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विदेश में रहने वाले भारतीयों को लल्लनटॉप का न्योता

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नमस्ते,

हम अक्सर सुनते हैं कि भारत का एक हिस्सा हमारी सीमाओं के बाहर भी रहता है. प्रवासी और अप्रवासी भारतीय. NRI. OCI. या PIO. आप लोग पढ़ाई, नौकरी या दूसरे ऑप्शन्स की तलाश में देश से बाहर रहते हैं. या वहां बस गए हैं. लेकिन हमें ये भी पता है कि आपका दिल भारत में भी लगा रहता है. और इस दिल से आप अपने देश के लिए कुछ करना चाहते हैं. इसके लिए लाया है आपका ‘दी लल्लनटॉप’ एक नया प्लेटफॉर्म- तेरा तुझको अर्पण.

सुख तो बांटने में है | कोलकाता प्रवासी डॉ. ब्रूस बैनर कहिन
सुख तो बांटने में है | कोलकाता प्रवासी डॉ. ब्रूस बैनर कहिन

हम आपसे इंडिया वापस आने को नहीं कह रहे. न ही हमें आपसे कोई रुपया-पैसा चाहिए. हमें बस आपसे आपका ज्ञान चाहिए. वो ज्ञान, जिसे आपने बड़ी मेहनत और लगन के साथ हासिल किया है. ‘तेरा तुझको अर्पण’ वो मंच है, जहां आप अपना ज्ञान या अनुभव अपने देशवासियों के साथ बांट सकते हैं.

Be like Sonu Sood
Be like Sonu Sood

कौन लोग जुड़ सकते हैं?

हर कोई जुड़ सकता है. सिर्फ़ ऐसे भारतीय नहीं जो पढ़ाई या काम के लिए विदेश में हैं. भारतवंशी भी. जो अब अलग-अलग देशों के नागरिक हैं. लेकिन उनकी पहचान का एक हिस्सा अभी भी भारत है. वो भी जुड़ सकते हैं. जुड़ने के बाद काम भी दो टाइप के किए जा सकते हैं-

1. पहले हैं गुरु. कोई किसी यूनिवर्सिटी में प्रफ़ेसर है, स्कॉलर है. कोई साइंटिस्ट हैं. किसान, पुलिस, इंजीनियर, डॉक्टर, डांसर, प्लेयर, सॉफ्टवेयर डेवलपर या फिर कोई और पेशेवर. ये जितने पेशे मन में आए, वो लिख दिए. पूरे लिखेंगे, तो पेज भर जाएगा. फील समझ गए न? बेसिकली आप किसी भी सब्जेक्ट के एक्सपर्ट हैं. जिसे आपने पढ़ा है या उससे जुड़ा काम किया है, उसे हमारे जरिए देश के साथ शेयर कीजिए.

और बताओ
और बताओ

2. दूसरे हैं बिंदास लोग. अपने पेशे से इतर आप बहुत-कुछ देखते हैं, सुनते हैं, आजमाते हैं. घूमने के दौरान. मजेदार-सी चीजें. वो हमारे जरिए भारतवासियों को बताइए. उदाहरण के लिए किसी को दूसरे देश में बढ़िया व्यवस्था दिख रही है. हॉस्पिटल में, पार्किंग सिस्टम में, पार्क में या कहीं और, जिसे भारत को भी अपनाना चाहिए.

लेट मी शो यू द वर्ल्ड
लेट मी शो यू द वर्ल्ड

या फिर आप कहीं घूमने गए. सूडान में पिरामिड दिखे, इजिप्ट से भी निराले या तुर्की में कोई मिठाई नजर आई रंग-बिरंगी और बेतरह मीठी, या फिर अमेरिका के किसी गांव में मक्के से सजी कोई कलाकृति. यानी कुछ भी फंडू-सा. मज़ेदार. सिंपल फंडा है. आपको कुछ बढ़िया दिख रहा है, उसे हमें दिखाइए.

कैसे जुड़ सकते हैं?

हमें एक मेल में लिखकर भेजिए अपना नाम, काम, लोकेशन और हमसे क्या शेयर करना चाहते हैं. मेल भेजने का पता है – TTA.Lallantop@gmail.com

FAQs

विडियो वग़ैरह कब और कैसे भेजना है?

सबसे पहले आपको हमें एक मेल भेजना है. फिर हम आपसे कॉन्टैक्ट करेंगे. तब हम ये सब डिस्कस करेंगे.

मेल भेजने के बाद क्या होगा?

हम आपको एक कन्फर्मेशन मेल भेजेंगे. उसके साथ एक गूगल फॉर्म होगा. आप उस फॉर्म में कुछ और डिटेल्स भरेंगे. ये डिटेल्स पूरी तरह गोपनीय रहेंगे और किसी के साथ भी शेयर नहीं किए जाएंगे. गूगल डॉक के बाद फिर हम आपसे कॉन्टैक्ट करेंगे.

कॉन्टेंट का फॉर्मेट क्या होगा?

वीडियो हो, तो ज्यादा अच्छा. ये वीडियो, ‘दी लल्लनटॉप’ की वेबसाइट के अलावा यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर जैसे सोशल मीडिया पर भी पब्लिश किए जाएंगे.

अगर कोई वीडियो में सहज नहीं है, तब टेक्स्ट/ऑडियो भेज सकता है.

कॉन्टेंट की भाषा क्या होगी?

हिंदी में हो, तो बढ़िया. हम बहुत साहित्यिक भाषा की उम्मीद नहीं करते. बोल-चाल की हिंदी. सबको समझ आए, ऐसी. करोड़ों हिंदुस्तानी अपने-अपने आंचलिक असर के साथ जैसी बोलती हैं, वैसी हिंदी.

हिंदी-इंग्लिश मिक्स भी चलेगा. ज़्यादा कोशिश करेंगे कि समझ में आने लायक हो.

अगर आप बिलकुल ही हिंदी नहीं बोल सकते, तब भी खुद को रोकिए मत. हमसे बात करिए. कुछ जुगाड़ लगाएंगे.

चिंता न करें ये स्थिति नहीं आएगी
चिंता न करें ये स्थिति नहीं आएगी

भारत में रहने वाले अपना ज्ञान नहीं बांट सकते?

बिलकुल बांट सकते हैं. अगर आप इंडिया में रहते हैं और किसी सब्जेक्ट के एक्सपर्ट हैं, तो हमें मेल भेजने का पता है – LallantopMail@gmail.com. ‘तेरा तुझको अर्पण’ विदेश में रहने वालों के लिए एक खास मंच है.

आप इंसान सही हैं बस, आपको आना दूसरी लाइन में है
आप इंसान सही हैं बस, आपको आना दूसरी लाइन में है

 


और क्या-क्या किया जा सकता है?

दोनों कैटेगरी के कुछ और उदाहरण देते हैं.

ज्ञ से ज्ञानी : लंदन में कर रहे हैं मेडिकल रिसर्च. या न्यूयॉर्क में खोज रहे हैं कोई साइबर सिक्योरिटी की नई टेक्नोलॉजी.
मेलबर्न में पढ़ाते हैं दुनिया का इतिहास. या कैमरून में ईजाद कर रहे हैं कोई नई कृषि तकनीक.
मॉस्को में सिखा रहे हैं भारतीय भाषाएं. या तेल अवीव में कर रहे हैं किसी नए केमिकल का अध्ययन.
अगर आप किसी भी विषय में एक्सपर्ट हैं, तो ‘तेरा तुझको अर्पण’ ‘ज्ञान-मेला’ के माध्यम से आप बांट सकते हैं अपना सम्पूर्ण ज्ञान. और दे सकते हैं भारत के विकास में अहम योगदान.

जग मग : जग यानी दुनिया घूमने वाले लोग. नई-नई चीजें देखने वाले. उन्हें अपने कैमरे में रेकॉर्ड करने वाले. अपने एक्सपीरियंस के जगमग रौशन एक्सपीरियंस अपनी धांसू या नॉलेज से भरी कमेंट्री के साथ फैलो इंडियंस के साथ भी शेयर करें. दिखाएं हमें भी,
साउथ कोरिया के बुद्धिस्ट टेंपल में लोग स्टे करने क्यों जाते हैं
डेनमार्क में गाय कैसे पालते हैं
वियतनाम में धान की फसल काटते समय कौन से इंस्ट्रूमेंट बजाते हैं
न्यूजीलैंड की वो जगह, जहां धांसू फैंटेसी फिल्में शूट हुईं
केन्या का वो नायाब जंगल, जहां जंगली जानवर इफरात में हैं
अमेरिका का गार्लिक फेस्टिवल, कुल्फी में भी लहसुन
जॉर्डन के डेजर्ट में कैंपिंग का अनुभव
या फिर तुर्की के आसमान पर गुब्बारे में सवार हो उड़ना.

जितने हम भारतवंशी, उतनी ही संभावनाएं, इस जगमग दुनिया को देखने और दिखाने की. तस्वीरों और वीडियो के जरिए.
तो फिर देर किस बात की. आपका ‘लल्लनटॉप’. आपको इसका अर्पण. अपने फेवरेट मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें. अपनी बात, अपने देश तक पहुंचाने के लिए.
और हमेशा की तरह आखिर में एक किस्सा.

किस्सा तुझको अर्पण 

बात उन्नीसवीं सदी की है. एक उत्साही नौजवान थे. श्रद्धा राम फिल्लौरी. बहुत कुछ थे. किताबें लिखीं, जो स्कूलों के सिलेबस का हिस्सा बनीं. एक किताब तो ऐसी थी, जिसे कलेक्टर बनने की ख्वाहिश रखने वाले अंग्रेजों को भी पढ़ना पड़ता था. धर्म प्रचार किया. और उसी के सहारे आजादी की भावना का भी. कहने को बात करते थे महाभारत की, मगर सुनने वाले समझ जाते थे कि युद्ध किससे करना है. अंग्रेज भी समझ गए, शहर निकाला दे दिया.

श्रद्धा राम फिल्लौरी. ओउम जय जगदीश हरे के लिरिसिस्ट. (फोटो - विकिमीडिया)
श्रद्धा राम फिल्लौरी. 1837 में जालंधर के पास फिल्लौर कस्बे में जन्म. ओउम जय जगदीश हरे के रचयिता. (फोटो – विकिमीडिया)

फिर मिले एक पादरी, उन्होंने इस संगठक के तेवर समझे. पिटीशन दाखिल की. शहर निकाला खारिज हुआ. तब तक उनकी ख्याति पूरे सूबे में पहुंच चुकी थी. उन्होंने खूब घूमा, खूब रचा.

घूमा, रचा का ये सिलसिला एक रोज पहुंचा एक सेठ के घर. धनपति ने अपनी तकलीफ बताई. ये मेरे बच्चे हैं, धर्म में मन नहीं लगाते. कहते हैं कि आराधना की पंक्तियों मुश्किल हैं. इनके लिए कुछ लिख दें.

महानुभाव वापस आए और लिखा.
ये आज से 150 साल पहले की बात है. मगर आज भी सबको याद है
क्योंकि वो पंक्तियां थीं
ओउम जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे.

और इसी आरती में आगे पंक्ति आती है,

तेरा तुझको अर्पण.
क्या लागे मेरा.

हमारा ईश्वर है, हमारा देश. सब कुछ उसी को अर्पण.
और इसीलिए ‘लल्लनटॉप’ लाया है ‘तेरा तुझको अर्पण’.
देश के हित की बात, देश के साथ. वाया लल्लनटॉप.


मेल भेजिए – TTA.Lallantop@gmail.com


The Lallantop’s hearty invitation for the Indians living abroad

Your ultimate chance to give back to your motherland – INDIA
Namaste,

We often hear that a part of India lives outside our borders – NRIs, OCIs and PIOs. Yes, YOU. You stay abroad for your studies, jobs and so many other things. But, we know that your heart still lives in India. And, this immeasurable love you carry in your hearts always compels you to do something for your country, for your ‘home’ that you still yearn for.

To let you do the same, The Lallantop is providing you with a platform called Tera Tujhko Arpan.

We are not asking you to come back to India. Nor do we need any finances from you. We simply need your knowledge – the knowledge that you have acquired with great hard work and perseverance.

Tera Tujhko Arpan is the platform where you can share your varied knowledge and experiences with your countrymen and countrywomen.

Who can join Tera Tujhko Arpan?

Anyone who has something to say can contribute to Tera Tujhko Arpan. Not just Indians who are residing abroad for studies or work but people of Indian origin who are now citizens of different countries can also join us.

Basically, two types of people can join this campaign:

1. The first category of people who can join TTA is those who have expertise in a certain field. Whether you are a university professor or a scholar or maybe a scientist, farmer, policeman, engineer, doctor, dancer, sportsperson, software developer, or any other professional, Tera Tujhko Arpan welcomes you.

Obviously, we couldn’t cover all the professions in the world but we are quite sure that you got us, didn’t you? All in all, you need to be an expert. No matter what your subject or field is, you can share your varied knowledge at Tera Tujhko Arpan!

2. The experiential category of TTA is for individuals who love to explore beyond their professional capacities. In this section, we would love to hear about your super-cool expeditions! For instance, if you spot a better education, health, or maybe a traffic system around you, you can definitely let us know. Or, maybe you went for a trip somewhere, say Egyptian Pyramids, and want to show us around, we are absolutely ready!

Basically, you can share anything and everything that’s fun in this segment of Tera Tujhko Arpan.

Leave us amazed, will you?

How to connect?

Write an email to us along with your name, work, location, and the particulars of what you want to share. Our email address is – TTA.lallantop@gmail.com

FAQs

 

What will happen once you send us the introductory email?

Once you send us the introductory email, you will receive a confirmation mail along with a Google Form wherein you need to fill more details. These details will remain confidential. We will contact you post that.

What will be the format of the content?

It would be great if you can send us your content in the video format. Apart from The Lallantop’s website, your videos will be published on social media sites like YouTube, Facebook, Instagram, Twitter. etc.

If you are not comfortable with the video format, you can send us your audios/texts as well.

What will be the language of the content?

If you are super-comfortable in Hindi – Awesome! Plus, this isn’t your regular textbook Hindi but a commonly spoken one – the language that millions of Indians speak in their villages, towns, households, and so on. A bilingual mix – Hindi-English will also do.

Moreover, if you cannot speak Hindi at all, don’t refrain from participating. Just let us know and we will definitely figure out something for you.

Can people living in India share their knowledge with us?

Definitely, you can. If you live in India and have a certain subject matter-expertise, kindly email us at LallantopMail@gmail.com

Tera Tujhko Arpan is a unique platform for Indians residing abroad.

What else can be done?

Let’s give you some more examples of both the categories we stated above:

1. ज्ञ से ज्ञानी (Knowledge sharing)

Whether you are conducting new medical research in London or working tooth and nail to discover a new cybersecurity technology in New York city; whether you teach world history in Melbourne or you are busy devising a new agricultural technique in Cameron; whether you have been teaching Indian languages in Moscow or studying a newly discovered chemical in Tel-Aviv – no matter where you live outside India – if you are a subject-matter expert, Tera Tujhko Arpan welcomes you with arms open. It lets you share your varied knowledge so you can contribute significantly to the development of your homeland – INDIA

2. Jug Mug (Fun/Experiential)

‘Jug’ means people who roam around the world, people who love to explore new things, people who capture the beauty outside with their cameras. Share with your fellow Indians your super-amazing experiences with your fun/full-of-knowledge commentary in the backdrop.

Show us why people go to South Korea’s Buddhist Temple to stay or how the people of Denmark raise their cows. Let us know what musical instruments are played during the paddy harvest season in Vietnam or maybe take us to a place in New Zealand where numerous amazing fictional movies have been shot. Give us a glimpse of Kenya’s extraordinary forests where one can find innumerable varieties of wild animals or maybe take us to America’s Garlic festival where even the ice-creams are garlic flavored. Share with us your camping expedition in the desert of Jordan or let us know how it feels like to fly high in a hot air balloon in Turkey.
We Indians carry within ourselves the infinite possibilities and you are one of them. Get ready to show us this supremely amazing world using pictures and videos!

So why wait? Make use of your favorite media platform ‘The Lallantop’ and tell your stories, share your experiences and knowledge with your fellow Indians.

Come, join us in this colorful extravaganza. It’s totally worth it!


Mail address – TTA.Lallantop@gmail.com


 

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