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कुमार विश्वास के ये 10 बयान उनकी बीजेपी में एंट्री रोक सकते हैं

राज्य सभा टिकट नहीं मिलने के बाद कवि कुमार विश्वास का आम आदमी पार्टी से पांच साल पुराना साथ शेक्सपीयर के नाटक की ट्रेजडी सा खत्म हो चुका है. वो आज भी पार्टी में हैं लेकिन उनकी भूमिका अब संदिग्ध हो चली है. 47 साल के कुमार भारतीय राजनीति के हिसाब से युवा चेहरे हैं. आम आदमी पार्टी से बगावत के बाद उनकी स्थिति उस नौजवान विधवा सी है जिसका घर बस जाने की चिंता पूरे मोहल्ले को होती है. अपने राष्ट्रवादी चाल-चलन के चलते इस बात की चर्चा तेज है कि शाजिया इल्मी और किरण बेदी की तरह उनका भी अगला ठिकाना बीजेपी हो सकता है. लेकिन इसमें भी एक अड़ंगा है.

दोस्तों, जिसे डिजिटल दौर कहते हैं दरअसल वो बहुत जालिम दौर है. आदमी बिना सोचे-समझे अपना खाना-पीना, उठना-सोना सब दर्ज कर रहा. चीजें जितनी आसानी से दर्ज हो रही है, उन्हें मिटाना उतना ही मुश्किल है. हम आपके सामने कुमार के उन दस बयानों को रख रहे हैं जिनके चलते में उनकी बीजेपी में एंट्री में अड़ंगा लग सकता है.


 

1. चुनाव के बाद बीजेपी कह रही है अपने घर में चार ‘विकास’ पैदा करो


 

2. तुम खेलो तो टूर्नामेंट, हम खेलें तो गिल्ली डंडा

 


 

3. बीजेपी फर्जी राष्ट्रवादी है


 

4.गांधी, गोडसे और बीजेपी 


 

5. ससुर का फोटो देखकर वोट दो


 

6. गाय कहीं मम्मी, कहीं यमी


 

7.प्रधानमंत्री के हाथों से कत्ल नहीं होता, मोक्ष मिलता है


 

8. आरएसएस और बीजेपी का ISI कनेक्शन


 

9. राम लला टाट में हैं, पट्ठे सारे ठाठ में हैं


 

10. मोदी को फिर से राजधर्म की शिक्षा देने की जरुरत 


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