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किसने मोर्चा खोला और टिकटॉक की रेटिंग 4.9 से औंधे मुंह 1.3 पर आ गिरी

टिकटॉक का विवाद कम होने का नाम नहीं ले रहा है. पहले कंटेंट को लेकर यह सोशल मीडिया ऐप निशाने पर आया. अब प्ले स्टोर में इस ऐप को बेकार रेटिंग दी जा रही है. अभी गूगल ऐप स्टोर में टिकटॉक की रेटिंग 1.3 स्टार तक आ गई है. इसे लगातार एक स्टार दिया जा रहा है. कुछ महीनों पहले तक यह रेटिंग 4.9 थी. वहीं एपल ऐप स्टोर में टिकटॉक की रेटिंग 3.8 हो गई है. पहले यह 4.8 थी. किसी भी ऐप को रेटिंग 5 स्टार में से दी जाती है. जितनी ज्यादा रेटिंग होती है, ऐप को उतना ही अच्छा माना जाता है.

टिकटॉक के अकेले गूगल प्ले स्टोर में 100 करोड़ से ज्यादा डाउनलोड हैं. साथ ही इस पर करीब 80 करोड़ एक्टिव यूजर बताए जाते हैं. चीनी कंपनी बाइटडांस के पास इसका मालिकाना हक है.

टिकटॉक ऐप की रेटिंग में तेजी से कमी आई है.
टिकटॉक ऐप की रेटिंग में तेजी से कमी आई है.

क्यों गिर रही है रेटिंग

टिकटॉक को लेकर पिछले कुछ दिनों में कई तरह की शिकायतें आ रही हैं. इसके कंटेंट पर सवाल उठ रहे हैं. एक टिकटॉक स्टार का वीडियो सामने आया था, जिसमें वह महिलाओं पर एसिड फेंकने को बढ़ावा देता दिख रहा है. इसी तरह कुछ दूसरे वीडियो में रेप का प्रमोट करने की शिकायत आई. इसके अलावा यूट्यूब और टिकटॉक यूजर्स की लड़ाई भी चल ही रही है. इसमें दोनों के यूजर अपने-अपने प्लेटफॉर्म को बेहतर बताने का दम भर रहे हैं और दूसरे को बेकार कह रहे हैं. इन सबके बीच टि्वटर पर #bantiktok नाम से ट्रेंड चलने लगा.

इसके बाद से ही टिकटॉक की रेटिंग को कम करने का सिलसिला चल पड़ा. लोगों ने प्ले स्टोर और ऐप स्टोर में जाकर टिकटॉक को रिव्यू में कोसा. साथ ही रेटिंग में भी एक स्टार देने लगे. जानकारी के लिए बता दें कि एक से कम रेटिंग नहीं होती है. टिकटॉक की रेटिंग को गिराने में भारतीय यूजर्स का बड़ा हाथ है. वैसे पहली बार नहीं है, जब टिकटॉक किसी मुसीबत में पड़ा हो. अप्रैल, 2019 में मद्रास हाईकोर्ट ने इस ऐप को बैन करने का आदेश दिया था. हालांकि बाद में यह आदेश वापस ले लिया गया था.

टिकटॉक ऐप अपने कंटेंट को लेकर लगातार निशाने पर रहती है.
टिकटॉक ऐप अपने कंटेंट को लेकर लगातार निशाने पर रहती है.

अब जान लेते हैं रेटिंग कम होने से क्या होता है

रेटिंग कम होने से किसी भी ऐप की रेप्युटेशन पर बुरा असर पड़ता है. कई लोग रेटिंग देखकर किसी ऐप को डाउनलोड करते हैं. कम रेटिंग होने पर लोग ऐप डाउनलोड करने से बचते हैं. साथ ही प्ले स्टोर या ऐप स्टोर में उसी विजिबिलिटी यानी दिखने पर भी असर पड़ता है. एक्सपर्ट का कहना है कि कम रेटिंग वाले ऐप को अक्सर गूगल या ऐपल पहले पन्ने से हटा देते हैं. वे ऐप में सुधार के लिए भी कहते हैं.

ऐप बनाने वाले विवेक शाह ने ‘बिजनेस इनसाइडर’ को कहा-

खराब रेटिंग मिलने के बाद भी एक स्टार वाले ऐप डाउनलोडिंग के लिए अवेलेबल रह सकते हैं. हालांकि ऐप की छवि खराब होती है, क्योंकि खराब रिव्यू नुकसान तो पहुंचाते ही हैं.

खराब रेटिंग के बाद भी प्ले स्टोर में किसी ऐप के बने रहने का ताजा उदाहरण जूम ऐप का है. मार्च-अप्रैल में सिक्योरिटी चिंताओं के चलते जूम की काफी आलोचना हुई थी. हजारों लोगों ने नेगेटिव कमेंट किए. इसकी रेटिंग भी 4.5 से 2 स्टार के करीब आ गई थी. लेकिन बाद में रेटिंग फिर से 4 स्टार हो गई. ऐसे में टिकटॉक पर कितना असर पड़ेगा, यह देखना होगा.


Video: कैरी मिनाटी और आमिर सिद्दीकी के बवाल के बाद Youtube Vs TikTok का क्या खेल है?

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