Submit your post

Follow Us

जिमी शेरगिल: वो लड़का जो चॉकलेट बॉय से कब दबंग बन गया, पता ही नहीं चला

जिमी शेरगिल. एक ज़माना था कि इस बंदे को देखकर एक ही शब्द दिमाग में आता था. ‘क्यूटनेस ओवरलोडेड’. चाहे ‘मोहब्बतें’ हो या ‘मेरे यार की शादी है’ हो. या फिर ‘दिल है तुम्हारा’. एक सलोनी सी शक्ल का प्यारा सा हीरो. जो अक्सर हीरोइन के मामले में खाली हाथ भी रह जाया करता था. फिर देखते ही देखते ऐसे कायापलट हुआ कि हिंदी सिनेमा के चाहनेवालों को चौंकाकर रख दिया भाई ने. पहले चॉकलेट बॉय की इमेज बदली. थोड़ी सी दबंगई ‘अ वेडनेसडे’ से आई. और फिर फैला भाई का भौकाल.

उनका ये सफ़र देखना बहुत दिलचस्प है. आइये 5 फिल्मों से जाने उनका ये ट्रांसफॉर्मेशन.

#1. गुलज़ार की ‘माचिस’ से अपना करियर शुरू करने वाले जिमी को लोगों ने यशराज की ‘मोहब्बतें’ से पहचानना शुरू किया. इसमें वो शाहरूख और अमिताभ जैसे दिग्गज कलाकारों के साथ दिखे थे. फिल्म में उनके साथ पांच नए लोग और थे, लेकिन फिर भी जिमी सबसे ज्यादा क्यूट लग रहे थे.

#2. फिर आई ‘मेरे यार की शादी है’. इस फिल्म से मुझे पर्सनल ग्रज है. फिल्म में वो हुआ जो इतिहास में कभी नहीं हुआ, कोई हीरो अपनी हीरोइन उदय चोपड़ा को हार गया. इसमें जिमी का कैरेक्टर उदय चोपड़ा से अपनी गर्लफ्रेंड की शादी करवा देता है. लेकिन उन बातों को दरकिनार कर हम उस फिल्म का ये प्यारा सा गाना देखेंगे.

#3. अब बात उस फिल्म की जिसमें पहली बार हमने जिमी को एक अलग रूप में देखा. फिल्म थी नीरज पांडे की ‘अ वेडनेसडे’. इसमें जिमी ने एक गुस्सैल ATS इंस्पेक्टर आरिफ खान का रोल किया था. यही वो फिल्म थी जिससे जिमी का इमेज मेकओवर शुरू हुआ. बुलेट पर उनकी एंट्री आनेवाली दबंगई की आहट थी.

#4. फिर जिमी बन गए राजा आदित्य प्रताप सिंह. यहां साहब ने बीवी, पॉलिटिक्स और गैंगस्टर सबको हैंडल करते हुए अपनी जगह दिखाई. अब ये सब कैसे किया इसका एक उदाहरण यहां देख लीजिए.

#5. अब बारी थी कानपुर वाले राजा अवस्थी की. डॉक्टर साहब के चक्कर में लड़की ने फिर से झटक दिया था. फिर भी एक मौका था लड़की पाने का, लेकिन सोमवार ने सब गुड़-गोबर कर दिया. भाई ने दूसरी बार मूंछें उगाकर फिर से ट्राय किया लेकिन डॉक्टर पीछा छोड़े तब न!

अब ये देखिए अनुराग कश्यप की आने वाली फिल्म ‘मुक्काबाज’ में उनका नया ‘पैंतरा’.


ये भी पढ़ें: 

अमिताभ ने फिर याद दिलाया ‘कुली’ वाला हादसा, पर जानिए पुनीत इस्सर क्या कहते हैं

वो औरत जिसे मुहब्बत के मारों का मसीहा कहा जाता था

स्मिता पाटिल से दोस्ती पर क्या बोले अमिताभ

फिल्म रिव्यू ‘पिंक’: जरूर देखें, न देखने का ऑप्शन न रखें


वीडियो देखें: 

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

पोस्टमॉर्टम हाउस

कामयाब: मूवी रिव्यू

एक्टिंग करने की एक्टिंग करना, बड़ा ही टफ जॉब है बॉस!

फिल्म रिव्यू- बागी 3

इस फिल्म को देख चुकने के बाद आने वाले भाव को निराशा जैसा शब्द भी खुद में नहीं समेट सकता.

देवी: शॉर्ट मूवी रिव्यू (यू ट्यूब)

एक ऐसा सस्पेंस जो जब खुलता है तो न सिर्फ आपके रोंगटे खड़े कर देता है, बल्कि आपको परेशान भी छोड़ जाता है.

ये बैले: मूवी रिव्यू (नेटफ्लिक्स)

'ये धार्मिक दंगे भाड़ में जाएं. सब जगह ऐसा ही है. इज़राइल में भी. एक मात्र एस्केप है- डांस.'

फिल्म रिव्यू- थप्पड़

'थप्पड़' का मकसद आपको थप्पड़ मारना नहीं, इस कॉन्सेप्ट में भरोसा दिलाना, याद करवाना है कि 'इट्स जस्ट अ स्लैप. पर नहीं मार सकता है'.

फिल्म रिव्यू: शुभ मंगल ज़्यादा सावधान

ये एक गे लव स्टोरी है, जो बनाई इस मक़सद से गई है कि इसे सिर्फ लव स्टोरी कहा जाए.

फिल्म रिव्यू- भूत: द हॉन्टेड शिप

डराने की कोशिश करने वाली औसत कॉमेडी फिल्म.

फिल्म रिव्यू: लव आज कल

ये वाली 'लव आज कल' भी आज और बीते हुए कल में हुए लव की बात करती है.

शिकारा: मूवी रिव्यू

एक साहसी मूवी, जो कभी-कभी टिकट खिड़की से डरने लगती है.

फिल्म रिव्यू: मलंग

तमाम बातों के बीच में ये चीज़ भी स्वीकार करनी होगी कि बहुत अच्छी फिल्म बनने के चक्कर में 'मलंग' पूरी तरह खराब भी नहीं हुई है.