उसी में काटते रहते. मौत कई दिनों बाद आती थी.

9. गैस चैम्बर

ये हिटलर का तरीका था. जो कि द्वितीय विश्वयुद्ध के खत्म होते-होते पता चला. इसमें लोगों को गैस चैम्बर में डाल दिया जाता था. सैकड़ों लोगों को एक कॉन्टेनर में कैद कर जहरीली गैस का रिसाव किया जाता जिससे लोग मर जाते थे.


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