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कहानी हॉलीवुड के फेमस MGM स्टूडियो की, जिसने वर्ल्ड सिनेमा को ये 10 शानदार फ़िल्में दी

ओटीटी का ज़माना है. आजकल ज्यादातर लोग फटाक से स्टार्टिंग क्रेडिट्स को स्किप कर सीधा पहले सीन से फ़िल्में देखना शुरू करते हैं. लेकिन सालों पहले टीवी पर तो ये सुविधा नहीं थी. थिएटर की तरह ही मन हो या ना हो स्टार्टिंग क्रेडिट देखने ही पड़ते थे. टीवी पर या थिएटर में आपने अब तक काफी अंग्रेज़ी फ़िल्में देखी होंगी. देखते-देखते अनजाने में ही सही लेकिन कई फ़िल्मों की शुरुआत में आने वाले प्रॉडक्शन हाउस के लोगो और मोंटाज दिमाग में कहीं ना कहीं बस ही गए होंगे.

बचपन में ‘टॉम एंड जेरी’ देखते वक़्त, या जेम्स बॉन्ड की फिल्में देखते वक़्त पिक्चर की शुरूआत में फ़िल्म रील के बीच दहाड़ते शेर का लोगो आपको अच्छे से याद होगा. नहीं याद होगा तो ये पढ़कर याद आ गया होगा. ये फ़ेमस लोगो है आइकॉनिक अमेरिकन फ़िल्म एंड टीवी प्रॉडक्शन कंपनी MGM (मेट्रो गोल्डविन मेयर) का. MGM कंपनी अमरीकी सिनेमा की नींव पड़ने से लेकर गगनचुंबी ऊंचाइयों पर पहुंचने तक के निर्माण का हिस्सा रही है. आज इस कंपनी का ज़िक्र इसलिए क्यूंकि शॉपिंग एंड स्ट्रीमिंग जायंट अमेज़न MGM को खरीदने जा रहा है.

सोशल मीडिया पर ख़ूब बन रहे हैं ऐसे मीम.
सोशल मीडिया पर ख़ूब बन रहे हैं ऐसे मीम.

अमेज़न ने 8.45 अरब अमेरिकन डॉलर देकर MGM को अपने नाम किया है. भारतीय रुपयों में बताया जाए तो लगभग 612 अरब रुपए. इस डील की खबर ने बिज़नेस और एंटरटेनमेंट सेक्टर को चौंका दिया है. वहीं अमेज़न प्राइम वीडियो के सब्सक्राइबर्स की तो ये खबर सुन बांछें खुल गई हैं कि अब तो प्राइम वीडियो पर MGM का सारा कंटेंट देखने को मिल जाएगा.

अगर आप भी ऐसा सोच रहे हैं तो अफ़सोस लेकिन इस डील के बाद  MGM बैनर के साथ शुरू होने वाली हर फ़िल्म या शो पर अमेज़न का अधिकार हो गया है ऐसा बिलकुल भी नहीं है. क्यूंकि ये पहला मौक़ा नहीं  है जब MGM की मालिक की कुर्सी पर कोई और बैठेगा. बीते वर्षों में MGM को कई बार खरीदा- बेचा जाता रहा है. 1924 में शुरू हुई इस कंपनी की बॉस की कुर्सी पर इन 90+ सालों में कई अमेरिकन खरबपति विराज चुके हैं. जिसके चलते MGM के ‘द विज़ार्ड ऑफ़ ओज़ी’,’सिंगिन इन दा रेन’ जैसे कंटेंट पर वार्नर ब्रदर्स, टर्नर मीडिया जैसी कंपनीज़ का ही मालिकाना हक रहेगा. 1986 से पहले के बने ज्यादातर शोज़ और फ़िल्में इन कंपनियों की प्रॉपर्टी है.

लेकिन अमेज़न को जितना कंटेंट मिला है वो भी नेटफ्लिक्स, डिज़्नी जैसे स्ट्रीमर्स की नींदें उड़ाने के लिए काफ़ी है. क्यूंकि अब अमेज़न और ज्यादा एक्सक्लूसिव कंटेंट के साथ बाकी ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को कड़ी टक्कर देगा. हाल ही में डिज्नी और HBO MAX के हुए मर्जर ने भी कुछ ऐसी ही सनसनी मचाई थी. वैसे तो अमेज़न का स्ट्रीमिंग सर्विस में इस वक़्त सारा ध्यान है लेकिन MGM का केबल चैनल EPIX भी अब अमेज़न की ही प्रोपर्टी है. जो चालू रहेगा या बंद कर दिया जाएगा अभी कहा नहीं जा सकता. इस मेगाडील के बारे में अमेज़न के मालिक जेफ बेज़ोस ने मीडिया से कहा,

“MGM के पास एक लंबी चौड़ी शानदार कंटेंट की लिस्ट है. MGM और अमेज़न का टैलेंटेड स्टाफ़ मिलकर अब उस कंटेंट को 21वीं सदी के लिए दोबारा क्रिएट कर सकते हैं.”

साइलेंट फिल्मों से टॉकीज़, टॉकीज़ से कलर सिनेमा, कलर सिनेमा से आधुनिक 4डी फ़िल्में बनाने वाली मेट्रो गोल्डविन मेयर की क्या थी ख़ासियत और कौन सी हैं MGM की दस सबसे बेहतरीन फिल्में. आइये नज़र डालते हैं.

# शुरुआत

1920 में अमेरिका के कई शहरों में सिनेमाघर चलाने वाले सेठ मार्कस लुइस ने दो बड़ी लेकिन आर्थिक रूप से लड़खड़ाती प्रॉडक्शन कंपनियां खरीदीं. एक मेट्रो पिक्चर्स कारपोरेशन. और दूसरी गोल्डविन पिक्चर्स कारपोरेशन. वो शेर वाला लोगो असल में ‘गोल्डविन पिक्चर्स’ का ही लोगो था, जिसके बारे में आगे बात करेंगे. एक साल बाद मार्कस ने खुद फ़िल्म निर्माण करने का मन बनाया. फ़िल्म निर्माण में उनका अनुभव कम था. जिस कारण उन्होंने फ़िल्म निर्माता लुइस बी मेयर के साथ मीटिंग कर अपनी इस नई प्रॉडक्शन कंपनी का चीफ़ ऑफ़ प्रॉडक्शन बनने का प्रस्ताव दिया. मेयर ने प्रस्ताव मंज़ूर कर लिया और ऐसे 1924 में स्थापना हुई MGM (मेट्रो गोल्डविन मेयर पिक्चर्स) की. जिसे आज हॉलीवुड के टॉप 5 प्रॉडक्शन हाउस में गिना जाता है.

1928 में MGM (मेट्रो गोल्डविन मेयर) ने ही अमेरिका की पहली साउंडट्रैक वाली कलर फ़िल्म ‘द वाइकिंग’ का निर्माण किया था. 1929 में ‘द ब्रॉडवे मैलोडी’ MGM की ऑस्कर जीतने वाली पहली फ़िल्म बनी.

#शेर का फ़ेमस लोगो

MGM कंपनी का लोगो सालों से चर्चा का विषय रहा है. क्यूंकि इसके लोगो और मोंटाज में दिखने वाला शेर कोई एनीमेशन या ग्राफ़िक नहीं है बल्कि असल शेर है. जिसे लेकर सालों से अफ़वाह उड़ती रही है कि इस लोगो में दिख रहे शेर ने फिल्मिंग के बाद अपने ट्रेनर को मार दिया था. तो भैया ऐसा कुछ नहीं है. ज़बरदस्ती बेचारे शेर पर मर्डर चार्ज मत लगाओ. किसी ने किसी को नहीं मारा था. सब कुछ अहिंसापूर्वक हुआ था.

जानकारी के लिए बता दें कि ऐसा नहीं है कि एक बार फ़िल्माया हुआ लोगो ही हर बार इतने सालों से चिपकाया जा रहा है. इस लोगो को अब तक आठ बार अलग-अलग शेरों के साथ फिल्माया गया है. वैसे तो इन शेरों के अलग-अलग नाम हैं. लेकिन इन सबको ‘लियो, द लायन’ बुलाया जाता है. ‘लियो, द लायन’ MGM का ऑफिशियल मैस्कॉट भी है.  असल में तो इन आठ शेरों में सिर्फ एक का ही नाम लियो था. MGM के पहले शेर का नाम था स्लेट. 1916 में स्लेट ने सबसे पहले लोगो में फीचर किया था. ये इकलौता MGM शेर है, जो दहाड़ता नहीं है. 1928 में जैकी नामक शेर ने सबसे पहले MGM के लोगो के लिए दहाड़ लगाई थी. 1957 में लियो नाम के शेर को लेकर आखिरी बार MGM का लोगो बनाया गया था. ये लोगो 1957 में रिलीज़ हुई ‘द सेवेंथ सिन’ में पहली बार इस्तेमाल हुआ था.

MGM के फ़ेमस लोगो में दिखने वाले शेर का नाम 'लीयो द लायन' है. (पिक्चर- मेट्रो गोल्डविन मेयर)
MGM के फ़ेमस लोगो में दिखने वाले शेर का नाम ‘लियो द लायन’ है. (पिक्चर- मेट्रो गोल्डविन मेयर)

अब बात करते हैं इस बैनर तले बनी 10 ऐसी फिल्मों की, जो आपको ज़रूर देखनी चाहिए.

1जेम्स बॉन्ड फ्रेंचाइज़
एक्टर्स – पियर्स ब्रॉसनन, सीन कॉनरी, टिमोथी डाल्टन, डैनियल क्रैग
डायरेक्टर्स- टेरेंस यंग, मार्टिन कैंपबेल, सैम मेंडेस

अमेज़न का जेम्स बॉन्ड फ्रेंचाइज़ पर सिर्फ 50% का ही अधिकार होगा. निर्माता बारबरा ब्रोकॉली और माइकल जी विलसन के पास ही इस फ्रेंचाइज़ से जुड़े फ़ैसले लेने का अधिकार रहेगा और अंतिम निर्णय भी इनका ही माना जाएगा.

बॉन्ड..जेम्स बॉन्ड. एजेंट 007 जेम्स बॉन्ड. जिसके पास ‘लाइसेंस टू किल’ है. इयान फ्लेमिंग का रचा जेम्स बॉन्ड दुनिया का सबसे चर्चित जासूसी किरदार है. फ़िल्में, नॉवेल, कॉमिक्स, कार्टून, वीडियो गेम्स, कार. बॉन्ड नाम से जो जुड़ा, सब चला. सबसे ज्यादा चली फ़िल्में. अभी तक जेम्स बॉन्ड की 25 से ऊपर फ़िल्में आ चुकी हैं. जेम्स बॉन्ड के ऊपर सबसे पहली फ़िल्म बनी थी 1962 में ‘डॉक्टर नो’. इस फ़िल्म में बॉन्ड बने थे सीन कॉनरी. सीन ने ‘फ्रॉम रशिया विथ लव’, ‘गोल्डफिंगर’, ‘थंडरबॉल’, ‘यू ऑनली लिव ट्वाइस’ मिलाकर पहली पांच फ़िल्मों में बॉन्ड का रोल किया. 1969 में अगले बॉन्ड बने जॉर्ज लेज़नबाय. 1971 में ‘डायमंड्स आर फॉरएवर’ में सीन कॉनरी की वापसी हुई. 1973 में ‘लिव एंड लेट डाई’ से रॉजर मूर की बॉन्ड फिल्मों की शुरुआत हुई. मूर ने बतौर बॉन्ड सबसे ज्यादा 7 फ़िल्में की हैं. 1987 में ‘द लिविंग डे लाइट्स’ में अगले जेम्स बॉन्ड के रोल में ढले टिमोथी डाल्टन. 1995 में ‘गोल्डन आय’ के साथ अब तक के सबसे लोकप्रिय जेम्स बॉन्ड आए पियर्स ब्रॉसनन. और 2006 में मॉडर्न एरा बॉन्ड बने डैनियल क्रैग. जिनकी लेटेस्ट फ़िल्म ‘नो टाइम टू डाई’ जल्द रिलीज़ होगी.

 

2.रॉकी एंड क्रीड फ्रेंचाइज़
एक्टर्स-  सिलवेस्टर स्टैलोन, माइकल बी. जॉर्डन
डायरेक्टर्स- जॉन जी एविल्डसन,  सिलवेस्टर स्टैलोन

कहते हैं अगर सिलवेस्टर स्टैलोन की ‘रॉकी’ नहीं आती, तो दुनिया को कभी बॉडी बिल्डिंग का चस्का नहीं लगता. संजय दत्त से लेकर सलमान खान, जॉन सीना से लेकर विन डीजल तक सारे सितारे अपनी बॉडी के पीछे की प्रेरणा स्टैलोन और ‘रॉकी’ को ही बताते हैं. ‘रॉकी’ फ्रेंचाइज़ की अब तक 9 फिल्में आ चुकी हैं. 1976 में इस फ्रेंचाइज़ की शुरुआत हुई थी. कहानी रॉकी बैलबोआ की जो सड़कछाप लड़ाइयां लड़ते-लड़ते ऑस्टिन क्रीड जैसे प्रोफेशनल चैम्प को हराकर नेशनल चैंपियन बनता है. ये कहानी ‘रॉकी 2-3-4-5’ में फ़िल्म दर फ़िल्म आगे बढ़ती रहती है. 2006 में आई ‘रॉकी बैलबोआ’ सिलवेस्टर स्टैलोन की बतौर लीड आखिरी फ़िल्म थी. 2015 में आई ‘क्रीड’ में  रॉकी की कहानी एक नए ढंग से आगे बढ़ती है. अब रॉकी अपने दोस्त ऑस्टिन क्रीड के बेटे डोनी को कोच कर रहा है. यहां से कहानी मुख्य रूप से डोनी क्रीड पर फोकस करती है. 2018 में रिलीज़ हुई ‘क्रीड-2’ में डोनी क्रीड की कहानी और आगे बढती है. ‘क्रीड-3’ 2022 में रिलीज़ होगी, जो शायद इस सीरीज की आखिरी फ़िल्म साबित हो.

3.रेजिंग बुल
एक्टर्स-  रोबर्ट डी नीरो, जो पेस्की
डायरेक्टर-मार्टिन स्कोर्सेसे

1980 में रिलीज़ हुई ये फ़िल्म इटालियन-अमेरिकन बॉक्सर जैक लेमोट की कहानी है. फ़िल्म में जैक लेमोट का रोल रोबर्ट डी नीरो ने किया था. फ़िल्म के निर्देशक हैं मार्टिन स्कोर्सेसे. फ़िल्म की बेहतरीन एडिटिंग और रोबर्ट की अदाकारी की लोगों ने खूब तारीफ़ की थी. मगर फ़िल्म में दिखाई गई अत्यधिक हिंसा की वजह से मार्टिन को कुछ क्रिटिक्स ने उस वक़्त फटकारा भी था. फ़िल्म बॉक्सऑफिस पर तो उतनी ख़ास नहीं चल पाई थी लेकिन आज इस फ़िल्म को लोग मार्टिन स्कोर्सेसे की बेस्ट फ़िल्म मानते हैं.

4. 2001:अ स्पेस ओडिसी
एक्टर्स – किर डुला,  गैरी लोकवुड
डायरेक्टर- स्टेनली क्युब्रिक

1968 में रिलीज़ हुई ये फ़िल्म उस दौर की सबसे आधुनिक फ़िल्म है. इस फ़िल्म ने उस वक़्त का ट्रेंड ब्रेक करते हुए साइंस फिक्शन जॉनर की शुरुआत की. ये कहानी नील आर्मस्ट्रोंग के मून पर जाने से पहले की है. ये मूवी आप आज देखेंगे, तब भी ऐसा नहीं लगेगा कि ये फ़िल्म लगभग 53 साल पुरानी है. फ़िल्म में कहानी अर्ली मैन के टाइम से लेकर फ्यूचर में साइंस कितनी तरक्की करेगा, उस पर फोकस करती है. उस वक़्त  2001 फ्यूचर था.

5. डॉक्टर ज़िवागो

एक्टर-जूली क्रिस्टी, टॉम कोर्टनी,  उमर शरीफ़
डायरेक्टर- डेविड लीन

‘डॉक्टर ज़िवागो’ 1957 में रिलीज़ हुई बोरिस पास्तेरनाक की नॉवेल पर बेस्ड है. ये कहानी वर्ल्ड वॉर के बैकड्राप पर बनी है. कहानी युरी ज़िवागो’ नाम के एक डॉक्टर की है, जिसके पिता ने बचपन में आत्महत्या कर ली थी. जिसके बाद उसके अंकल और आंटी ने उसे पाला. युरी को लारा नाम की लड़की के साथ प्यार हो जाता है. लेकिन लारा युरी को नहीं, अपनी मां के प्रेमी विक्टर को पसंद करती है. खैर, युरी की शादी उसकी कज़िन टोनया से करा दी जाती है. लेकिन जब सालों बाद युरी और लारा एक दूसरे को देखते हैं, तो प्रेम में पड़ जाते हैं.

6.बेन-हर
एक्टर- चार्लटॉन हेस्टन, स्टीफन बॉयड,  जैक हॉकिन्स
डायरेक्टर – विलियम वायलर

ये कहानी है बेन-हर नाम के ज्यू प्रिंस की, जिसे उसका रोमन दोस्त धोखा देकर गुलाम बनवा देता है. पांच साल बाद बेन गुलामी से आज़ाद होकर अपने पांच सालों की क़ैद का बदला लेता है. 1959 में रिलीज़ हुई ‘बेन-हर’ उस वक़्त की सबसे महंगी फ़िल्म थी. ये फ़िल्म 1925 में रिलीज़ हुई सेम नाम की साइलेंट फ़िल्म का रीमेक थी. फ़िल्म का मूल आईडिया ल्यू वैलेस के 1880 में प्रकाशित नॉवेल ‘बेन हर: अ टेल ऑफ़ दी कास्ट’ से लिया गया था. ‘बेन हर’ को बेस्ट पिक्चर, बेस्ट डायरेक्टर मिलाकर रिकॉर्ड 11 ऑस्कर मिले थे. 2016 में ‘बेन हर’ को एक बार फ़िर रीमेक किया गया. इस फ़िल्म में मॉर्गन फ्रीमन थे. हालांकि इस फ़िल्म को सन 59 की ‘बेन हर’ जितनी तवज्जो नहीं मिली और फ़िल्म पिट गई.

7.रोबोकॉप फ्रेंचाइज़
एक्टर्स- पीटर वेलर,रॉनी कॉक्स, कर्टवुड स्मिथ, मिगुएल फेरर
डायरेक्टर- पॉल वेरहोवेन

रोबोकॉप फ्रेंचाइज़ की अब तक चार फ़िल्में आ चुकी हैं. पहली फ़िल्म 1987 में आई थी. आखिरी फ़िल्म 2014 में रिलीज़ हुई थी. मेकर्स के मुताबिक़ आने वाले सालों में और भी फ़िल्में इस फ्रेंचाइज़ में जुड़ेंगी. कहानी शुरू हुई थी डेट्रायट शहर से. जहां क्राइम रेट तेज़ी से बढ़ रहा था. लोकल गैंग्स का आतंक फैला हुआ था. ऐसे में वहां दो नए पुलिस वालों का ट्रांसफ़र होता है. एलेक्स मर्फी और एन्नी लुईस. दोनों लोकल गैंग्स से भिड़ने लगते हैं. ऐसी ही एक मुठभेड़ में कई गुंडे मिलकर मर्फी को बेतहाशा मारते हैं. शरीर की एक-एक हड्डी तोड़ कर सर में गोली मार कर चले जाते हैं. मर्फी के शरीर को कंप्यूटर साइंटिस्ट बॉब मोर्टन अपनी प्रयोगशाला में ले जाते हैं. जहां वो मर्फी के शरीर को स्टील का बना देते हैं और दिमाग को कंप्यूटिंग मशीन में तब्दील कर देते हैं. साथ ही दुनिया का हर आधुनिक हथियार मर्फी की बॉडी में फिट कर दिया जाता है. ऐसे एक आम पुलिसवाला एलेक्स मर्फी रोबोकॉप बन जाता है. हिंदी कॉमिक्स पढ़ने वालों को शायद याद आए, राज कॉमिक्स के इंस्पेक्टर स्टील का करैक्टर असल में रोबोकोप से ही प्रेरित था.

8.हरक्युलिस
एक्टर-ड्वेन ‘द रॉक’ जॉनसन, आयन मैकशेन
डायरेक्टर-ब्रेट रैटनर

2014 में रिलीज़ हुई ये फ़िल्म ग्रीक गॉड ज़ीयस के बेटे गॉड ऑफ़ स्ट्रेंथ हरक्युलिस की कहानी है. फ़िल्म मुख्य रूप से हरक्युलिस ने कैसे थ्रेस के राजा के मदद मांगने पर उनकी सेना में शामिल होकर उनके दुश्मनों को हराया था उस पर केंद्रित है. ‘हरक्युलिस’ उस साल बॉक्स ऑफिस पर ज़बरदस्त हिट हुई थी. फ़िल्म में ड्वेन की अदाकारी की भी खूब तारीफ़ हुई थी.

9. द हॉबिट ट्रायलोजी
एक्टर- इयान मैकेलेन, मार्टिन फ्रीमैन
डायरेक्टर-पीटर जैक्सन

‘हॉबिट’ जे.आर.आर. टोल्किनर की नॉवेल का किरदार है. ‘हॉबिट’ करैक्टर ‘लार्ड ऑफ़ द रिंग्स’ में सबसे पहले फ़ीचर हुआ था. इन फ़िल्मों में इस किरदार को खूब पसंद किया गया. 2012 में ‘हॉबिट’ ट्रायलोजी की पहली फ़िल्म ‘द हॉबिट: एन अनएक्सपेक्टेड जर्नी’ आई. 2013 में ‘द हॉबिट : द डिजोलेशन ऑफ़ स्मॉग’ रिलीज़ हुई, और 2014 में रिलीज़ हुई ‘द हॉबिट: द बैटल ऑफ़ दी फाइव आर्मीज़’. एक तरीके से ये फ़िल्में ‘लार्ड ऑफ़ द रिंग्स’ का प्रीक्वल हैं.

10. 12 एंग्री मैन
एक्टर –मार्टिन बलसम,जॉन फिडलर
डायरेक्टर – सिडनी लुमेट

1957 में रिलीज़ हुई इस फ़िल्म की गिनती विश्व की टॉप फ़िल्मों में होती है. घंटो के कोर्टरूम ड्रामा में आप ऐसे इन्वोल्व हो जाते हैं कि समय का मालूम ही नहीं पड़ता है. कहानी शुरू होती है एक 18 साल के लड़के पर अपने ही पिता की चाक़ू घोंप कर हत्या करने का आरोप लगा है. केस अदालत में आया है. जहां 12 ज्यूरी मेंबर्स को आपसी सहमती से एकमत में ये फ़ैसला लेना है कि लड़का बेकसूर है या कसूरवार है. ऐसे में 11 लोग चंद मिनटों में ही लड़के को कसूरवार ठहरा कर अपने घर लौट जाने को बेताब हैं वहीं एक व्यक्ति बाकीयों से असहमत है और फ़ैसला देने से पहले वो केस के हर पहलु पर गंभीरता से बात करना चाहता है. धीरे-धीरे ये व्यक्ति अपनी मजबूत दलीलों से केस का पलड़ा लड़के के पक्ष में झुकाने लगता है और एक वक़्त ऐसा जाता है कि अब 11 लोग लड़के को बेकसूर मान रहे हैं और सिर्फ एक व्यक्ति है जो अब भी लड़के को कसूरवार ठहराने में अड़ा हुआ है. बाद में पता चलता है ये व्यक्ति दरअसल अपनी निजी जिंदगी में अपने बेटे से खराब ताल्लुकात के चलते ऐसा कर रहा है.

1986 में बासु चैटरजी ने इस फ़िल्म का रीमेक बनाया था. फ़िल्म का नाम था ‘एक रुका हुआ फ़ैसला’. फ़िल्म की मूल कहानी सेम ही रखी गई थी. बस कुछ जगहों पर अमरीका के हालातों को हटाकर उस वक़्त के भारत के हालात जोड़ दिए गए थे. फ़िल्म में पंकज कपूर, अनु कपूर जैसे बेहतरीन कलाकारों का लाजवाब काम है.

#स्पेशल मेंशन

टॉम एंड जेरी
डायरेक्टर- विलियम हैना, टॉम रे, बेन वाश्म
राइटर-विलियम हैना, बॉब ओग्ल, जॉन वी डन

दुनिया का सबसे लोकप्रिय कार्टून शो ‘टॉम एडं जेरी’ भी MGM के बैनर तले ही बना है. 1940 में विलियम हैना और जोसफ़ बार्बरा ने मिलकर टॉम एंड जेरी के किरदार रचे थे. 1940 से 1958 के बीच 114 टॉम एंड जेरी शार्टफ़िल्म्स बनीं. इन सालों में ‘टॉम एंड जेरी ‘ फ़िल्मों को सात बार बेस्ट एनीमेशन फ़िल्म का ऑस्कर अवार्ड मिला. 1982 में मीडिया टाइकून टेड टर्नर ने MGM को खरीद कर ‘टॉम एंड जेरी’ के राइट्स वॉर्नर ब्रदर्स को बेच दिए थे. जिसके तहत अब ये शो वार्नर ब्रदर्स की प्रॉपर्टी है. लेकिन ये तथ्य भी कोई नहीं झुठला सकता कि MGM के अंडर बने ‘टॉम एंड जेरी’ शोज़ को आज भी बेस्ट माना जाता है.


ये स्टोरी दी लल्लनटॉप में इंटर्नशिप कर रहे शुभम ने लिखी है.


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