Submit your post

Follow Us

ये वीडियो अपनी मम्मी को मत दिखाना

बहुत ज्यादा फोन में बिजी रहते हो? रात दिन, उठते बैठते, खाते सोते, बस भटसप, नोटिफिकेशन, इंस्टाग्राम में खर्च हो रहे हो. तो तुमई हालत भी अइसी हो सकती है. बस मम्मी को इस लेवल का गुस्सा आने की देर है.

अब देखो वो वीडियो जिसका लालच देकर हम आपको यहां तक लाए हैं. इसमें एक मम्मी जी हैं. अपने बेटे की फुनिया लत से हलकान. बड़ी सी बंदूक हाथ में लिए खड़ी हैं. पेड़ के ठूंठ पर आईफोन रखा. धांय. एक ही गोली में उसके जीवाश्म धरा पर लोट रहे.

इतने भर से काम नहीं हुआ. गुस्सा कम नहीं हुआ. तो हथौड़े से मार मार कर उस फोन की मैयत उठा दी. इसीलिए कहे थे मम्मी को मत दिखाना. नहीं तो आपका प्यारा फोन या लैपटॉप. जिसमें घुसे ये वीडियो देख रहे हो. इसकी सिर्फ यादें रह जाएंगी.

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

10 नंबरी

इबारत : शरद जोशी की वो 10 बातें जिनके बिना व्यंग्य अधूरा है

आज शरद जोशी का जन्मदिन है.

इबारत : सुमित्रानंदन पंत, वो कवि जिसे पैदा होते ही मरा समझ लिया था परिवार ने!

इनकी सबसे प्रभावी और मशहूर रचनाओं से ये हिस्से आप भी पढ़िए

गिरीश कर्नाड और विजय तेंडुलकर के लिखे वो 15 डायलॉग, जो ख़ज़ाने से कम नहीं!

आज गिरीश कर्नाड का जन्मदिन और विजय तेंडुलकर की बरसी है.

पाताल लोक की वो 12 बातें जिसके चलते इस सीरीज़ को देखे बिन नहीं रह पाएंगे

'जिसे मैंने मुसलमान तक नहीं बनने दिया, आप लोगों ने उसे जिहादी बना दिया.'

ऑनलाइन देखें वो 18 फ़िल्में जो अक्षय कुमार, अजय देवगन जैसे स्टार्स की फेवरेट हैं

'मेरी मूवी लिस्ट' में आज की रेकमेंडेशन है अक्षय, अजय, रणवीर सिंह, आयुष्मान, ऋतिक रोशन, अर्जुन कपूर, काजोल जैसे एक्टर्स की.

कैरीमिनाटी का वीडियो हटने पर भुवन बाम, हर्ष बेनीवाल और आशीष चंचलानी क्या कह रहे?

कैरी के सपोर्ट में को 'शक्तिमान' मुकेश खन्ना भी उतर आए हैं.

वो देश, जहां मिलिट्री सर्विस अनिवार्य है

क्या भारत में ऐसा होने जा रहा है?

'हासिल' के ये 10 डायलॉग आपको इरफ़ान का वो ज़माना याद दिला देंगे

17 साल पहले रिलीज़ हुई इस फ़िल्म ने ज़लज़ला ला दिया था

4 फील गुड फ़िल्में जो ऑनलाइन देखने के बाद दूसरों को भी दिखाते फिरेंगे

'मेरी मूवी लिस्ट' में आज की रेकमेंडेशंस हमारी साथी स्वाति ने दी हैं.

आर. के. नारायण, जिनका लिखा 'मालगुडी डेज़' हम सबका नॉस्टैल्जिया बन गया

स्वामी और उसके दोस्तों को देखते ही बचपन याद आता है