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मूवी रिव्यू - स्पाइडरमैन: नो वे होम

‘झामफाड़’, ‘जाबड़’, ‘बवाल’….. ऐसे जितने भी विशेषण इस्तेमाल कर लीजिए, ‘स्पाइडरमैन: नो वे होम’ के लिए कम ही हैं. बात ऐसी है कि अपन ने फर्स्ट डे, फर्स्ट शो देख डाला है, और इसलिए अब आपके लिए लेकर आया हूं एक स्पॉइलर फ्री रिव्यू. ये रिव्यू पूरी तरह स्पॉइलर फ्री है, क्योंकि मैं ऐसा शख्स हूं जिसने थिएटर में बगल सीट पर बैठे बंदे को इंस्टाग्राम स्टोरी बनाने से रोक लिया था, कि भाई काहे को किसी के लिए फिल्म खराब कर रहे हो.

फिल्म बिल्कुल ‘स्पाइडरमैन: फार फ्रॉम होम’ के एंड से शुरू होती है. मिस्टीरियो पूरी दुनिया को बता देता है कि पीटर पार्कर ही स्पाइडरमैन है. उस पर मिस्टीरियो को मारने का भी आरोप है, इसलिए पुलिस पीछे पड़ी है. उधर, पर्सनल लाइफ भी उथल-पुथल हो जाती है. पीटर अचानक से पूरी दुनिया का सबसे फेमस इंसान बन जाता है. अपनी लाइफ के इस लोचे को रिवर्स करना चाहता है, इसलिए पहुंचता है सीधा डॉक्टर स्ट्रेन्ज के पास. डॉक्टर स्ट्रेन्ज एक स्पेल कास्ट करता है, ताकि पूरी दुनिया भूल जाए कि गंगाधर ही शक्तिमान है. यानी पीटर की पहचान पूरी तरह गायब हो जाए. स्पेल के दौरान पीटर की बेवकूफी के चलते काम बिगड़ जाता है. फिर जो घटता है, वो आपको सीट के एज पर रखता है, मतलब मुझे तो रखा था.

पीटर अचानक से पूरी दुनिया का सबसे फेमस इंसान बन जाता है
फिल्म अपने बिल्डअप को ज्यादा समय नहीं देती.

फिल्म जो प्रॉमिस करके अपनी ऑडियंस को थिएटर तक बुलाती है, उसे कभी नहीं भूलती. ट्रेलर और बाकी फुटेज देखकर आपने जो एक्सपेक्ट किया था, फिल्म जल्दी से जल्दी उस पार्ट तक पहुंचने की कोशिश करती है. इसलिए पेस के मामले में सब कट-टू-कट चलता है. लगातार आते एक्शन सीक्वेंसेज़ आपका अटेंशन बंटने नहीं देते. बाकी उससे ऊपर किसी भी पॉइंट पर बात करना समझदारी नहीं होगी.

अब बात करते हैं फिल्म के स्पाइडरमैन की. टॉम वाले स्पाइडरमैन को अब तक का सबसे एज एप्रोप्रिएट स्पाइडरमैन कहा जाता है. यानी ऐसा एक्टर, जो असली स्पाइडरमैन की उम्र जितना दिखता भी है. टॉम वाला स्पाइडरमैन परफेक्ट नहीं, न ही रफ एंड टफ किस्म का हीरो है. उस मास्क के नीचे वो बस एक नॉर्मल टीनेजर है, जो एक नॉर्मल सी लाइफ जीने की तमन्ना रखता है. जिसे अपने कॉलेज एडमिशन की चिंता सता रही है. जिसे समझ नहीं आता कि अपने दोस्तों और आंटी मे को कैसे बचाएगा, जब पूरी दुनिया उसके पीछे पड़ी है. आम तौर पर सुपरहीरो फिल्मों में एक्टिंग रिच किरदारों की कमी दिखती है. लेकिन टॉम को जितना स्पेस मिला है, वो अपना काम सही से कर जाते हैं. वो डरा, सहमा लड़का जिसके पीछे पूरी दुनिया पड़ी है और उसके पास अपनी समस्याओं का कोई जवाब नहीं. टॉम को एक अच्छे स्पाइडरमैन के तौर पर याद रखा जाएगा.

लेकिन टॉम को जितना स्पेस मिला है, वो अपना काम सही से कर जाते हैं
फिल्म के बाद टॉम को एक अच्छे स्पाइडरमैन के तौर पर याद रखा जाएगा.

बाकी ज्यादातर मार्वल फिल्मों की तरह यहां भी ईस्टर एग्स यानी रेफ्रेंसेज़ भरे हुए हैं. जैसे फ्लैश थॉमसन अपनी एक बुक छापता है, फ्लैशपॉइंट के नाम से. अगर आपने डीसी कॉमिक्स को फॉलो किया है, तो समझ जाएंगे कि यहां फ्लैशपॉइंट का क्या मतलब है. फिल्म के ट्रेलर में हम गॉब्लिन को देख चुके हैं, अपने ग्रीन सूट में. लेकिन यहां हमें नॉरमन ऑज़बोर्न पर्पल स्वेटशर्ट में दिखाई देता है. यहां पॉइंट आउट कर दूं कि कॉमिक्स में गॉब्लिन पर्पल कॉस्ट्यूम पहनता है. बाकी रेफ्रेंसेज़ पर बात करना अभी सही नहीं होगा.

मार्वल की फिल्में ट्रैजिक से ट्रैजिक सिचुएशन में भी अपना ह्यूमर ढूंढ लेती है. जैसे ये एक स्टैंडर्ड प्रैक्टिस बन गई हो. ‘नो वे होम’ में भी आपको मार्वल किस्म का ह्यूमर देखने को मिलेगा. बाकी फिल्म के एक्शन सीक्वेंस तो ज़िंदाबाद हैं ही, वीएफएक्स ऐसे कि आप बस देखते रह जाते हो कि चल क्या रहा है. ट्रेलर में डॉक्टर स्ट्रेन्ज और स्पाइडरमैन के बीच के एक्शन सीन की झलक हम देख चुके हैं. वो सीन आगे जाकर किस लेवल का हो जाता है, उसका मज़ा आपको थिएटर में ही आएगा. बाकी फिल्म का क्लाइमैक्स तो है ही, एकदम ‘एंडगेम’ लेवल का. फिल्म के डायरेक्टर जॉन वॉट्स अपने कई इंटरव्यूज़ में कह चुके हैं कि ये स्पाइडरमैन के लिहाज़ से ‘एंडगेम’ लेवल की फिल्म है. फिल्म देखते वक्त हर मोमेंट पर ये बात सही साबित होती है.

नो वे होम
नॉस्टैल्जिया वैल्यू फिल्म का सबसे स्ट्रॉन्ग पॉइंट है.

‘नो वे होम’ स्पाइडरमैन की अब तक की सबसे बड़ी फिल्म है. इसलिए जो एक्सपेक्ट करना चाहें, कर लीजिए, निराश नहीं होंगे. ये दुनिया बदलने वाली फिल्म नहीं, लेकिन एंटरटेनमेंट के लिहाज़ से यहां कोई कंजूसी नहीं दिखती. और हां, थिएटर में घुसने से पहले गर्म पानी पीकर जाइएगा, क्योंकि हूटिंग करने के अनगिनत मौके मिलेंगे.


वीडियो: कैसी है डॉक्टर स्ट्रेन्ज वाले बेनेडिक्ट की नई फिल्म?

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