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दुनियाभर की नई और अच्छी फिल्में देखनी है, तो अड्डा हम बता रहे हैं

मुंबई फिल्म फेस्टिवल शुरू हो गया है. मामी (MAMI- Mumbai Academy of Moving Image)के नाम से मशहूर इस फिल्म फेस्ट का ये 19वां एडिशन है. इसमें दुनियाभर के तमाम जॉनर के फिल्मों की स्क्रीनिंग की जाती है. मुंबई में 12 से 18 अक्टूबर तक चलने वाले इस इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में 18 स्क्रीन्स पर कुल 200 फिल्में दिखाई जाएंगी. इस साल अनुराग कश्यप डायरेक्टेड फिल्म ‘मुक्काबाज’ इस फेस्टिवल की ओपनिंग फिल्म थी. इसके अलावा  MAMI में जेनिफर लॉरेंस की ‘मदर’, रूसी फिल्म ‘लवलेस’, मराठी फिल्म ‘उबुंटू’, और ईरानी फिल्म ’24 फ्रेम्स’ जैसी फिल्में भी दिखाई जाएंगी.  हम आज आपको वहां प्रदर्शित होने वाली छह भारतीय फिल्मों के बारे बताएंगे. पर उससे पहले मामी के बारे में थोड़ा जान लेते हैं.

MAMI फिल्म फेस्टिवल 1997 से आयोजित किया जाता रहा है
MAMI फिल्म फेस्टिवल 1997 से आयोजित किया जाता रहा है

मशहूर फिल्म डायरेक्टर ह्रषिकेश मुखर्जी ने शुरू की थी MAMI ट्रस्ट

इंडिपेंडेंट, पैरलल और देश-विदेश की अच्छी फिल्मों को फिल्ममेकर्स और यूथ के बीच पहुंचाने के मकसद से 1997 में MAMI नाम का नॉन प्रॉफिट ट्रस्ट बनाया गया. इसे बनाने वाले लोगों में हृषिकेश मुखर्जी और उनके दोस्त भी थे.

इंडिपेंडेंट सिनेमा मतलब बिना किसी बड़े प्रॉडक्शन हाउस की मदद के बनी छोटे बजट की फिल्में. और पैरलल सिनेमा यानी मेनस्ट्रीम मसाला फिल्मों और चमक-धमक से इतर कहानी, कथ्य और शिल्प केंद्रित फिल्में.

उस ट्रस्ट की मदद से मुंबई फिल्म फेस्टिवल का आयोजन शुरू किया गया,फिलहाल इस ट्रस्ट के चेयरमैन फिल्ममेकर और एक्टर आमिर खान की पत्नी किरन राव हैं.

MAMI ट्रस्ट के संस्थापक ह्रषिकेश मुखर्जी और ट्रस्ट की चेयरमैन किरन राव.
MAMI ट्रस्ट के संस्थापक ह्रषिकेश मुखर्जी और ट्रस्ट की चेयरमैन किरन राव.

19वें मुंबई फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित होने वाली भारतीय फिल्में

1. ‘सॉंग ऑफ़ स्कॉर्पियंस’ (Song of Scorpions)

डायरेक्टर- अनूप सिंह
कलाकार- इऱफान ख़ान, गोलशिफ्तेह फरहानी, वहीदा रहमान

राजस्थान के बैकड्रॉप में बनी ये फिल्म एक लव स्टोरी है. फिल्म में इऱफान (आदम) एक ऊंट व्यापारी बने हैं, वहीं ईरानी एक्टर गोलशिफ्तेह (नूरां) बिच्छू के जहर से झाड़-फूंक करने वाली के किरदार में हैं. आदम को नूरां से प्यार हो जाता है. नूरां अभी अपने झाड़-फूंक वाले गेम में उतनी स्ट्रॉन्ग नहीं हुई है, जितना वो अपनी दादी (वहीदा रहमान) से सीखकर हो जाना चाहती है.  ये फिल्म स्विट्ज़रलैंड बेस्ड डायरेक्टर अनूप सिंह की तीसरी फ़िचर फिल्म है. इससे पहले उन्होंने ‘एकती नादिर नाम’ नाम की बंगाली और इऱफान के साथ ही ‘किस्सा’ नाम की पंजाबी फिल्म बनाई थी.

'सॉन्ग ऑफ स्कॉरपियंस' के एक सीन में इरफान.
‘सॉंग ऑफ़ स्कॉर्पियंस’ के एक सीन में इरफान.

2. ‘ज़ू’ (Zoo)

डायरेक्टर- श्लोक शर्मा
कलाकार- श्वेता त्रिपाठी, शशांक अरोड़ा

मुंबई में रह रहे यंगस्टर्स के बारे में बताती इस फिल्म में हमें तीन कहानियां देखने को मिलेंगी. एक कहानी है एशिया के सबसे बड़े और मुंबई में बसे स्लम धारावी से आने वाले दो रैपर्स की. जो एक दिन कुछ बड़ा करने का सपना रखते हैं. दूसरी कहानी है एक नौजवान लड़के की जो कॉफी शॉप चलाता है. साथ में ड्रग्स का धंधा भी करता है. तीसरी कहानी है एक टीनएज लड़की की, जो पिछले तीन महीने से अपने फ्लैट से बाहर नहीं निकली है. उसे लगता है कि अपने दोस्तों की मौत की जिम्मेदार वो खुद है. इन तीनों ही कहानियों के किरदार अपनी ज़िंदगियों में उलझे हुए हैं. अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं. ये फिल्म श्लोक शर्मा ने बनाई है, जिन्होंने इससे पहले नवाजुद्दीन के साथ ‘हरामखोर’ बनाई थी.

फिल्म के एक सीन में श्वेता त्रिपाठी.
फिल्म के एक सीन में श्वेता त्रिपाठी.

3.’ एस दुर्गा’ (S Durga)

डायरेक्टर- सनल कुमार ससिधरन
कलाकार- राजश्री देशपांडे, कनन नायर

ये कहानी है केरल के पितृसत्तात्मक समाज के भुक्तभोगियों के बारे में. एक नॉर्थ इंडियन लड़का एक साऊथ इंडियन लड़की से शादी करना चाहता है. लड़की की सोसाईटी में उसे इतना भी अधिकार नहीं है कि वो अपने मनपसंद लड़के से शादी कर सके. इसलिए वो भागकर शादी करने निकलते हैं. घर से स्टेशन तक पहुंचने के दौरान उन्हें मेल डॉमिनेटेड सोसाईटी का जो चेहरा दिखता है, वही इस फिल्म की कहानी है. इस फिल्म का नाम पहले ‘सेक्सी दुर्गा’ था, जिसे सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की आपत्ति पर बदल कर ‘एस दुर्गा’ कर दिया गया. मलयाली डायरेक्टर सनल कुमार ससिधरन ने ये फिल्म बिना किसी स्क्रिप्ट के बनाई है.

फिल्म का एक सीन.
फिल्म का एक सीन.

4. ‘अज्जी’ ( Ajji)

डायरेक्टर- देवाशिश मखिजा
कलाकार- सुशमा देशपांडे, स्मिता तांबे, शरवानी सूर्यवंशी

ये फिल्म एक रिवेंज ड्रामा है. रियल एस्टेट का एक आदमी नौ साल की बच्ची का रेप कर उसे कूड़े में फेंक देता है. उस बच्ची की दादी (दादी को भारत में कई जगहों पर अज्जी भी कहा जाता है) उस आदमी को ढूंढ़ निकालने की कसम खाती है. अंत में उससे बदला ले लेती है. ये सब वो बूढ़ी औरत कैसे करती है, यही इस फिल्म की कहानी है. इस फिल्म को बनाया है देवाशिश मखिजा ने, जो इससे पहले बतौर राइटर और रिसर्चर अनुराग कश्यप के साथ काम कर चुके हैं. ये उनकी पहली फ़िचर फिल्म है.

फिल्म अज्जी का एक सीन.
फिल्म अज्जी का एक सीन.

5. ‘इन द शैडोज़’ (In The Shadows)

डायरेक्टर- दीपेश जैन
कलाकार- मनोज बाजपेयी, नीरज कबी, रनवीर शोरे, शहाना गोस्वामी

‘इन द शैडोज़’ एक साइको ड्रामा है. एक आदमी है जो अपने दिमाग और आसपास की चारदीवारी में कैद है. अपने आप से ही लड़ रहा है. वो सभी मानवीय मूल्यों, जुड़ावों से दूर हो जाना चाहता है.  वो कैसे इससे लड़ता है? क्या कुछ सच उसके सामने आता है? इन सवालों के लिए आपको भी फिल्म देखनी पड़ेगी और हमको भी. फिल्म का बैकड्रॉप है पुरानी दिल्ली. ये फिल्म डायरेक्ट की है लॉस एंजेलिस बेस्ड फिल्ममेकर दीपेश जैन ने.

इन द शैडोज़ का एक सीन.
‘इन द शैडोज़’ का एक सीन.

 6. ‘ओमर्टा’ (Omerta) 

डायरेक्टर- हंसल मेहता
कलाकार- राजकुमार राव

ये फिल्म ब्रिटेन में जन्में आतंकवादी अहमद उमर सईद शेख की ज़िन्दगी पर बेस्ड है. अहमद पर 2002 में वॉल स्ट्रीट के रिपोर्टर डैनियल पर्ल का किडनैप कर उनका मर्डर कर देने का आरोप था. इसके अलावा उनके कई आतंकी इस्लामिक संगठनों से भी ताल्लुकात होने की बात सामने आई थी. इस फिल्म के डायरेक्टर हंसल मेहता इससे पहले भी राजकुमार राव के साथ ‘शाहिद’ और ‘अलीगढ़’ जैसी फिल्में बना चुके हैं. ‘ओमर्टा’ इस साल MAMI की क्लोज़िंग फिल्म होगी यानी फेस्ट जाने वाली आखिरी फिल्म होगी.

फिल्म ओमर्टा के एक सीन में राजकुमार राव
फिल्म ओमर्टा के एक सीन में राजकुमार राव

वीडियो देखें:

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